अंतरराष्ट्रीय

दुनिया की सबसे लंबी महिला के ख्वाबों में आता है ये मर्द, 1 दिन करना चाहती है अकेले में मुलाकात
15-Oct-2021 12:49 PM (56)

गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स में ऐसे लोगों का नाम शामिल किया जाता है, जो किसी चीज में बेहद अलग होते हैं. ये खासियत जन्म से या अपने टैलेंट की वजह से लोगों के अंदर आता है. सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से रूमेसा का नाम छाया हुआ है. हो भी क्यों ना? रूमेसा का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स में दुनिया की सबसे लंबी महिला के रुप में दर्ज किया गया है. अब रूमेसा ने बताया कि उसकी जिंदगी का सबसे बड़ा सपना क्या है.

रूमेसा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उसका सपना है दुनिया के सबसे लंबे मर्द से मिलना वो उससे मिलने के लिए उत्साहित है. 24 साल की रूमेसा तुर्की के करबुक प्रांत में रहती है. उसकी लंबाई 7 फीट 0.7 इंच नापी गई है. गिनीज बुक ऑफ़ रिकार्ड्स ने रूमेसा का नाम सबसे लंबी जिंदा महिला के तौर पर दर्ज किया है. दरअसल, रूमेसा को एक बेहद रेयर जेनेटिक डिसऑर्डर है. इसका नाम वीवर सिंड्रोम है. इसकी वजह से रूमेसा की हाइट आम महिला से काफी ज्यादा है. इस टाइटल से पहले 2014 में उसका नाम दुनिया की सबसे लंबी टीनएजर के तौर पर दर्ज किया गया था.

खड़े होने के लिए लेना पड़ता है सहारा
अपनी लाइफ से जुड़ी कई बातें रूमेसा ने शेयर की. उसने बताया कि अपनी हाइट के कारण उसे लोगों से काफी बातें सुनने को मिली. पब्लिक में लोग उसे घूरकर देखते हैं. बचपन में उसे काफी ताने सुनाए गए. लेकिन उसने अपनी इस कमी को अपनी खासियत बना ली. अब वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के बाद रूमेसा ने बताया कि उसकी जिंदगी का एक ख़ास सपना क्या है? दरअसल, रूमेसा दुनिया के सबसे लंबे शख्स से मिलना चाहती है. ये शासक भी तुर्की का ही रहने वाला है. सुल्तान कोसेन की हाइट 8 फुट 2.8 इंच है. सुल्तान के नाम दुनिया के सबसे लम्बे मर्द का रिकॉर्ड दर्ज है.

रूमेसा ने बताया कि वो एक दिन सुल्तान से पर्सनली मिलना चाहती है. चूंकि, दोनों एक ही देश में रहते हैं, ऐसे में उम्मीद है दोनों की मुलाक़ात जल्द होगी. इस मीटिंग को लेकर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स के एडिटर इन चीफ क्रैग ग्लेंडे ने कहा कि ये मीटिंग काफी ख़ास होगी. वो भी इसका इन्तजार कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि दुनिया में सबसे लंबी महिला का खिताब काफी कम ही बदलता है. ऐसे में उम्मीद है कि रूमेसा इस रिकॉर्ड बुक में लंबे समय तक रहेगी. (news18.com)

सिर पर सैकड़ों अंडे रखकर 3 दिन तक रहा शख्स, बना डाला अजीबोगरीब रिकॉर्ड
15-Oct-2021 12:47 PM (44)

दुनिया में एक से बढ़कर एक अजीबोगरीब रिकॉर्ड्स बनते हैं, जिनके बारे में सुनकर कोई भी हक्का-बक्का रह जाए. एक ऐसा ही रिकॉर्ड बनाया है पश्चिम अफ्रीका के ग्रेगरी द सिल्वा ने. उन्होंने अपने सिर पर रखी हैट के ऊपर कुल 734 अंडों को 3 दिन तक बैलेंस किया और अपने नाम कर लिया एक ऐसा रिकॉर्ड, जो किसी ने शायद ही पहले कभी सुना हो.

आमतौर पर अंडे बाज़ार से घर तक लाने में ही लोगों को काफी सावधानी बरतनी पड़ती है, ताकि वो कहीं फूट न जाएं. ऐसे में इस शख्स ने जिस तरह 700 से ज्यादा अंडे अपनी हैट पर रखकर इन्हें बैलेंस किया है, वो वाकई कमाल है. ग्रेगरी डा सिल्वा के इस रिकॉर्ड को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने खुद कंफर्म किया है और उनका एक वीडियो भी अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम पेज से शेयर किया है.

Hat पर करीब 1 मीटर ऊंचाई तक रखे थे अंडे
इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर करते हुए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की ओर से लिखा गया – ‘ग्रेगरी डा सिल्वा ने एक हैट पर सबसे ज्यादा 735 अंडे रखने का रिकॉर्ड बनाया.’ ग्रेगरी पश्चिम अफ्रीका के बेनिन में रहते हैं और उन्होंने चीन में सीसीटीवी चैनल पर GWR के एक खास शो में अपना टैलेंट दिखाया. वे 3 दिन तक अपनी हैट पर 735 अंडे रखे हुए थे. इनकी ऊंचाई करीब 1 मीटर थी. उन्होंने जिस तरह से इतने सारे अंडों को एक हैट पर बैलेंस कर रखा था, वो अविश्वसनीय था.

ग्रेगरी हैं अफ्रीका के Eggman
अपनी अद्भुत बैलेंसिंग टेक्निक की वजह से ग्रेगरी पूरे अफ्रीका में मशहूर हैं. उन्हें Eggman के नाम से भी जाना जाता है. वे सीसीटीवी के इस शो के अलावा भी कई टेलीविजन शो में दिखाई दे चुके हैं. उनका ताज़ा वीडियो न सिर्फ टीवी पर पॉपुलर हुआ, बल्कि इसकी क्लिप दुनिया भर में सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी है. लोगों ने इस वीडियो को न सिर्फ पसंद किया है, बल्कि वो तरह-तरह के दिलचस्प कमेंट भी कर रहे हैं.त किसी ने कहा कि अगर इस दौरान ग्रेगरी को छींक आ जाती या खुजली होने लगती तो क्या होता? वहीं लोग ये जानने के भी उत्सुक थे, कि आखिर कुल 735 अंडों वज़न कितना रहा होगा? (news18.com)

बांग्लादेश में सांप्रदायिक हिंसा में 4 की मौत, 16 हिरासत में
15-Oct-2021 11:32 AM (38)

-सुमी खान

ढाका, 15 अक्टूबर| बांग्लादेश के चांदपुर के हाजीगंज उपजिला में बुधवार रात दुर्गा पूजा मंडपों पर हमले और पुलिस-भीड़ के बीच हुई झड़प के मामले में चांदपुर और चटगांव में कुल 16 लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने गुरुवार को इसकी पुष्टि की।

पुलिसकर्मियों पर हमले के बाद स्थानीय प्रशासन ने हाजीगंज बाजार इलाके में धारा 144 लागू कर दी है।

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने यहां हिंदुओं के सबसे बड़े त्योहार दुर्गा पूजा के दौरान कोमिला मंदिर में एक हिंदू देवता के चरणों में कुरान की नकली तस्वीरें फैलाकर सांप्रदायिक अशांति फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का वादा किया है।

सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर पोस्ट की गई तस्वीरों ने पूरे देश में अशांति फैला दी। चांदपुर में पुलिस की गोलीबारी में चार दंगाइयों की मौत हो गई, जब वे मंदिरों पर हमला करने और दुर्गा पूजा पंडालों में तोड़फोड़ करने गए थे, और कट्टरपंथी इस्लामवादियों ने दुर्गा पूजा उत्सव को रोकने की मांग करते हुए 'इस्लाम का अपमान' करने का आरोप लगाते हुए एक बड़ा शोर मचाया।

दो अलग-अलग जांच निकायों का गठन किया गया है, जबकि पुलिस ने चांदपुर में हुई घटना के संबंध में सात लोगों को हिरासत में लिया है, इसके अलावा कॉक्स बाजार में पूजा स्थलों और हिंदू घरों पर हमलों पर नौ लोगों को हिरासत में लिया है।

पुलिस ने आईएएनएस को बताया कि उन्होंने आयोजन स्थल के मुख्यद्वार को तोड़ा था, लेकिन कॉक्स बाजार के मुख्य पूजा स्थल को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा सके। पुलिस ने बताया कि हमलावरों ने कॉक्स बाजार के कुछ अन्य हिस्सों में भी मार्च किया।

हसीना ने कहा, "कुछ लोग धार्मिक रूप से अंधे होते हैं और वे हमेशा सांप्रदायिक संघर्ष पैदा करना चाहते हैं। ये लोग न केवल मुस्लिम समुदाय के हैं, बल्कि अन्य सभी धर्मों के भी हैं। अगर हम सभी मिलकर काम करते हैं, तो वे कोई नुकसान नहीं कर सकते।"

बांग्लादेश के गृहमंत्री असदुज्जमां खान कमाल ने गुरुवार को आईएएनएस को बताया कि इस घटना की जांच के लिए दो अलग-अलग जांच निकायों का गठन किया गया है, एक स्थानीय प्रशासन द्वारा और दूसरी जिला पुलिस द्वारा।

उन्होंने कहा, "हमने कोमिला घटना के सिलसिले में कुछ लोगों की पहचान की है। हमारी जासूसी एजेंसियां उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लेंगी।"

हाजीगंज थाने के प्रभारी अधिकारी मोहम्मद हारुनूर राशिद ने पुलिस-भीड़ की झड़प में चार लोगों के मारे जाने की पुष्टि की, जिनकी पहचान अल अमीन (18), यासीन हुसैन (15), शमीम (19) और बुबुल के रूप में हुई है। (30)। शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया जाएगा। (आईएएनएस)

अमेरिका में हिरासत केंद्रों में नाबालिगों से होते हैं घिनौने काम, अब सामने आएगा सच
15-Oct-2021 9:45 AM (45)

ऑस्टिन (अमेरिका). अमेरिका के न्याय विभाग ने टेक्सास के किशोर हिरासत केंद्रों में दुर्व्यवहार के आरोपों की जांच बुधवार को आरंभ की, जहां कम से कम 11 कर्मियों को हाल के वर्षों में यौन उत्पीड़न के आरोपों में गिरफ्तार किया गया है.

बायडन प्रशासन का यह कदम टेक्सास किशोर न्याय विभाग के लिए संकट का एक और संकेत है, जो पिछले एक दशक से अधिक समय से घोटालों और उत्पीड़न के आरोपों से जूझ रहा है. पिछले सप्ताह ही वेस्ट टेक्सास के एक पूर्व प्रशिक्षक को हिरासत में बंद 18 वर्षीय किशोरी के यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.

संघीय न्याय विभाग की जांच संबंधी घोषणा से एक साल पहले टेक्सास में वकीलों ने संघीय जांचकर्ताओं से किशोरों के पांच हिरासत केंद्रों में ‘गंभीर समस्याओं’ की शिकायत की थी. सितंबर में प्रकाशित एक एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, टेक्सास ने 2019 में 800 से अधिक युवाओं को राज्य किशोर हिरासत केंद्र में रखा गया था. यह संख्या किसी भी अन्य राज्य से अधिक थी.

न्याय विभाग के नागरिक अधिकार प्रभाग के सहायक अटॉर्नी जनरल क्रिस्टन क्लार्क ने कहा, ‘हानिकारक परिस्थितियों में रखने से बच्चों का पुनर्वास नहीं होता. इससे जीवन में बेहद खराब परिणाम देखने को मिलते हैं. (news18.com)

नार्वे की सड़कों पर कत्लेआम करने वाले हमलावर ने अपनाया था मुस्लिम धर्म, पुलिस ने किए अहम खुलासे
15-Oct-2021 9:45 AM (56)

कोपेनहेगन. नार्वे के एक छोटे कस्बे में तीर कमान से हमला कर पांच लोगों की जान लेने एवं दो अन्य को घायल करने के आरोप में हिरासत में लिये गये डेनमार्क के एक निवासी को पूर्व में कट्टरपंथी के तौर चिह्नित किया गया था. वह धर्म परिवर्तित कर मुसलमान बना था. पुलिस ने गुरुवार को यह जानकारी दी.

पुलिस ने बताया कि संदिग्ध व्यक्ति ने कोंग्सबर्ग के विभिन्न इलाकों में बुधवार शाम को तीर कमान से हमला किया था, जिसमें पांच लोग मारे गये थे, जबकि दो अन्य घायल हो गये थे। इनमें से कई पीड़ित सुपर मार्केट में थे.

पुलिस प्रमुख ओले बी सावेरुड ने कहा, ‘पहले भी इस व्यक्ति के कट्टरपंथी होने को लेकर चिंता व्यक्त की गई थी.’ उन्होंने बताया हमले में मारी गई चार महिलाओं और एक पुरुष की आयु 50 से 70 वर्ष के बीच थी. अधिकारियों का मानना है कि हमलावर ने मौके पर पुलिस के पहुंचने तक लोगों को मारना शुरू नहीं किया था.

सावेरुड ने कहा, ‘अब हम जानते हैं और तार्किक रूप से स्पष्ट है कि कुछ या संभवत: सभी पुलिस द्वारा हमलावर के संपर्क में आने के बाद मारे गए.’

जांच का नेतृत्व कर रही पुलिस अटॉर्नी एन इरेन स्वाने मैथिएसन ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद संदिग्ध शांत था और स्पष्ट जवाब दे रहा था. उसने कहा, ‘मैने यह किया. उन्होंने बताया, ‘वह शांति से बात कर रहा था और उसने घटना की पूरी जानकारी दी. उसने पांच लोगों की हत्या करने की बात स्वीकार की.’

अधिकारियों ने बताया कि हमले में घायल दो पीड़ितों को गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती कराया गया है जिनमें से एक स्टोर में तैनात पुलिस अधिकारी है. उनकी स्थिति की तत्काल जानकारी नहीं मिल सकी.

नवनियुक्त प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोरे ने हमले को ‘भयावह’ करार दिया है. उन्होंने कहा, ‘यह अवास्तविक है लेकिन यह सच्चाई है कि पांच लोग मारे गए हैं और कई घायल हुए हैं जबकि कई सदमे में हैं.’

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतेरम ने ट्वीट किया, ‘नर्वे से आ रही दर्दनाक खबर से स्तब्ध और दुखी हूूं.’ गौरतलब है कि नार्वे की राजधानी ओस्लो से 66 किलोमीटर दूर कोंग्सबर्ग एक छोटा कस्बा है जिसकी आबादी महज 26 हजार है. (news18.com)

अमेरिका में दो साल के बच्चे ने की मां की हत्या, एक गलती की वजह से पिता हुआ गिरफ्तार
15-Oct-2021 9:44 AM (81)

फ्लोरिडा. अमेरिका के मध्य फ्लोरिडा में पुलिस ने एक बच्चे के पिता को गिरफ्तार किया है. दरअसल, पिता की हैंडगन दाे साल के बेेटे के हाथ लग गई थी. उसने घर में जूम कॉल पर मीटिंग कर रही मां पर गोली चला दी. जिसमें उसकी मौत हाे गई. अल्टामोंटे स्प्रिंग्स पुलिस ने बताया कि 22 वर्षीय वोंड्रे एवरी को मंगलवार को गिरफ्तार किया गया. उस पर हत्या और लापरवाही से बंदूक रखने के केस दर्ज किए हैं.

जांचकर्ताओं ने कहा कि 2 साल के बच्चे को 11 अगस्त को बैगपैक से बंदूक मिली थी. उसने उससे एक फायर किया. गोली उसकी मां शमाया लिन के सिर में लगी, जिससे उसकी मौत हो गई. शमाया उस दौरान पर घर पर ऑफिस की जूम मीटिंग में बैठी थी.

जांचकर्ताओं ने कहा कि 2 साल के बच्चे को 11 अगस्त को बैगपैक से बंदूक मिली थी.
जूम कॉल पर ही बैठी की साथी ने तुरंत इमरजंेसी सर्विस 911 को कॉल किया. उसने बताया कि उसने कैमरे से गोली की आवाज शोर सुनी और लिन को गिरते हुए देखा और पीछे उसका बच्चा रो रहा था. इस दौरान उसका पार्टनर भी घर पर नहीं था.

एवरी घर पहुंचा तो फर्श पर हर जगह खून पाया. उसने इमरजेंसी सर्विस को बताया कि उसकी पार्टनर कंम्यूटर पर काम कर रही थी, उस वक्त यह हादसा हुआ. लिन धड़कन उसी वक्त रुक गई थी, डॉक्टर्स ने भी उसे मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने बताया कि घटना के वक्त एक और बच्चा घर में मौजूद था.

अमेरिका में बच्चों द्वारा बंदूक चलाने की घटना कोई नई बात नहीं है. सिंतबर में टेक्सास में दो साल के बच्चे गलती से खुद को गोली मार ली. उसने वह गन अपने रिश्तेदार के बैग से निकाल ली थी, जो लोड थी और सेफ्टी लॉक भी नहीं लगाया गया था. (news18.com)

शेख हसीना ने हिंदू समुदाय से कहा, खुद को अल्पसंख्यक न समझें
15-Oct-2021 8:33 AM (70)

-सुमी खान 

ढाका, 14 अक्टूबर| बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने गुरुवार को हिंदू समुदाय को भरोसा दिया कि वे समान अधिकारों का आनंद लेना जारी रखें और अपने त्योहार स्वतंत्र रूप से मनाएं। उन्होंने कोमिला और अन्य जगहों पर मंदिरों और दुर्गा पूजा पंडालों में हिंसा और तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का वादा किया।

उन्होंने कहा, "आपको इस देश के नागरिक के रूप में माना जाता है। आप समान अधिकारों में रहते हैं। आप समान अधिकारों का आनंद लेंगे। आप अपने धर्म का पालन करेंगे और समान अधिकारों के साथ त्योहार मनाएंगे। हम यही चाहते हैं। यह हमारे बांग्लादेश और हमारे आदर्श की वास्तविक नीति है।"

ढाका के ढाकेश्वरी मंदिर में महानगर सर्वजन पूजा समिति द्वारा आयोजित दुर्गा पूजा की महानवमी में शामिल होते हुए उन्होंने कहा, "मैं आपसे फिर कभी भी खुद को अल्पसंख्यक नहीं समझने का आग्रह करती हूं।"

"यहां अल्पसंख्यक-बहुमत को संख्या के आधार पर नहीं आंका जाना चाहिए। आप स्वतंत्र बंगाल में एक स्वतंत्र नागरिक हैं। आपको वह आत्मविश्वास होना चाहिए, यही मैं चाहता हूं .. आप अपने आप को एक छोटा समुदाय क्यों समझते हैं?"

"कृपया याद रखें, आप सभी को बोलने की स्वतंत्रता है, आपको इस भूमि में जन्म लेकर अपने त्योहार का आनंद लेने का अधिकार है .. आप उन लोगों की अगली पीढ़ी हैं जो इस धरती पर पैदा हुए हैं। इसलिए, यहां हर कोई अपने में रहता है अपना हक.. मैं आपको अल्पसंख्यक नहीं मानता, हम आपको अपना रिश्तेदार मानते हैं।"

"हमें बहुत सारी जानकारी मिल रही है और निश्चित रूप से हम पता लगाएंगे कि सांप्रदायिक सद्भाव को नष्ट करने के लिए उकसाने के पीछे कौन है .. उन लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी चाहे वे किसी भी धर्म के हों। मैं सभी को याद दिलाना चाहता हूं; बांग्लादेश सांप्रदायिक सद्भाव की भूमि है। यहां सभी धर्मों के लोग एक साथ रहेंगे और अपने धर्म का पालन करेंगे।"

हसीना ने हिंदुओं के सबसे बड़े त्योहार के दौरान कोमिला मंदिर में एक हिंदू देवता के चरणों में कुरान की नकली तस्वीरें फैलाकर सांप्रदायिक अशांति भड़काने में शामिल लोगों के खिलाफ फिर से कड़ी कार्रवाई का वादा किया।

सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर पोस्ट की गई तस्वीरों ने पूरे देश में अशांति फैला दी। चांदपुर में पुलिस की गोलीबारी में चार दंगाइयों की मौत हो गई, जब वे मंदिरों पर हमला करने गए और दुर्गा पूजा पंडालों में तोड़फोड़ की और कट्टरपंथी इस्लामवादियों द्वारा दुर्गा पूजा उत्सव को रोकने की मांग करते हुए हंगामा किया था। (आईएएनएस)

पाकिस्तानी एयरलाइन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए काबुल की उड़ानें स्थगित कीं
15-Oct-2021 8:24 AM (37)

नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)| पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (पीआईए) ने गुरुवार को 'सुरक्षा कारणों' का हवाला देते हुए काबुल में अपना परिचालन तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पीआईए के प्रवक्ता अब्दुल्ला खान ने इस कदम की पुष्टि करते हुए कहा कि एयरलाइन का काबुल संचालन अगली सूचना तक निलंबित रहेगा।

प्रवक्ता ने इस तथ्य पर जोर दिया कि पीआईए ने 'कठिन परिस्थितियों' में काबुल के अंदर और बाहर उड़ान भरी, जबकि अन्य ने अपना ऑपरेशन बंद कर दिया था।

वह अगस्त में काबुल के तालिबान के तेजी से अधिग्रहण के बाद बड़े पैमाने पर निकासी में पीआईए द्वारा निभाई गई भूमिका का जिक्र कर रहे थे, जिसने उड़ानों की कमी के बीच अफगान राजधानी में फंसे लोगों के बीच भीड़ पैदा कर दी थी।

पीआईए के प्रवक्ता ने कहा, "अफगानिस्तान में तेजी से बदलती स्थिति के बाद पीआईए ने लगभग 3,000 लोगों को निकाला।"

काबुल से बाहर लाए गए लोगों में संयुक्त राष्ट्र, विश्व बैंक, आईएमएफ, अन्य वैश्विक संगठनों के अधिकारियों के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय पत्रकार भी शामिल थे।

खान ने कहा कि पीआईए के कैप्टन और कर्मचारियों ने अपनी जान जोखिम में डाल दी लेकिन फिर भी निकासी की प्रक्रिया जारी रखी।

इस बीच, तालिबान की कार्यवाहक सरकार ने चेतावनी दी है कि अगर पाकिस्तान की एयरलाइन ने काबुल से इस्लामाबाद की उड़ानों पर बढ़ाया गया किराया कम नहीं किया तो सरकार एयरलाइन पर प्रतिबंध लगा देगी।

खामा प्रेस की एक हालिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, अफगानिस्तान नागरिक उड्डयन प्रशासन ने कहा है कि पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (पीआईए) और एक निजी अफगान एयरलाइन काम एयर अगर तालिबान के अधिग्रहण से पहले की कीमतों पर संचालन नहीं करती हैं तो उन पर काबुल से इस्लामाबाद के लिए उड़ानों के संचालन पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा।

खामा प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, प्रशासन ने एक बयान में कहा कि दोनों एयरलाइनों पर जुर्माना लगाया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने पर उन्हें दंडित किया जाएगा।

इस्लामिक अमीरात ऑफ अफगानिस्तान ने एयरलाइंस को चेतावनी दी कि पाकिस्तानी वाहक पीआईए ने काबुल से इस्लामाबाद के लिए प्रत्येक टिकट के लिए 2,500 डॉलर तक शुल्क लेना शुरू कर दिया है।

बयान में लोगों से नए नियमों के उल्लंघन की सूचना देने में प्रशासन का सहयोग करने को भी कहा गया है।

इसने लोगों से दस्तावेज उल्लंघन की रिपोर्ट करने को भी कहा है।

हवा में उड़ रहा था प्लेन, अचानक गिर पड़ा घरों पर ! नज़ारा देख सन्न रह गए लोग
14-Oct-2021 7:05 PM (99)

ज़रा सोचिए, हवा में उड़ता हुआ कोई प्लेन अचानक ही किसी रिहायशी इलाके में गिर जाए, तो क्या नज़ारा होगा. अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य में लोगों ने ये नज़ारा अपनी आंखों से देखा. आसमान से उड़ते-उड़ते यहां एक प्लेन दुर्घटनाग्रस्त होकर मकानों के ऊपर जा गिरा.

देखने में ये नज़ारा डरावना तो था ही, हादसे में 2 लोगों की मौत भी हो गई. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये 2 इंजन वाला छोटा विमान था. जब ये हवा में उड़ रहा था, तभी इसमें कुछ खराबी आ गई और ये रिहायशी इलाके में जा गिरा. जब विमान गिरा, तो उसमें तेज़ धमाका हुआ और भीषण आग भी लग गई थी. जिसने भी प्लेन को गिरते देखा, वो हैरान रह गया.

Plane की चपेट में आए कई मकान
छोटा प्लेन हवा में ही कुछ खराबी की वजह से कंट्रोल नहीं कर पाया और रिहायशी इलाके में भी क्रैश हो गया. प्लेन में पायलट समेत कम से कम 2 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि 3-4 लोग बुरी तरह जख्मी हो गए. ये हादसा सैन डियागो में एक स्कूल के पास हुआ. फायरफाइटर्स को तुरंत ही मौके पर बुलाया गया और उन्होंने यहां की परिस्थितियों को काबू किया. प्लेन की चपेट में पहले एक मकान आया और फिर ये प्लेन जाकर ट्रक से टकरा गया.

10 घरों को हुआ प्लेन से नुकसान
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि छोटा प्लेन मकानों के ऊपर आ गिरा. बताया जा रहा है कि प्लेन पर से पायलट का नियंत्रण खो दिया था. जिस जगह ये विमान गिरा वो एक रिहायशी इलाका है, जहां सैकड़ों-हज़ारों लोग रहते हैं. जिन 10 घरों को प्लेन से नुकसान हुआ है, वो दुर्घटना के वक्त सुलग रहे थे. रेस्क्यू टीम ने जल्दी-जल्दी लोगों को बाहर निकालना शुरू कर दिया, फिर भी आस-पास के लोग इस दृश्य को देखकर सदमे में आ गए. (news18.com)

ताइवान में एक इमारत में भीषण आग, 46 लोग जिंदा जले, जोरदार धमाके की आई आवाज
14-Oct-2021 6:48 PM (47)

ताइपे. दक्षिणी ताइवान में 13 मंजिला एक आवासीय इमारत में गुरुवार को आग लग जाने से 46 लोगों (46 dead) की मौत हो गई. करीब 41 अन्य झुलस गए. काऊशुंग शहर के दमकल विभाग के अधिकारियों ने एक बयान में बताया कि आग तड़के करीब तीन बजे लगी. आग बेहद ‘भीषण’ थी, जिससे इमारत की कई मंजिलें जलकर खाक हो गईं. ताइवान के अधिकारियों ने भी आग लगने की घटना में 46 लोगों की मौत पुष्टि की है.

लोगों ने तड़के तीन बजे एक विस्फोट की आवाज सुनी थी.
वहीं, दमकल विभाग के प्रमुख ली चिंग-सिउ ने बताया कि 11 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी. उनके शव मुर्दाघर भेज दिए गए हैं. वहीं, 55 लोगों को अस्पताल ले जाया गया था, जिनमें से 14 लोगों ने दम तोड़ दिया. ताइवान में मौत की आधिकारिक पुष्टि सिर्फ अस्पताल में ही होती है.

दमकलकर्मी तलाश एवं बचाव अभियान में जुटे हैं. आग लगने के कारण का अभी पता नहीं चल पाया है. चश्मदीदों ने स्थानीय मीडिया को बताया कि उन्होंने तड़के तीन बजे एक विस्फोट की आवाज सुनी थी.

आधिकारिक बयान के अनुसार, इमारत 40 साल पुरानी थी, जिसकी निचली मंजिल पर दुकानें थी और ऊपर अपार्टमेंट थे. (news18.com)

तालिबान की धमकी के बाद पाकिस्तान एयरलाइन ने बंद की काबुल के लिए फ्लाइट, जानें क्या था पूरा मामला
14-Oct-2021 6:47 PM (45)

काबुल. पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस ने गुरुवार को अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के लिए उड़ानों को निलंबित कर दी. यह फैसला तब लिया गया है, जब तालिबान ने पीआईए से काबुल के लिए उड़ान का टिकट किराये में कटौती करने की अपील की थी और मांग न मानने पर उड़ान रद्द करने की धमकी दी थी. पीआईए ने कहा है कि तालिबानी अधिकारियों की सख्ती के कारण हम आज से काबुल के लिए अपने उड़ान संचालन को निलंबित कर रहे हैं.

तालिबान ने दी थी पीआईए को धमकी
दरअसल, तालिबान ने पााकिस्तान की सरकारी एयरलाइन पीआईए को इस्लामाबाद से काबुल के बीच उड़ानों को रोक देने की धमकी दे डाली थी. ACAA का कहना है कि पीआईए ने काबुल के लिए उड़ानों के टिकट महंगे कर दिए हैं.

किराये के नाम पर लूट रही थी पीआईए
टोलो न्यूज के मुताबिक, अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे से पहले उड़ान का टिकट 200 से 300 डॉलर की बीच था. अब इसका किराया 2500 डॉलर हो चुका है. अथॉरिटी ने पीआई को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर टिकट की कीमत 15 अगस्त से पहले वाली कीमतों पर नहीं आईं तो वह उसकी उड़ानें बैन कर देगा. ठीक इसी तरह की चेतावनी अफगानिस्तान की ‘काम एयरवेज’ को भी दी गई हैं.

अथॉरिटी की यह चेतावनी दूसरी तरीके से भी देखी जा रही हैं. दो दिन पहले पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की काम एयरवेज को अपने देश में उड़ान भरने से बैन कर दिया था. जिससे तालिबान प्रशासन नाराज है. कहा जा रहा है कि यह ताजा धमकी इस कार्रवाई को देखकर भी दी गई है.

बता दें कि तालिबान के सामने इस वक्त देश में कई चुनौतियां हैं जिसमें अर्थव्यवस्था एक बड़ा पहलू है। देश की अर्थव्यवस्था रुक गई है और बैंकिंग सिस्टम बदहाली से जूझ रहा है.(news18.com)

आखिर चीन और ताइवान के बीच क्यों मचा हुआ है घमासान, यहां जानें टकराव के कारण
14-Oct-2021 5:41 PM (40)

नई दिल्ली: चीन और ताइवान के बीच तनाव की शुरुआत चीन के जन्म दिवस यानि 1 अक्टूबर से शुरू हुई. ये दिन चीन पीपुल्स ऑफ रिपब्लिक चाइना के जन्म के नाम पर राष्ट्र दिवस के तौर पर मनाता है. चीन खुद को पीपुल्स ऑफ रिपब्लिक चाइना और ताइवान खुद को रिपब्लिक ऑफ चाइना के नाम से संबोधित करता है

72वीं वर्षगांठ के मौके पर चीन ने ताइवान के हवाई सुरक्षा क्षेत्र में 100 फाइटर जेट उड़ाए. इस तरह से वो जहां ताइवान को डराना चाहता है वहीं वो दुनिया के सामने ये तस्वीर भी पेश करना चाहता था कि वो इस आइलैंड पर कब्जा करने की तैयारी कर रहा है. हालांकि अन्य कई देशों से पहचान नहीं मिलने के बावजूद ताइवान खुद को एक स्वतंत्र राष्ट्र की तरह ही देखता है. और उसके नेता जिसमें स्वतंत्रता के कट्टर समर्थन राष्ट्रपति सांइंग वेन भी शामिल थे, उन्होंने चीन की संप्रभुता की रक्षा की कसम खाई.

लेकिन ताइवान चीन से अपनी रक्षा को लेकर पूरी तरह से अमेरिका पर निर्भर है. इसलिए ताइवान और चीन के बीच में किसी भी तरह की सैन्य खींचतान, अमेरिका और चीन के बीच पहले से चल रहे तनाव को और हवा दे देते हैं.

1949- पीआरसी की स्थापना
ताइवान पहले फोरमोसा के नाम से जाना जाता था, जो चीन के पूर्वी तट का एक छोटा सा आइलैंड था. 1949 में चीन में हुए गृहयुद्ध में माओत्से तुंग के नेतृत्व में कम्युनिस्टों की चीन पर जीत के बाद चाइनीज रिपब्लिकन की कुमिनटैंग सरकार ने अपने कदम पीछे खींच लिए थे और वो ताइवान तक सिमट कर रह गए. हालांकि चीन के पास नौसेना की कमी थी इसलिए वो समुद्र पार करके ताइवान पर हमला नहीं कर सके थे.

इसके पहले 1644 में सत्ता में आए चिंग वंश ने चीन का एकीकरण किया था. आगे चलकर 1895 को चिंग ने ताइवान द्वीप को जापानी साम्राज्य को सौंप दिया था. मगर जब चिन्हाय क्रांति हुई तो उसने चिंग साम्राज्य को उखाड़ फेंका. इस तरह से 29 दिसंबर 1911 को जब मांचू सेना ने विद्रोह करके चिंग रियासत की समाप्ति की तब रिपब्लिक ऑफ चाइना अस्तित्व में आया. 1920 को डॉ. सन येतजेन जिन्होंने कुमिन्तोंग पार्टी की नींव रखी थी उनके नेतृत्व में रिपब्लिक ऑफ चाइना की सरकार बनी. सन ने जनरल चियांग काइ शेक की बदौलत जीत हासिल की थी, जिन्होंने चीनी कम्युनिस्टों के खिलाफ कार्रवाई की थी. जो कभी केएमटी का हिस्सा थे. इसी बात ने गृहयुद्ध को हवा दी, जिसका अंत कम्युनिस्टों की चीन पर जीत और केएमटी के ताइवान तक सिमट जाने के साथ हुआ.

1949 में जब पीआरसी यानी पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना की स्थापना हुई तभी से उसका मानना है कि ताइवान को मेनलेंड चाइना के साथ जुड़ना चाहिए. वहीं आरओसी यानी रिपब्लिक ऑफ चाइना खुद को एक स्वतंत्र राष्ट्र मानता है. आरओसी एकमात्र चीन था जिसे 1971 तक संयुक्त राष्ट्र से मान्यता मिली थी. लेकिन ताइवान के लिए चीजें तब से बदलना शुरू हुईं जब राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन के सुरक्षा सलाहकार हेनरी किसिंगर की गुप्त कूटनीति के चलते अमेरिका और चीन के संबंध बनना शुरू हुए.
कहने को अमेरिका ताइवान की स्वतंत्रता का समर्थन करता है, उसने ताइपेई के साथ अपने रिश्ते कायम रखे और उन्हें हथियार बेचते रहे. लेकिन आधिकारिक तौर पर वो पीआरसी की एक चीन की नीति को मान्यता देता, जिसका अर्थ यही निकलता है कि केवल एक ही वैध चीनी सरकार है. महज 15 बहुत छोटे देश हैं जो ताइवान को राष्ट्र के तौर पर पहचान देते हैं.

हालांकि यह आइलैंड पूर्वी चीन समुद्र तट पर स्थित है, इसके उत्तरपूर्व में हांगकांग, उत्तर में फिलीपींस, दक्षिण में दक्षिण कोरिया और दक्षिण पश्चिम में जापान मौजूद है. ऐसे में ताइवान में होने वाली कोई भी घटना सीधे तौर पर पूर्वी एशिया से जुड़ी हुई है.

चीन- ताइवान तनाव
1954-55 और 1958 में पीआरसी ने ताइवान के नियंत्रण वाले जिनमेन, माज़ू और डेशेन आइलैंड पर बम गिराए. अमेरिका में इसे लेकर कांग्रेस ने फॉर्मोसा रिजोल्यूशन पास किया गया जिसके तहत राष्ट्रपति ड्वाइट डी आइसनहावर को आरओसी क्षेत्र की सुरक्षा के लिए अधिकृत किया गया.

1955 में प्रधानमंत्री जो एनलाई ने बांडुंग कॉन्फ्रेंस में घोषणा की कि वो अमेरिका के साथ बातचीत करना चाहते थे. पर 1958 में लेबनान में गृहयुद्ध छिड़ने के बाद चीन को बमबारी शुरू करनी पड़ी. जिसने अमेरिका को आइलैंड पर ताइवानी चौकियों पर आपूर्ति के लिए उकसाया. पीआरसी और आरओसी इसके बाद से एक दिन छोड़ कर एक दूसरे की चौकियों पर बमबारी करते रहे, ये 1971 तक जारी रहा.

सबसे गंभीर मामला 1995-96 का था जब चीन ने ताइवान के इर्द गिर्द के समुद्र में मिसाइल परीक्षण शुरू किया जिसने वियतनाम युद्ध के बाद एक बाऱ फिर अमेरिका को हरकत में ला दिया. इसी परीक्षण की बदौलत 1996 में दोबारा चुनाव होने पर ली तेंग हुई को फिर से राष्ट्रपति चुना गया और उन्हें स्वतंत्रता समर्थक नेता के रूप में देखा गया.

स्वतंत्रता की राजनीति
1975 में, चियांग काइ शेक की मृत्यु हो गई, मार्शल लॉ हटा दिया गया और ताइवान में पहली मर्तबा लोकतांत्रिक स्तर पर सुधार हुआ. 1990 की शुरुआत से, मिसाइल संकट के बावजूद पीआरसी और आरओसी के बीच संबंधों में सुधार हुआ और व्यापारिक रिश्ते भी स्थापित हुए. 1999 में जब ब्रिटिश सरकार ने समझौते के मुताबिक हांगकांस से रुखसत ली तो उस दौरान ताइवान को एक चीन, दो तंत्र (वन चाइना, टू सिस्टम) का समाधान भी सुझाया गया जिसे उन्होंने ठुकरा दिया.

2000 में ताइवान में पहली गैर-केएमटी सरकार बनी जब ताइवानीज नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (डीपीपी) ने राष्ट्रपति का चुनाव जीत लिया. 2004 में चीन ने ताइवान को ध्यान में रखते हुए एक फूट डालने की नीति पर काम करना शुरू किया, हालांकि ताइवान के साथ व्यापार और संपर्क से जुड़े कामों में सुधार जारी रहा.

आज ताइवान की राजनीति में दो बड़े खिलाड़ी हैं. डीपीपी और केएमटी. 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में साई ने ताइवान में स्वतंत्रता समर्थन का बीज बोया है और चीन के साथ चल रहे तनाव के साथ 2020 में फिर से चुनाव होना है.

ताइवान की रुचि अब व्यापक आर्थिक विकास में है जिसमें चीन में निवेश भी शामिल हैं. इस बात को लेकर स्वतंत्रता के समर्थकों को चिंता है कि ये विचार उनके इरादों के रास्ते में आ सकता है. वहीं चीन के साथ राजनीति के एकीकरण के समर्थकों का मानना है कि आर्थिक निर्भरता और लोगों के लोगों से संपर्क बढ़ने से स्वतंत्रता समर्थक जो लॉबी है वो समाप्त हो जाएगी.

तनाव जो अभी तक दोनों देशों के बीच बरकरार है
पिछले साल, कोविड को लेकर और व्यापार में अमेरिका और चीन के बीच रिश्ते खराब होने के बीच, अमेरिका के विदेश विभाग ने एक उच्च रैंक का प्रतिनिधिमंडल ताइपे भेजा, इस मुलाकात के दौरान चीन ने ताइवान के उस संकरे मार्ग (जलडमरूमध्य) में जो ताइवान को मेनलैंड चाइना से अलग करता है, सैन्य अभ्यास किया.

अक्टूबर 2020 में राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पीएलए से युद्ध के लिए तैयार रहने को कहने से ताइवान को उकसा दिया और इसे खुली धमकी के तौर पर देखा गया. हाल में बाइडन प्रशासन ने ताइवान के साथ ठोस समर्पण का भाव रखने की घोषणा की, अप्रैल में ताइवान ने बताया कि चीनी जेट उनके सुरक्षित वायु क्षेत्र में घुसे थे. शी जिनपिंग ने चेताया था कि कोई भी ताइवानी अगर स्वतंत्रता का समर्थन दिखाता है तो उसे समाप्त कर दिया जाएगा.

इस महीने की शुरुआत में जब चीनी जेट वापस लौटे, ताइवानी रक्षा मंत्री चियु कुओ चेंग ने संसद में बताया कि चीन के पास पहले ही ताइवान पर हमला करने की क्षमता है पर वो 2025 तक इसकी लागत और दुर्घटना को को कम करने की स्थिति में होगा.

10 अक्टूबर को अपने भाषण में शी जिनपिंग ने कहा की एकीकरण शांतिपूर्वक होना चाहिए, लेकिन साथ ही उन्होंने ये बात भी जोड़ी कि मातृभूमि का संपूर्ण एकीकरण एक ऐतिहासिक काम है और वो पूरा होकर रहेगा. उसी दिन ताइवान के राष्ट्रपति ने कहा कि उनकी सरकार किसी तरह के उतावलेपन से काम नहीं करना चाहती है लेकिन साथ ही ये बात भी सही है कि ताइवान के लोग किसी के दबाव के आगे नहीं झुकने वाले हैं.

अमेरिका के लिए चुनौती
तनाव के बढ़ने के साथ ही दुनिया की निगाह अमेरिका पर है और अफगानिस्तान से निकलने को लेकर उसके सर्वशक्तिमान होने के ठप्पे पर प्रश्नचिह्न लग गया है. पूर्व और दक्षिण एशिया में कई देश जिसमें जापान, दक्षिण कोरिया और फिलीपींस अमेरिका की छत्रछाया में हैं. अपने भविष्य को ताक रहे हैं. राष्ट्रपति जो बाइडन ताइवान का समर्थन करने की शपथ और चीन के साथ तनाव को कम करने के बीच एक पतली रस्सी पर झूल रहे हैं. इस महीने की शुरुआत में शी जिनपिंग के साथ हुई बातचीत के बाद उन्होंने कहा कि अमेरिका वन चाइना पॉलिसी का समर्थन चीन के ताइवान पर हमला नहीं करने की शर्त पर करता है.

वहीं ऑकस करार जो अमेरिका, यूके और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुआ है, जिसके तहत ऑस्ट्रेलिया परमाणु सबमरीन की आपूर्ति करेगा, इसने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा के नए आयाम खोल दिये हैं. ताइवान ने इस करार का खुलकर समर्थन किया है वहीं चीन इससे खुश नहीं है.

भारत के लिए क्या मायने हैं
भारत जहां खुद चीन के साथ एलएसी की समस्या से जूझ रहा है , ऐसे में उसे तिब्बत कार्ड का इस्तेमाल करना चाहिए साथ ही चीन को संदेश देने के लिए ताइवान के साथ रिश्ते मजबूत करना चाहिए.

वैसे तो भारत और ताइवान में एक दूसरे देश की राजधानी में व्यापार और सांस्कृतिक आदान प्रदान के लिए कार्यालय बनाए गए है. मई 2020 में साई के शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी (अब विदेश राज्यमंत्री) और राहुल कास्वां वर्चुअली शामिल हुए थे. 2016 में भारत ने अंतिम समय में साई के पहले शपथ ग्रहण समारोह में दो प्रतिनिधियों को भेजने के फैसले को टाल दिया था.

इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक भारत में 7.5 अरब डॉलर का सेमीकंडक्टर या चिप निर्माण संयंत्र लाने के लिए ताइपे के साथ बातचीत जारी है. ये चिप कंप्यूटर से लेकर 5जी स्मार्टफोन और इलेक्ट्रिक कार, चिकित्सकीय उपकरणों में इस्तेमाल होती है. इस सौदे की सूचना क्वाड के शिखर सम्मेलन में दी गई थी. अमेरिका, भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया के समूह से तैयार क्वाड के शिखर सम्मेलन में इस बात पर भी चर्चा हुई थी कि सेमीकंडक्टर की आपूर्ति के लिए एक सुरक्षित आपूर्ति श्रंखला तैयार करने की ज़रूरत है. इस तरह से दुनियाभर के देशों की चीन पर निर्भरता भी खत्म होगी. (news18.com)

डच प्रधानमंत्री की हत्या की साजिश रचने वाला शख्स गिरफ्तार
14-Oct-2021 2:05 PM (120)

हेग, 14 अक्टूबर | डच अभियोजकों ने कार्यवाहक प्रधानमंत्री मार्क रूटे की हत्या की साजिश् करने की योजना बनाने के आरोप में जुलाई में एम्स्टर्डम से एक 22 वर्षीय व्यक्ति की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को यह पुष्टि न्यूजपेपर डी वोक्सक्रांट में गिरफ्तारी का खुलासा करने वाली एक रिपोर्ट के बाद हुई।

यह कहा जा रहा है कि यवुज ओ नाम के व्यक्ति ने सार्वजनिक टेलीग्राम ग्रुप में भड़काऊ संदेश पोस्ट किए थे।

अभियोग के अनुसार, उन्होंने 'संसद में तूफान', 'उस गिरोह का खून बहने देना' और 'जब वह अपनी साइकिल पर बाहर जाए तो रूटे को गोली मारने' के बारे में बात की।

यह बताया जा रहा है कि आरोपी हथियार की भी तलाश कर रहा था।

उन्होंने 9 दिसंबर, 2020 और 15 जुलाई, 2021 के बीच संदेश पोस्ट किए, जब एक दिन बाद उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

हेग की अदालत में अगले सप्ताह संदिग्ध की सुनवाई होनी है।

उस पर तीन मामलों का आरोप लगाया गया, जिसमें एक आतंकवादी अपराध के लिए उकसाना, इस तरह के अपराध की तैयारी में खुफिया जानकारी जुटाना और एक आतंकवादी अपराध की धमकी देना शामिल है।

यह माना जा रहा है कि जुलाई में उस व्यक्ति की गिरफ्तारी का 23 सितंबर को आइंडहोवन में 9 आतंकी संदिग्धों की गिरफ्तारी से कोई संबंध नहीं है।

9 लोगों को आतंकवादी हमले की तैयारी और प्रशिक्षण के संदेह में गिरफ्तार किया गया था।

डच अखबार डी टेलीग्राफ के अनुसार, उन्होंने रूटे और दक्षिणपंथी राजनेताओं गीर्ट वाइल्डर्स और थियरी बॉडेट पर हमले की साजिश रची होगी।

अखबार ने बताया कि सितंबर में गिरफ्तारी के बाद रूटे को अतिरिक्त सुरक्षा मिली थी। (आईएएनएस)
 

अफगान बच्चों के लिए अमेरिकी सैन्य बेस पर खोला स्कूल
14-Oct-2021 1:37 PM (38)

विस्कॉन्सिन में अस्थायी रूप से रहने वाले सैकड़ों बच्चे 53,000 अफगानों में से हैं, तीन महिलाओं को जब यह अहसास हुआ कि बच्चे नियमित शिक्षा से दूर हो रहे हैं तो उन्होंने सैन्य अड्डे पर ही कैंप स्कूल खोलने का फैसला किया.

  (dw.com)  

अफगानिस्तान से अमेरिका आए दर्जनों शरणार्थी बच्चे रंग भरने वाली किताब के साथ बैठे हैं. मेज पर पेंसिल भी फैले हुए हैं. वे बड़े ही ध्यान के साथ अंग्रेजी और गणित पढ़ रहे हैं. साथ ही उन्हें अमेरिकी जीवन के बारे में बताया जा रहा है.

विस्कॉन्सिन में फोर्ट मैककॉय बेस में अस्थायी रूप से रहने वाले सैकड़ों बच्चे 53,000 अफगानों में से हैं, जिन्होंने अगस्त में तालिबान के सत्ता में आने के बाद अपना देश छोड़ दिया था. उन्हें अमेरिका भर के सैन्य ठिकानों में रखा गया है.

तीन महिलाओं को जब यह अहसास हुआ कि बच्चे नियमित शिक्षा से दूर हो रहे हैं तो उन्होंने सैन्य अड्डे पर ही कैंप स्कूल खोलने का फैसला किया. इस अस्थायी स्कूल का नाम "राइज अगेन" रखा गया है.

स्कूल की तीन संस्थापकों में से एक नीलाब इब्राहिमी कहती हैं, "शिविर में पहुंचने के बाद हमने बच्चों को इधर-उधर घूमते देखा. वे कुछ नहीं कर रहे थे. तभी हमने एक स्कूल के बारे में सोचा उसके बाद हमने पहले ही दिन 130 बच्चों को स्कूल में दाखिल करा लिया."

एशियन यूनिवर्सिटी फॉर वुमन से 23 वर्षीय स्नातक कहती हैं, "हम उन्हें पढ़ा रहे हैं ताकि वे नए माहौल के साथ तालमेल बिठा सकें. शरणार्थी कैंपों के बाहर स्कूलों में वे परेशान ना हो."

बिल और मेलिंडा गेट्स समेत दानदाताओं द्वारा वित्त पोषित फाउंडेशन बांग्लादेश स्थित एयूडब्लू छात्रवृत्ति मुहैया कराता है. ऐसे छात्र जो कमजोर समूह से आते हैं.

जब इब्राहिमी और उनकी दो साथी एयूडब्लू छात्र बातूल बेहनामी और सेफारा आजमी ने फोर्ट मैककॉय में कक्षाएं शुरू कीं तो किताबें और पेंसिंल कम पड़ गए. उनकी अपील के बाद स्थानीय एनजीओ ने आपूर्ति पर तेजी से जवाब दिया. बच्चों को किताबें और पेंसिल दिए गए.

बेहनामी कहती हैं, "बच्चों के साथ-साथ हम उनके माता-पिता को भी गहन जानकारी देते हैं."

यह स्पष्ट नहीं है कि कितने अफगान नागरिक अमेरिका में बसेंगे लेकिन पेंटागन ने कहा है कि कुल संख्या एक लाख के अधिक होने की उम्मीद है.

एए/सीके (थॉमसन रॉयटर्स फाउंडेशन)

पुतिन ने कहा इराक और सीरिया के आतंकवादी अफगानिस्तान में दाखिल हो रहे हैं
14-Oct-2021 1:36 PM (40)

रूस के राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन ने कहा है कि इराक और सीरिया के आतंकी "सक्रिय रूप से" अफगानिस्तान में दाखिल हो रहे हैं.

   (dw.com)  

रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने बुधवार को कहा "अफगानिस्तान में स्थिति आसान नहीं है." उन्होंने यह बात पूर्व सोवियत राज्यों के सुरक्षा सेवा प्रमुखों के साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान कही. पुतिन ने कहा, "सैन्य अभियानों में अनुभव के साथ इराक और सीरिया के आतंकवादी वहां सक्रिय रूप से खिंचे चले जा रहे हैं."

पुतिन ने आगे कहा, "यह संभव है कि आतंकवादी पड़ोसी देशों में स्थिति को अस्थिर करने की कोशिश कर सकते हैं." उन्होंने चेतावनी दी कि वे "प्रत्यक्ष विस्तार" की कोशिश भी कर सकते हैं.

पुतिन बार-बार आतंकवादी समूहों के सदस्यों को अफगानिस्तान में राजनीतिक उथल-पुथल का फायदा उठाकर बतौर शरणार्थी पूर्व सोवियत देशों में आने की चेतावनी दे चुके हैं, जबकि मॉस्को काबुल में नए तालिबान नेतृत्व के बारे में सतर्क रूप से आशावादी रहा है. क्रेमलिन मध्य एशिया में फैली अस्थिरता के बारे में चिंतित है जहां उसके सैन्य ठिकाने हैं.

अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के मद्देनजर रूस ने ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान के साथ सैन्य अभ्यास किया, जहां वह सैन्य अड्डा संचालित करता है. दोनों देश अफगानिस्तान के साथ सीमा साझा करते हैं.

इसी वीडियो कॉन्फ्रेंस में ताजिकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख साइमुमिन यतिमोव ने बताया कि उन्होंने अफगानिस्तान से अपने देश में "ड्रग्स, हथियार, गोला-बारूद की तस्करी" के प्रयासों में "तेजी" दर्ज की है.

अफगानिस्तान लंबे समय से अफीम और हेरोइन का दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक रहा है. इसी के कारोबार से तालिबान को फंडिंग के भी आरोप लगते रहे हैं.

तालिबान का कहना है कि वह मध्य एशियाई देशों के लिए खतरा नहीं है. इस क्षेत्र में पूर्व सोवियत गणराज्यों को पहले अफगानी आतंकियों के सहयोगियों के हमले के लिए जिम्मेदार ठहराया जा चुका है.

पिछले हफ्ते अफगानिस्तान में क्रेमलिन के दूत जमीर काबुलोव ने कहा था कि रूस 20 अक्टूबर को होने वाली अफगानिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय वार्ता के लिए तालिबान को मॉस्को आमंत्रित करेगा.

इससे पहले भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को अफगानिस्तान के मुद्दे पर जी 20 में हिस्सा लेते हुए कहा था कि अफगानिस्तान आतंकवाद का अड्डा न बने. उन्होंने कट्टरपंथ, आतंकवाद और मादक पदार्थों की तस्करी के गठजोड़ के खिलाफ संयुक्त लड़ाई का आह्वान किया, साथ ही अफगान नागरिकों के लिये तत्काल और निर्बाध मानवीय सहायता का आह्वान किया.

मोदी ने यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता को भी रेखांकित किया कि अफगान क्षेत्र क्षेत्रीय या वैश्विक स्तर पर कट्टरपंथ और आतंकवाद का अड्डा नहीं बनना चाहिए.

एए/वीके (एएफपी, एपी, रॉयटर्स)

मंगेतर ने दिया धोखा, तो लड़की ने करा डाला मंगनी टूटने का शानदार फोटोशूट !
14-Oct-2021 1:05 PM (52)

27 साल में मेरेडिथ मेटा अमेरिका के वॉशिंगटन की रहने वाली हैं. 4 साल से मेटा अपने ब्वॉयफ्रेंड के साथ थीं और सितंबर 2020 में उनकी मंगनी भी हो गई थी. उन्हें जब पता चला कि ब्वॉयफ्रेंड ने उनसे धोखा किया है तो उन्होंने अपना रिश्ता खुद ही तोड़ दिया.

दिलचस्प बात तो ये रही कि मेटा ने जहां अपनी इंगेजमेंट का फोटोशूट कराया था, वहीं उन्होंने मंगनी टूटने का भी ग्लैमरस फोटोशूट करा डाला. फोटोशूट की जगह वही थी और उन्होंने इस बाल सफेद के बजाय काले रंग के कपड़े पहन रखे थे.

Un Engagement Photoshoot के नाम से उन्होंने इस शूट को ब्रांड किया था. मेटा ने ब्लैक ड्रेस में सजकर अपनी इंगेजमेंट ड्रेस को टांगा और उसे काले पेंट से स्प्रे कर डाला. पेशे से डेंटल हाइजीनिस्ट मेटा ने इसे दिल तोड़ देने वाले हालात में सशक्तीकरण का नाम दिया है.

उन्होंने दुख में भी खुद को सजाने-संवारने का जज़्बा दिखाया और दुखी होने के बजाय खुद को सेलिब्रेट किया. वे कहती हैं कि उन्होंने इससे पहले डिवोर्स पार्टीज़ देखी थीं और उन्हें ये हमेशा कूल लगती थीं. हालांकि वे कभी खुद ऐसा करेंगी, उन्होंने नहीं सोचा था.

उन्होंने कभी बड़े अरमानों से खरीदी अपनी लाखों की ड्रेस को पेड़ पर टांगकर काले पेंट से स्प्रे कर डाला. चूंकि उनके मंगेतर पर रिवीलिंग ड्रेस नहीं पसंद थी, इसलिए उन्होंने मंगनी टूटने के फोटोशूट के लिए रिवीलिंग ब्लैक कलर की ड्रेस चुनी.

उनके लिए ये सब आसान नहीं था. उन्होंने अपनी शादी के लिए बड़े सपने सजाए थे और इसकी तैयारी भी शुरू कर दी थी. वो बात अलग है, कि हमेशा वही नहीं होता, जो आप सोचते हैं. उन्होंने इस दौरान एक केक भी काटा, जिस पर शादी की डेट के साथ लिखा था, कि अब वे ऐसा नहीं करेंगी.

आपको जानकर हैरानी होगी कि उन्होंने अपने पूर्व मंगेतर की नई गर्लफ्रेंड से रिश्ते भी बना लिए हैं. उसके साथ वे घूमने भी जाती हैं और कई बार ड्रिंक्स भी शेयर करती हैं. वे लोगों को सलाह दे रही हैं, कि खुद को प्यार करना सीखें और अपने साथ ज्यादा से ज्यादा वक्त बिताएं. खुशियों के लिए दूसरों पर निर्भर न रहें. (news18.com)

पाकिस्तान में जनता की निकलीं चीखें, एक कप चाय की कीमत 40 रुपए हुई, क्यों आई ऐसी नौबत
14-Oct-2021 1:03 PM (33)

इस्लामाबाद. पाकिस्तान में इमरान हुकूमत ने भारत के साथ ट्रेड बंद कर दिया था. जिसका नुकसान ये हुआ कि वहां खाने-पीने की चीजों के दाम भी अब आसमान छू रहे हैं. हालत और ज्यादा खतरनाक तब हो गए हैं कि जब लोगों की सबसे बड़ी जरूरत चाय पहुंच से दूर होती जा रही है. पाकिस्तान में इस वक्त एक कप चाय की कीमत जानकार आपके होश उड़ जाएंगे. india

आखिर क्यों आई ऐसी नौबत?
पाकिस्तान ने भारत से चीनी आयात करने पर रोक लगा दी है. इसके अलावा चायपत्ती, टी-बैंग्स, दूध, चीनी और गैस के दाम आसमान छू रहे हैं. दूध के दाम 105 से बढ़कर 120 रूपए प्रति लीटर हो चुके हैं. चायपत्ती की कीमत 800 से 900 रूपए और गैस सिलेंडर के दाम 1500 से 3000 हजार रुपए तक जा चुके हैं. ऐसे में एक कप चाय की कीमत में करीब 35% की वृद्धि देखने को मिली है.

चायवालों को मजबूरी में बढ़ानी पड़ी कीमत
चायवाले ने बताया कि उसकी कमाई बुरी तरह प्रभावित हुई है. उसके पास चाय के दाम बढ़ाने के अलावा कोई और चारा नहीं बचा था. वहीं, अब्दुल अजीज नाम के एक और चायवाले ने कहा कि मेरी एक दिन की टोटल कमाई 2600 रूपए थी, लेकिन जब मैंने अपना पूरा मुनाफा जोड़ा तो मैं सिर्फ 15 रूपए फायदे में था. इससे मेरा बिल्कुल गुजारा नहीं हो पा रहा था. इसलिए ही मैंने चाय के दामों में बढ़ोतरी करने का फैसला किया है.

गरीबों पर पड़ रही महंगाई की मार
इसका असर छोटे टी-शॉप बिजनेस पर पड़ा है, क्योंकि चाय की कीमत बढ़ने से हर दिन वाले कस्टमर्स कम हो गए हैं. तीन से चार कप की बजाय अब एक या दो कप की पीते हैं. वहीं, कई ने तो दुकान पर आना ही बंद कर दिया है. (news18.com)

काबुल समेत अफगानिस्तान के कई प्रांत में बिजली गुल, तालिबान ने नहीं चुकाया करोड़ों डॉलर का बिल
14-Oct-2021 1:02 PM (34)

काबुल. अफगानिस्तान में राजधानी काबुल समेत कई प्रांत बिजली कटौती के कारण अंधेरे में डूब चुके हैं. इसके पीछे की वजह उज्बेकिस्तान से होने वाली सप्लाई में तकनीक गड़बड़ी को बताया जा रहा है. हालांकि अफगानिस्तान की सरकारी बिजली कंपनी ‘दा अफगानिस्तान ब्रेशना शेरकत’ पर कई मध्य एशियाई देशों का बिजली का बिल बकाया है. तालिबान ने भी किसी बिजली का बिल नहीं चुकाया है. ऐसे में करीब 6.2 करोड़ डॉलर के बिजली बिलों का भुगतान करने के लिए DABS सरकारी अधिकारियों की संपत्ति को बेचने की तैयारी में है. बता दें तालिबान के कब्जे के बाद से ही अफगानिस्तान में खाने-पीने तक क का संकट पैदा हो गया है

अफगानी बिजली कंपनी के हवाले से समाचार एजेंसी स्पुतनिक ने जानकारी दी कि उत्तरी अफगानिस्तान के बगलान प्रांत में तकनीकी समस्या आने की वजह से बिजली आपूर्ति बाधित हुई है. हालांकि, बिजली कंपनी ने यह भी कहा है कि उनका तकनीकी स्टाफ इस समस्या को जल्द-से-जल्द दूर करने के लिए काम कर रहा है.

बता दें कि बिजली आपूर्ति के लिए अफगानिस्तान मध्य एशिया के देशों पर निर्भर है. अफगानिस्तान को 80 फीसदी बिजली उजबेकिस्तान और ताजिकिस्तान से मिलती है. हालांकि, इस साल अगस्त में तालिबान के कब्जे के बाद से तालिबान इन देशों का कर्ज चुकाने में नाकामयाब रहा है.

DABS के पूर्व प्रमुख दाऊद नूरजई ने इसी महीने बताया था कि अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में सर्दियां आने तक भारी बिजली कटौती हो सकती है. उन्होंने कहा था कि तालिबान द्वारा बिजली आपूर्ति करने वाले देशों को बकाया बिल का भुगतान न करने की वजह से ऐसा हो सकता है. हालांकि, इस बीच DABS के कार्यकारी प्रमुख सफीउल्ला अहमदजई ने कहा है कि वे जल्द ही योजनागत तरीके से सभी बकाया चुका देंगे ताकि बिजली कटौती से बचा जा सके. (news18.com)

फिनलैंड के वैज्ञानिकों ने लैब में बिना पौधों के 'उगाई' कॉफी
14-Oct-2021 11:51 AM (29)

फिनलैंड की एक प्रयोगशाला में कॉफी तैयार की गई है, बिना खेती किए. इसका स्वाद और खुश्बू असली कॉफी जैसी है. पर इसके सामने अभी कई चुनौतियां हैं.

   (dw.com)

कृषि क्षेत्र उन क्षेत्रों में से हैं, जिन पर पर्यावरण परिवर्तन का सीधा और तेज प्रभाव हो रहा है. लेकिन इस क्षेत्र में भी कई बातें ऐसी हैं जो पर्यावरण को प्रभावित कर रही हैं. जैसे कुछ फसलें हैं जिनकी खेती पर्यावरण के लिए नुकसानदायक है. जैसे कि कॉफी.

संसाधनों की कमी की चुनौतियों के चलते कॉफी की पारंपरिक खेती पर जलवायु परिवर्तन का खतरा मंडरा रहा है. इन्हीं खतरों के संबंध में शोध करते हुए फिनलैंड के वैज्ञानिकों ने ऐसी कॉफी बनाई है जो पर्यावरण के लिए अच्छी है.

फिनलैंड के इन वैज्ञानिकों ने यह कॉफी ‘सेल कल्चर्स' तकनीक का इस्तेमाल करके बनाई है और दावा किया जा रहा है कि इसका स्वाद और गंध दोनों ही असल कॉफी से मिलती जुलती हैं.

फिनलैंड के वीटीटी टेक्निकल रिसर्च के शोधकर्ताओं का कहना है शायद उन्हें पर्यावरण के लिए कम नुकसानदायक कॉफी बनाने की तकनीक मिल गई है. इस तकनीक के जरिए कॉफी बीन्स की खेती किए बगैर ही कॉफी बनाई जा सकती है.
कैसे बनी लैब में कॉफी?

यह तकनीक सेल कल्चर्स पर आधारित है. इसके जरिए बायो रिएक्टर्स में न सिर्फ कृषि के बल्कि जानवरों से मिलने वाले विभिन्न उत्पाद भी तैयार किए जा सकते हैं. वीटीटी में इस प्रक्रिया की निगरानी करने वाले शोधकर्ता हाएकी ऐसाला कहती हैं कि हो सकता है इस तरह से बनाई गई कॉफी अभी लोगों को उतनी लजीज ना लगे लेकिन इसमें अरबों डॉलर के कॉफी उद्योग के लिए विशाल संभावनाएं हैं.

जब उनसे पूछा गया कि क्या इस कॉफी का स्वाद असली कॉफी जैसा है, तो ऐसाला ने कहा, "एकदम सौ फीसदी तो नहीं. इसका स्वाद ऐसा है जैसे कई तरह की कॉफी मिला दी गई हो. व्यवसायिक कॉफी बनाने में हमें अभी पूरी कामयाबी नहीं मिली है लेकिन इतना तय है कि यह कॉफी जैसी है.”

वीटीटी में रिसर्च टीम की प्रमुख हाइको रिषर कहते हैं कि लैब में तैयार प्रक्रिया पर्यावरण के लिए ज्यादा फायदेमंद कॉफी बनाने का रास्ता खोलती है क्योंकि बहुत ज्यादा मांग के चलते विभिन्न देश बहुत बड़े पैमाने पर धरती का इस्तेमाल कॉफी की खेती के लिए कर रहे हैं और इस कारण जंगल काटे जा रहे हैं.

रिषर कहते हैं कि प्रयोगशाला में तैयार कॉफी में कीटनाशकों व खाद का इस्तेमाल कम होता है और इसे दूर देशों के बाजारों तक ले जाने का परिवहन बचता है.
कई चुनौतियां हैं

हालांकि प्रयोगशाला में तैयार कॉफी के सामने काफी चुनौतियां होंगी. जैसे कि यूरोप में बाजार में उतारे जाने से पहले उसे ‘नोवल फूड' के तौर पर अनुमति लेनी होगी.

और सबसे बड़ी चुनौती तो यह है कि कॉफी के दीवाने क्या इसे पसंद भी करेंगे. फिनलैंड की राजधानी हेलसिंकी में एक कैफे चलाने वाले सातू कहते हैं कि किसी दिन तो वह राह पकड़नी ही होगी.

उन्होंने कहा, "जिस तरह कॉफी के सारे कुदरती संसाधन खत्म हो रहे हैं, मुझे लगता है कभी तो वह तरीका अपनाना ही होगा. इसलिए हमें उस राह पर चलना ही होगा. और अगर उसका स्वाद अच्छा है, खुश्बू कॉफी जैसी है तो क्यों नहीं? मुझे लगता है कि संभव है.”

वीके/एए (रॉयटर्स)

नॉर्वे में धनुर्धारी का हमला, पांच लोगों को मार डाला
14-Oct-2021 11:50 AM (31)

नॉर्वे के कोन्सबर्ग शहर में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है जिस पर पांच लोगों की हत्या का आरोप है. उसने धनुष और बाण से हत्याएं कीं. अभी तक घटना की वजह का पता नहीं चल पाया है.

   (dw.com)

बुधवार रात नॉर्वे के कोन्सबर्ग शहर में एक धनुर्धारी का कहर टूटा. पुलिस का कहना है कि इस व्यक्ति ने अपने धनुष और बाण से पांच लोगों की जान ले ली. व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है लेकिन पुलिस ने कहा है कि उसका मकसद अभी पता नहीं चल पाया है. और यह कहना जल्दबादी होगी कि यह कोई आतंकवादी घटना थी या नहीं.

यह घटना कोन्सबर्ग शहर में हुई, जो नॉर्वे के उत्तर पूर्व में है. अधिकारियों ने बताया कि इस व्यक्ति ने परचून की दुकान के पास लोगों पर तीर कमान से हमला किया. पांच लोगों की जान चली गई और दो लोग घायल हुए.
क्यों हुआ हमला?

पुलिस ने मीडिया को घटना की जानकारी देते हुए कहा कि संदिग्ध को फौरन गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस प्रमुख ओएविंद आस ने बताया, "व्यक्ति को पकड़ लिया गया है. अब तक हमारे पास जो जानकारी है, उसके मुताबिक इस व्यक्ति ने अकेले ही घटना को अंजाम दिया. कई लोग घायल हैं और कई लोगों की मौत हो गई है.”

प्रभावित इलाके का दायरा काफी बड़ा बताया गया है. यह वारदात शहर के केंद्र में हुई. पुलिस को घटना के बारे में स्थानीय समय के मुताबिक शाम करीब साढ़े छह बजे सूचना मिली. 20 मिनट बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया.

पुलिस ने आरोपी की पहचान उजागर नहीं की है और उसका आतंकवाद से संबंध होने पर भी टिप्पणी नहीं की है. अधिकारियों का कहना है कि और जांच के बाद ही इस बारे में कुछ कहा जा सकेगा.

नॉर्वे की कार्यवाहक प्रधानमंत्री एरना सोलबर्ग ने इस घटना को वीभत्स करार दिया जबकि प्रधानमंत्री बनने जा रहे जोनास स्टोएरे ने इसे ‘क्रूर और नृशंस' बताया.
घायलों में पुलिस अफसर भी

नॉर्वे के मीडिया ने लिखा है कि हिंसा के डर से शहर के कई इलाकों को खाली करा लिया गया था. घटना स्थल पर दर्जनों हेलीकॉप्टर और एंबुलेंस पहुंची थीं. घायलों को आईसीयू में रखा गया है. दो घायलों में से एक पुलिस अफसर है जो उस वक्त ड्यूटी पर नहीं था.

घटना के बाद देश के पुलिस महानिदेशालय ने अफसरों को हथियार साथ रखने का आदेश दिया है. आम तौर पर स्कैंडेनेविया के देशों में पुलिस के पास हथियार नहीं होते.

करीब दस साल पहले एक दक्षिणपंथी आंद्रेस ब्रेविक ने देश के सबसे भयानक आतंकवादी हमले को अंजाम दिया था. ब्रेविक ने ओस्लो में एक बम धमाका करने के बाद लोगों पर गोलीबारी की थी. जुलाई 2011 में उटोया में हुई उस घटना में 77 लोगों की जान गई थी.

वीके/एए (एपी, डीपीए)

नार्वे की सड़कों पर धनुष-तीर चलाकर 5 लोगों की हत्या, पुलिस बोली-आतंकी घटना से इनकार नहीं
14-Oct-2021 11:43 AM (41)

ओस्लो. नार्वे के दक्षिण पूर्वी शहर कोंग्सबर्ग में बुधवार को धनुष और तीर से लैस एक व्यक्ति ने पांच लोगों की हत्या कर दी. वहीं, दो अन्य घायल हो गए. पुलिस ने बताया कि उन्होंने संदिग्ध हमलावर को गिरफ्तार कर लिया है. कोंग्सबर्ग के टाउन सेंटर में कई स्थानों पर हुए हमले का मकसद अज्ञात है, लेकिन पुलिस ने आतंकी घटना होने से इनकार नहीं किया है. पुलिस ने संदिग्ध की पहचान कोंग्सबर्ग में रहने वाले एक 37 वर्षीय डेनिश नागरिक के रूप में की है.

पुलिस अधिकारी आयविंड आस ने पांच लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है. अन्य दो घायल आईसीयू में हैं. हमलावर ने कूप एक्स्ट्रा सुपरमार्केट में घुसकर लोगों पर हमला किया था. हमलावर ने सबसे पहले शहर के एक व्यस्त चौराहे पर मौजूद लोगों को निशाना बनाया. इसके बाद वो पास के इलाकों की तरफ भाग गया.

आरोपी का पीछा करने के लिए पुलिस ने हेलिकॉप्टर और बम स्क्वॉड को भी तैनात किया था. मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि हमलावर को घटनास्थल से 25 किलोमीटर दूर ड्रेमन इलाके से गिरफ्तार किया गया. इस दौरान उसने पुलिस पर भी हमले की कोशिश की. बाद में छापेमारी के दौरान उसे गिरफ्तार कर लिया गया.

पुलिस अधिकारी आस ने बताया, “घायलों में से एक एक ऑफ-ड्यूटी पुलिस अधिकारी था, जो एक स्टोर में था. अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक, अभी तक इस हमले में सिर्फ एक शख्स के शामिल होने की बात सामने आई है. इसमें आतंकी घटना होने की खुली संभावना हो सकती है.”

घटना कोंग्सबर्ग की है, जो देश की राजधानी ओस्लो से 68 किलोमीटर की दूरी पर है. यह करीब 28000 लोगों की आबादी वाला इलाका है. आपको बता दें कि यह हमला नार्वे में 2011 के बाद हुआ पहला ऐसा कोई हमला है, जिसमें इतने ज्यादा लोगों की जान गई है. इससे पहले 2011 में दक्षिणपंथी चरमपंथी एंडर्स बेहरिंग ब्रेविक ने 77 लोगों को मार डाला था, जिनमें से अधिकांश एक यूथ कैंप में मौजूद युवा थे. (news18.com)

अपने ही घर में घिरे इमरान, नवाज की बेटी बोलीं, नहीं होने देंगे 'राजनीतिक शहीद'
14-Oct-2021 11:42 AM (41)

इस्लामाबाद. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान अपने ही घर में घिरते नजर आ रहे हैं. देश की विपक्षी पार्टी मुस्लिम लीग- नवाज की नेता मरियम नवाज ने कहा है कि इमरान खान को ‘राजनीतिक शहीद’ नहीं बनने दिया जाएगा. इस्लामाबाद हाईकोर्ट के बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा-‘इमरान खान को नवाज शरीफ जैसा बनने की कोशिश भी नहीं करनी चाहिए. नवाज शरीफ चुनाव जीतकर देश के प्रधानमंत्री बने लेकिन इमरान के साथ ऐसा नहीं है.’ बता दें कि इमरान खान की चुनावी जीत के बाद उन पर सेना के समर्थन के आरोप लगते रहे हैं.

यह बात मरियम ने एवेनफील्ड प्रॉपर्टी केस की सुनवाई के बाद कही है. उन्होंने कहा कि उन्हें ‘कुछ लोगों’ के इशारे पर फंसाया गया है. मरियम नवाज ने इमरान खान के व्यक्तित्व को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि इमरान का व्यक्तित्व षड्यंत्रों से भरा हुआ है. मरियम नवाज का कहना है कि पीएम इमरान को इन षड्यंत्रों का जवाब देना होगा.

इशारों में इमरान की पत्नी को भी निशाने पर लिया
उन्होंने कहा कि अगर ‘जादू’ का इस्तेमाल कर चुनावी जीत हासिल की जा सकती है तो फिर इसका इस्तेमाल कर महंगाई, पेट्रोल-डीजल के दाम भी कम कर देने चाहिए.

जेमिमा से भिड़ गई थीं मरियम नवाज
बीते जुलाई महीने में भी उनकी इमरान खान की पूर्व पत्नी के साथ जबदस्त बहस हुई थी. दरअसल, लंदन में अपने नाती के पोलो मैच देख रहे पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की तस्वीरों का जिक्र करते हुए इमरान खान ने कहा था, “गरीब जेल जाते हैं और शक्तिशाली लोग (नवाज शरीफ) डील करके विदेश जाते हैं और अपने नाती का मैच देखते हैं. आम आदमी पोलो नहीं खेल सकता. यह राजाओं का खेल है. घोड़ा रखने और पोलो खेलने के लिए आपको बहुत पैसे की जरूरत होती है, तो बताएं इस प्यारे नाती को यह पैसा कहां से मिला? यह लोगों का पैसा है.”

इस पर मरियम नवाज ने इमरान खान और उनकी पूर्व पत्नी जेमिमा को लेकर कमेंट कर दिया था. मरियम ने कहा, ‘मेरा बेटा कैब्रिज यूनिवर्सिटी में पोलो टीम का कप्तान है. ये पाकिस्तान के लिए फक्र की बात है. जुनैद नवाज शरीफ के नवासे हैं. गोल्डस्मिथ के नहीं. वो यहूदियों की गोद में नहीं खेले.’ मरियम के इसी बयान को यहूदी विरोधी बताते हुए ट्विटर पर बहस छिड़ गई है. क्योंकि, मरियम नवाज ने जेमिमा गोल्डस्मिथ के बच्चे को लेकर ये बातें कही थी. (news18.com)

बांग्लादेश के कोमिला में सांप्रदायिक हमले, हसीना ने कार्रवाई का आदेश दिया
14-Oct-2021 8:51 AM (50)

-सुमी खान

ढाका, 14 अक्टूबर| बांग्लादेश में अपने सबसे बड़े हिंदू धार्मिक उत्सव के जश्न के बीच कोमिला जिले और अन्य जगहों पर मंदिरों और दुर्गा पूजा पंडालों पर हमलों की एक श्रृंखला सोशल मीडिया के माध्यम से फैली 'अफवाहों' के बाद हुई।

अधिकारियों ने घटनाओं को गंभीरता से लिया है, अर्धसैनिक बलों को तैनात किया है और अधिकारियों से अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है।

कुरान का कथित तौर पर अनादर करने के लिए कोमिला में एक मंदिर मंगलवार रात फ्लैशपोइंट बन गया।

स्थानीय अधिकारियों ने आईएएनएस को बताया कि बीएनपी और जमात-ए-इस्लाम के कुछ बदमाशों ने मंगलवार रात ननुयार दिघीर पर मंदिर में दुर्गा पंथ में गणेश के चरणों में पवित्र कुरान की एक प्रति लगाई।

जिले के एक अधिकारी ने कहा, "अराजक तत्वों ने इसकी कुछ तस्वीरें लीं और भाग गए। कुछ ही घंटों में फेसबुक का इस्तेमाल कर भड़काऊ तस्वीरों के साथ प्रचार जंगल की आग की तरह फैल गया।"

गुस्साई भीड़ ने पूजा पंडालों और मंदिर में तोड़फोड़ की।

सत्ताधारी अवामी लीग के कार्यकर्ता पुलिस के साथ दुर्गा पूजा पंडालों और मंदिरों की घेराबंदी करने के लिए हरकत में आए। बाद में दिन में, कोमिला शहर और जिले के अन्य संवेदनशील क्षेत्रों और क्षेत्र में अन्य जगहों पर सुरक्षा बलों की अधिक इकाइयां तैनात की गईं।

एक आपातकालीन नोटिस में, धार्मिक मामलों के मंत्रालय ने कहा कि खबर मिली है कि कोमिला में धार्मिक पाठ का 'अपमान' किया गया था, लेकिन जनता से कानून को अपने हाथ में नहीं लेने का आग्रह किया और धार्मिक सद्भाव और शांति बनाए रखने की अपील दोहराई।

बढ़ते सांप्रदायिक तनाव के मद्देनजर कोमिला में बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड के जवानों को तैनात किया गया है।

बीजीबी के कोमिला बटालियन कमांडर, लेफ्टिनेंट कर्नल फजल रब्बी ने कहा, "कोमिला में कोई अशांति नहीं हो, यह सुनिश्चित करने के लिए दोपहर में बीजीबी के चार प्लाटून तैनात किए गए थे। किसी भी शत्रुता को रोकने के लिए बीजीबी को तैनात किया गया है।"

--आईएएनएस

एसजीके

बांग्लादेश हिंदू एकता परिषद ने शांति की अपील की।

हम अपने मुस्लिम भाइयों से कहना चाहेंगे, कृपया अफवाहों पर विश्वास न करें। हम कुरान का सम्मान करते हैं। दुर्गा पूजा में कुरान की कोई आवश्यकता नहीं है। यह कोई दंगा भड़काने की साजिश कर रहा है। निष्पक्ष जांच होगी। कृपया अब और हिंदू मंदिरों पर हमला न करें।

लेकिन बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई ओक्या परिषद के महासचिव राणा दासगुप्ता ने कहा: पहले से ही, चटगांव में बंशखली, कॉक्स बाजार के पेकुआ सहित देश भर में मंदिरों पर हमला किया जा रहा है .. देश भर में सांप्रदायिक खतरा फैल गया है। हम संगीत को रोकने का फैसला करने जा रहे हैं। और विरोध के तौर पर माइक का इस्तेमाल.. उस समय की रस्में बंद नहीं हो सकतीं।  (आईएएनएस)

लड़कों के बैंड में एंट्री पाने के लिए लड़की ने बदल लिया भेष, फिर यूं हो गई सारी मेहनत बर्बाद !
13-Oct-2021 9:29 PM (50)

आपने ऐसी कहानियां सुनी होंगी, जहां लड़कियों ने अपना भेष बदलकर लड़कों की ज़िंदगी जी हो. हालांकि असल ज़िंदगी में ऐसा होना बहुत मुश्किल है. चीन में इससे ही मिलता-जुलता एक मामला सामने आया है. यहां एक 13 साल की लड़की ने अपने जेंडर को लेकर झूठ बोला और जब ये बात खुली तो उसे पूरे देश के सामने माफी मांगनी पड़ी.

लड़की का नाम फु जियाउन है और उसकी उम्र सिर्फ 13 साल है. उसने अपने जेंडर को लेकर झूठ संगीत के प्रति अपने लगाव के चलते बोला. दरअसल उसे देश की मशहूर टैलेंट मैनेजमेंट कंपनी YGN Youth Club में एंट्री चाहिए थी. उसने इस ग्रुप में तो झूठ बोलकर एंट्री ले ली, लेकिन जब उसके वीडियो लोगों को सामने आए, तो उन्होंने फु जियाउन को पहचान लिया.

लड़के की ज़िंदगी जी रही थी लड़की
चीन का YGN Youth Club सिर्फ लड़कों को ही ट्रेनिंग के लिए एंट्री देता है. इस कंपनी ने अपने नए बैच की भर्ती के लिए Covid-19 के चलते ऑनलाइन ही टेस्ट लिया. यही वजह थी कि अपने लुक्स के चलते फु जियाउन पकड़ी नहीं गई और उसने इस क्लब में एंट्री ले ली. ये ब्वॉयज़ बैंड चीन के लोगों में काफी लोकप्रिय है और इसमें टीनएज में ही बच्चे शामिल हो जाते हैं. उम्र कम होने की वजह से देखने में फु जियाउन लड़कों की ही तरह दिखी और उसकी सिंगिंग भी काफी पसंद की गई थी. हालांकि उसकी सिंगिंग के कुछ वीडियो वायरल होने के बाद उसे मुश्किल का सामना करना पड़ा.

पूरे देश से मांगी माफी, कहा- छोड़ दूंगी मनोरंजन जगत
फु जियाउन की पहचान उजागर होने के बाद कंपनी ने कहा है कि वो अब अपने स्टाप की लापरवाही पर खास ध्यान देंगे. वे कोशिश करेंगे कि कंपनी के नियम-कानूनों का कायदे से पालन हो. वहीं फु ने अपने माफीनामे में कहा है कि वो हमेशा के लिए इंडस्ट्री छोड़ देगी. इस झूठ की वजह से उसकी स्कूल और निजी ज़िंदगी काफी प्रभावित हुई है. हालांकि तमाम फैंस ने उसके साहस की तारीफ करते हुए कहा कि उसे आगे भी गाने का मौका मिलना चाहिए. (news18.com)

रूस में कोरोना को लेकर खतरे की घंटी, एक दिन में रिकॉर्ड हजार मौतें, फिर लगेगा लॉकडाउन!
13-Oct-2021 9:23 PM (50)

मॉस्को. कोविड-19 के तेजी से बढ़ते मामलों और कम टीकाकरण दर से जूझ रहे रूस में संक्रमण के कारण बुधवार को करीब हजार मौतें दर्ज की गई हैं. बावजूद इसके अधिकारियों का कहना है कि देश में फिर से लॉकडाउन लागू नहीं किया जाएगा.

कोरोना वायरस संबंधी सरकार के कार्यबल के अनुसार, रूस में इस संक्रमण से बुधवार को 984 और मंगलवार को 973 लोगों की मौत हुई हैं. यह महामारी की शुरुआत से अब तक की सर्वाधिक एक दिन में मौतों का आंकड़ा है. रूस में संक्रमण से मरने वालों की संख्या में हर दिन इजाफा हो रहा है. इसके साथ ही देश में मंगलवार को संक्रमण के 28,717 नए मामले सामने आए.

मृतक संख्या बढ़ने के बावजूद क्रेमलिन ने देश में लॉकडाउन लागू किए जाने की संभावना से इनकार किया. संक्रमण को काबू करने के लिए प्रतिबंध लगाने के संबंध में फैसला क्षेत्रीय प्राधिकारियों पर सौंप दिया है. संक्रमण के बढ़ते मामलों के कारण रूस की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली पर दबाव बढ़ गया है.

देश के स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराश्को ने मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में कहा कि रूस के अस्पतालों में भर्ती कोविड-19 के 2,35,000 मरीजों में से 11% मरीजों की हालत गंभीर या नाजुक है.

रूस में कोरोना वायरस कार्यबल ने देश में संक्रमण के 78 लाख मामलों की पुष्टि की है, जिनमें से 2,19,329 लोगों की मौत हो गई है. यह यूरोप में सर्वाधिक मृतक संख्या है. रूसी सरकार का कहना है कि देश में पिछले महीने से संक्रमण के मामलों में तेजी आने का कारण टीकाकरण दर कम होना है.

सरकार ने शुक्रवार को बताया कि रूस की कुल 14 करोड़ 60 लाख की आबादी के करीब 33 प्रतिशत लोगों यानी मात्र चार करोड़ 78 लाख लोगों ने कम से कम एक टीका लगवाया है, जबकि करीब 29% लोगों यानी चार करोड़ 24 लाख लोगों का पूर्ण टीकाकरण हुआ है.

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने नव-निर्वाचित रूसी सांसदों के साथ मंगलवार को एक बैठक में व्यापक टीकाकरण के महत्व पर जोर दिया. सांसदों से लोगों को टीकाकरण के लिए प्रोत्साहित करने में मदद करने का आग्रह किया. (news18.com)