अंतरराष्ट्रीय

कुत्ते के साथ दुल्हन ने कराया अनोखा फोटोशूट, तस्वीरें देख दीवाने हुए लोग
23-Oct-2021 2:30 PM (63)

अमेरिका की रहने वालीं हाना किम ने लंबे वक्त बाद अपने ब्वॉयफ्रेंड जाराड ब्रिकमैन के साथ शादी का फैसला लिया तो वे अपने साथ वेडिंग वेन्यू पर अपने प्यारे डॉग को भी लेकर गईं. उनकी एंट्री के दौरान उनके साथ उनका प्यारा डॉग भी मौजूद था.

हाना जहां खुद शादी के लिए खूबसूरत सफेद गाउन में सजी थीं, तो वहीं उनका प्यारा गोल्डेन रिट्रीवर डॉग भी शादी के लिए खास लिबास में सज-धजकर तैयार हुआ था. हाना किम ने हाथ में गुलदस्ता लिए हुए अपने डॉग को साथ लेकर शादी के लिए एंट्री की तो सब उन्हें देखते ही रह गए.

जाराड ब्रिकमैन और हाना किम की शादी ओरेगन के कैंप कोल्टन के जंगलों में ऑर्गनाइज़ की गई थी. हाना और उनके डॉग के साथ एंट्री के बाद फोटोग्राफर ने उनकी पिक्चर्स क्लिक करनी शुरू कर दीं. इस दौरान पेट और ओनर के बीच की क्यूट बॉन्डिंग कैमरे में जब कैद हुईं, तो खुद हाना भी इसे देखकर बेहद खुश हुईं क्योंकि वे कुछ ऐसी की यादें चाहती थीं.

वेडिंग फोटोशूट की तस्वीरें लेने वाली फोटोग्राफर का नाम स्टेपनी नैशट्रैब है. उन्होंने इसे अब तक का सबसे क्यूट फोटोशूट बताया है. उन्होंने भी इस प्यारे से फोटोशूट को इंस्टाग्राम पर शेयर किया है और लिखा है कि पेट डॉग गम्बो शादी के दिन अपनी मालकिन के साथ ये फोटोशूट कराकर बेहद खुश था.

इश शादी से जुड़ी हुई सबसे खास बात ये है कि हाना और उनके मंगेतर की मुलाकात भी साल 2014 में डॉग्स की वजह से ही हुई थी. ऐसे में उन्होंने हमेशा ही ये चाहा कि डॉग्स उनकी ज़िंदगी का अहम हिस्सा बने रहें. यही वजह है कि शादी की हर सेरेमनी में डॉग ब्रिगेड शामिल रही.

हाना किम और उनके पेट के बीच की बॉन्डिंग और उनकी कैंडिड तस्वीरें देख लोग उन पर जमकर प्यार लुटा रहे हैं. शादी में इस तरह डॉग को शामिल करने के उनके फैसले की लोग तारीफ भी कर रहे हैं. (news18.com)

महिला ने चर्च के सामने किया ऐसा काम कि मिलने लगी जान से मारने की धमकी, लोगों से मांगनी पड़ी माफी!
23-Oct-2021 2:28 PM (68)

सोशल मीडिया पर अक्सर ऐसी फोटोज और वीडियो वायरल होने लगती हैं जो सभी को हैरान कर देती हैं. कई बार ये फोटोज किसी की भावनाओं को भी आहत करने वाली होती हैं जिसके बाद विवाद भी खड़ा हो जाता है. कभी भी लोग खुद ही फेमस होने के लिए विवादों से दो-दो हाथ कर लेते हैं मगर उसका नतीजा इतना बुरा होता है कि उन्हें कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है. हाल ही में एक एडल्ट फिल्मों की एक्ट्रेस ने भी कुछ ऐसा ही किया जिसके बाद इतना बड़ा विवाद खड़ा हुआ कि महिला को लोगों ने माफी मांगनी पड़ी.

पोर्न एक्ट्रेस और एडल्ट सब्सक्रिप्शन साइट ओन्लीफैंस की मॉडल लोला बनी इन दिनों चर्चा में हैं. वो इसलिए क्योंकि उनका एक विवादित वीडियो चर्चा का विषय बन रहा है. दरअसल, लोला बनी का एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है जिसमें वो रूस के सेंट बेसिल चर्च के बाहर खड़ी हुई हैं. वीडियो में वो अश्लील पोज देते नजर आ रही हैं. एक्ट्रेस की इस हरकत से रूस में ईसाई समाज के लोग बेहद नाराज हो गए और उन्हें सोशल मीडिया पर जान से मारने की धमकी भी मिलने लगी. एक्ट्रेस खुद भी रूमी मॉडल हैं जिसके चलते उन्हें लोगों के गुस्से का काफी सामना करना पड़ा. धमकियां मिलने और वीडियो वायरल हो जाने के बाद लोला बनी ने अपनी गलती को स्वीकार किया और सोशल मीडिया पर माफी मांगने पर मजबूर हो गईं. आरटी वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक लोला बनी ने सोशल मीडिया पर लिखा- मैंने लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है. इसके लिए मैं माफी मांगती हूं. हालांकि उन्होंने बताया कि ये वीडियो कुछ साल पुराना है.

ये पहली बार नहीं है कि मॉस्को के इस फेमस चर्च के सामने ऐसी हरकत की गई है. तजाकिस्तान के वीडियो ब्लॉगररसलान बोबीव ने हाल ही में एक ऐसी ही हरकत की थी जिसके बाद हंगामा खड़ा हो गया था. रसलान ने एक महिला के साथ इसी चर्च के बाहर खड़े होकर एक अश्लील फोटो खिंचवायी है. इस फोटो में महिला ने एक जैकेट पहनी है जिसके पीछे लिखा है पुलिस. फोटो के वायरल होने से रूम में हंगामा खड़ा हो गया है और सोशल मीडिया पर ब्लॉगर की काफी आलोचना हो रही है. इस फोटो के वायरल होने के बाद रसलान को पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया है और उसे 10 दिन की जेल की सजा भी सुनायी गयी है. (news18.com)

भारतवंशी नीरा टंडन को व्हाइट हाउस में बड़ी जिम्मेदारी, उनकी मर्जी बिना नहीं हिलेगा एक पत्ता
23-Oct-2021 2:26 PM (37)

वॉशिंगटन. भारतीय मूल की नीरा टंडन को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बायडन ने व्हाइट हाउस में स्टाफ सचिव नियुक्त किया. इस नियुक्ति के बाद उन्हें अहम जिम्मेदारी दी गई है, जिसके तहत उनके पास अब राष्ट्रपति बायडन के सभी दस्तावेजों का नियंत्रण रहेगा. नीरा टंडन इस पद पर आसीन होने वाली पहली भारतीय-अमेरिकी होंगी. इससे पहले मई माह में नीरा को बायडन का वरिष्ठ सलाहकार नियुक्त किया गया था.

व्हाइटहाउस के स्टाफ सचिव पर्दे के पीछे रहकर काम करते हैं, लेकिन इनकी भूमिका बेहद ही महत्वपूर्ण होती है. एक अधिकारी ने कहा कि व्हाइट हाउस में स्टाफ सचिव की भूमिका केंद्रीय तंत्रिका तंत्र के समान है, जो कि निर्णय लेने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाती है और राष्ट्रपति के लिए कई तरह के मुद्दों का प्रबंधन करती है.

पोलिटिको ने व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के हवाले से बताया कि टंडन व्हाइट हाउस के वरिष्ठ सलाहकार के अपने पद को बरकरार रखेंगी, जिसमें उन्होंने राष्ट्रपति को कई मुद्दों पर सलाह देती हैं. वाशिंगटन पोस्ट के मुताबिक, वह व्हाइट हाउस के चीफ ऑफ स्टाफ रोनाल्ड क्लेन को रिपोर्ट करेंगे.

टंडन के पास नीति और प्रबंधन में दो दशकों से अधिक का अनुभव है जो कि व्हाइट हाउस में नीति को और मजबूत करने का काम करेगा. घरेलू, आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा नीति में उनका अनुभव इस नई भूमिका में एक महत्वपूर्ण संपत्ति होगी. व्हाइट हाउस के स्टाफ सचिव के रूप में टंडन की नियुक्ति आठ महीने बाद हुई, जब उन्होंने रिपब्लिकन सीनेटरों के कड़े विरोध के कारण व्हाइट हाउस ऑफिस ऑफ मैनेजमेंट एंड बजट के निदेशक के रूप में अपना नामांकन वापस ले लिया.

टंडन अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के कार्यकाल में व्हाइट हाउस में घरेलू नीति की सहायक निदेशक और प्रथम महिला की वरिष्ठ नीति सलाहकार के रूप में अपना करियर शुरू किया था. इसके अलावा टंडन अमेरिका स्वास्थ्य एवं मानव सेवा मंत्रालय में स्वास्थ्य सुधारों की वरिष्ठ सलाहकार रह चुकी हैं. उन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में अफोर्डेबल केयर एक्ट के कुछ विशेष प्रावधानों पर कांग्रेस और हितधारकों के साथ मिलकर काम किया था. (news18.com)

अमेरिका का बदला पूरा, अलकायदा का टॉप कमांडर सीरिया में मार गिराया, ऐसे दिया अंजाम
23-Oct-2021 2:25 PM (43)

वॉशिंगटन. अमेरिकी सेना की सीरिया में एक एयरट्राइक में अलकायदा का टॉप कमांडर अब्दुल हामिद अल-मातर मारा गया है. शुक्रवार को अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता मेजर जॉन रिग्सबी ने इस बात की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि अलकायदा अमेरिका और उसके साथी देशों के लिए खतरा बना हुआ है. अलकायदा सीरिया को एक सुरक्षित जगह के तौर पर इस्तेमाल करता है. यहां से दुनियाभर में आतंकी हमलों को अंजाम देता है. उन्होंने कहा कि अलकायदा के इस बड़े नेता के मारे जाने के बाद अलकायदा के ऑपरेशंस में रुकावट आएगी.

कहां और कैसे दिया हमले को अंजाम?
यह हमला दक्षिणी सीरिया में अमेरिकी चौकी पर हमले के दो दिन बाद हुआ है. हालांकि, रिग्सबी ने यह नहीं बताया कि क्या जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी ड्रोन हमला किया गया है. रिग्सबी के मुताबिक, “उत्तर पश्चिमी सीरिया में आज एक अमेरिकी हवाई हमले में अल-कायदा के वरिष्ठ नेता अब्दुल हमीद अल-मतर की मौत हो गई. इसके लिए एमक्यू-9 विमान का उपयोग किया गया. इस हमले में किसी आम नागरिक की जान नहीं गई है.

उन्होंने कहा, “अल-कायदा सीरिया को पुनर्निर्माण, बाहरी सहयोगियों के साथ समन्वय करने और बाहरी अभियानों की योजना बनाने के लिए एक सुरक्षित पनाहगाह के रूप में उपयोग करता है. अल-कायदा सीरिया को सीरिया, इराक और उससे आगे तक पहुंचने वाले खतरों के लिए एक आधार के रूप में भी उपयोग करता है.”

बयान में कहा गया है कि अमेरिका अल-कायदा और अन्य आतंकवादी संगठनों के सदस्यों को निशाना बनाना जारी रखेगा जो अमेरिकी को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं. (news18.com)

 

अफगानिस्तान में सिखों को धमकी- सुन्नी इस्लाम अपनाओ या देश से भागो: रिपोर्ट में दावा
23-Oct-2021 2:24 PM (35)

काबुल. अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद वहां अल्पसंख्यक समुदाय संकट में है. उन्हें जान से मारने और धर्म परिवर्तन करने की धमकियां दी जा रही हैं. खबर है कि अफगान सिखों के अस्तित्व पर भी संकट है. कट्‌टरपंथी संगठन उन्हें सुन्नी इस्लाम अपनाने या फिर देश छोड़कर भाग जाने को मजबूर कर रहे हैं. एक अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट में यह दावा किया गया हैं.्र

रिपोर्ट में क्या गया?
इंटरनेशनल फोरम फॉर राइट्स एंड सिक्योरिटी (आईएफएफआरएएस) की रिपोर्ट में कहा गया, अफगानिस्तान में सदियों से रह रहे सिखों की आबादी एक जमाने में दसियों हजार थी, लेकिन बीते कुछ वर्षों में कट्टरता के चलते बढ़ी धार्मिक हिंसा, हत्या, व्यवस्थागत भेदभाव और देश छोड़कर जाने के कारण समुदाय बर्बाद हो गया है.

देश में अधिकांश सिख काबुल में तो कुछ गजनी और नंगरहार प्रांतों में रहते हैं. यह रिपोर्ट ऐसे समय पर आई है, जब कुछ दिनों पहले ही काबुल के कार्त-ए-परवान जिले में एक गुरुद्वारे में घुसे 15 से 20 आतंकवादियों ने सुरक्षाकर्मियों को बंधक बना दिया था. अफगानिस्तान में सिख अक्सर इस तरह के हमलों और हिंसा का सामना करते हैं.

समुदाय पर लगातार हो रहे हैं हमले
अफगानिस्तान में कई सिख विरोधी हिंसक हमले हो चुके हैं. आतंकवादियों ने पिछले साल जून में एक अफगान सिख नेता का अपहरण कर लिया था. लेकिन इस बारे में अधिक खुलासा नहीं हो सका. मार्च 2019 में काबुल में एक और सिख व्यक्ति का अपहरण कर हत्या कर दी गई थी.

वहीं, कंधार में अज्ञात बंदूकधारी ने एक सिख को गोली मार दी थी. आईएफएफआरएएस का कहना है कि 26 मार्च 2020 को काबुल के एक गुरुद्वारे में तालिबान द्वारा समुदाय के नरसंहार के बाद से ही बड़ी संख्या में सिख भारत जा रहे हैं. फोरम का कहना है कि सिख सुन्नी संप्रदाय की कट्टर विचारधारा के खिलाफ हैं इसलिए उन्हें या तो जबरन मुस्लिम बना दिया जाता है या फिर उनकी हत्या कर दी जाती है.

रिपोर्ट का कहना है कि अफगानिस्तान का पूर्व शासन अल्पसंख्यक सिखों के घर बचाने और उन्हें सुरक्षा देने में नाकाम रहा है. अब कट्टरपंथी विचारधारा वाली तालिबान सरकार भी सिखों को पनपने नहीं देगी. (news18.com)

पाकिस्तान: TLP चीफ की रिहाई की मांग पर लाहाैर में दंगे, 3 पुलिसवालों की हत्या
23-Oct-2021 2:23 PM (36)

लाहौर. तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान के अध्यक्ष साद रिजवी की रिहाई की मांग को लेकर पाकिस्तान एक बार फिर जल उठा है. शुक्रवार को लाहौर से इस्लामाबाद के लिए निकाले जा रहे मार्च में सुरक्षा बलों-कट्टरपंथी इस्लामवादियों के बीच हुई हिंसक झड़प में दो पुलिसकर्मी समेत चार लोगों की मौत हो गई. जबकि पाकिस्तानी अखबार डॉन ने 3 पुलिसकर्मी के मारे जाने की बात कही है. इस दौरान 15 अन्य लोग घायल हो गए.

रिजवी की रिहाई की मांग को लेकर हजारों समर्थकों ने ‘लंबे मार्च’ की शुरुआत की. रैली में शामिल लोग इस्लामाबाद जाना चााहते हैं ताकि वे रिजवी की रिहाई को लेकर पाकिस्तान सरकार पर दबाव बना सकें. पैंगबर मोहम्मद का कार्टून बनाने को लेकर फ्रांस के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के बीच पिछले साल रिजवी को गिरफ्तार किया गया था.

सरकार ने प्रदर्शनकारियों को लाहौर से आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती की. साथ ही लाहौर के कई हिस्सों में मोबाइल सेवाएं निलंबित कर दीं गईं और सड़कों को बंद कर दिया गया.

सुरक्षा बलों ने टीएलपी समर्थकों को इस्लामाबाद की तरफ बढ़ने से रोकने के दौरान 2500 से अधिक आसू गैस के गोले दागे, जिसके बाद प्रदर्शनकारी हिंसक हो गए.

पंजाब पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि टीएलपी समर्थकों को इस्लामाबाद की तरफ बढ़ने से रोकने के लिए 2500 से अधिक आसू गैस के गोले दागे गए. कार्यकर्ताओं के साथ झड़प में दो पुलिसकर्मियों की मौत हो गई. 15 घायलों की हालत नाजुक है. वहीं, टीएलपी ने पुलिस के साथ झड़प में मारे गए अपने दो समर्थकों के शव की तस्वीरें साझा कीं.

पंजाब पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि रैली को आगे बढ़ने से रोकने के लिए 7,000 से ज्यादा जवानों की तैनाती की गई. उन्होंने बताया कि मुख्य तौर पर झड़प टीएलपी मुख्यालय और मुल्तान रोड पर स्थित एमएओ कॉलेज के बाहर हुई.

अधिकारी ने कहा कि लाहौर आने-जाने वाले रास्तों को अवरोधक लगाकर बंद कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि कई प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार भी किया गया है. रिजवी की पार्टी की तरफ से कहा गया कि वे शांतिपूर्ण तरीके से मार्च निकाल रहे थे और पुलिस ने अचानक आसू गैस के गोले दागे.

इस बीच, इस्लामाबाद के मुख्य राजमार्ग को बड़े कंटेनर लगाकर बंद कर दिया गया और आसपास के मार्गों को भी बंद कर दिया गया ताकि राजधानी के करीब के शहरों और गांवों से प्रदर्शनकारी प्रवेश नहीं कर पाएं. लाहौर, इस्लामाबाद से करीब 350 किलोमीटर दूर है.

रिजवी की पार्टी के नेता अजमल कादरी ने शुक्रवार को कहा कि रिजवी की रिहाई को लेकर सरकार के साथ बातचीत नाकाम रहने के बाद उनके समर्थकों ने मार्च निकालने का निर्णय लिया. (news18.com)

बांग्लादेश से एक और बुरी खबर, रोहिंग्या शरणार्थी कैंप में फायरिंग; 7 की मौत
23-Oct-2021 12:32 PM (42)

बांग्लादेश में हो रहे हिंदुओं पर अत्याचार और हिंसा के बीच एक और बुरी खबर आई है। बांग्लादेश में अब रोहिंग्या शरणार्थी कैंप में फायरिंग हुई है, जिसमें 7 लोगों की मौत हो गई है। समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक, बांग्लादेश-म्यांमार सीमा पर रोहिंग्या शरणार्थी शिविर के एक मदरसे पर शुक्रवार को हुए हमले में बंदूकधारियों ने कम से कम सात लोगों की हत्या कर दी और अन्य को घायल कर दिया। पुलिस ने यह जानकारी दी।

एक क्षेत्रीय पुलिस प्रमुख ने बताया कि हमलावरों ने कुछ पीड़ितों को गोली मार दी और अन्य पर चाकुओं से वार किया। शुक्रवार को हुए हमले में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और तीन अन्य की बालूखली कैंप के एक अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस ने यह नहीं बताया कि कितने लोग घायल हुए। बता दें कि तीन हफ्ते पहले रोहिंग्या समुदाय के एक नेता की उनके कार्यालय के बाहर गोली मारकर हत्या करने के बाद यह घटना सामने आई है।  

पुलिस ने कहा कि हमने तुरंत एक हमलावर को गिरफ्तार कर लिया। हमलावर के पास से एक गन और चाकू बरामद किए गए। अज्ञात हमलावरों द्वारा मानवाधिकार अधिवक्ता मोहिब उल्लाह की हत्या के बाद से कई रोहिंग्या कार्यकर्ता छिप गए हैं। (livehindustan.com)

थाईलैंड ने 45 देशों के लिए किया क्वारंटाइन फ्री यात्रा का ऐलान, जानें भारत के लिए क्या है इसका मतलब
23-Oct-2021 9:06 AM (34)

नई दिल्ली. थाईलैंड ने शुक्रवार को 45 देशों से आने वाले यात्रियों के लिए अपने दरवाजे फिर से खोल दिए हैं. खास बात यह है कि इन देशों के लोगों को थाईलैंड में क्वारंटाइन फ्री प्रवेश दिया जाएगा. मतलब कि उन्हें एक दिन भी क्वारंटाइन नहीं रहना होगा. दरअसल कोरोना वायरस की वजह से थाईलैंड के सबसे अहम पर्यटन क्षेत्र को भारी नुकसान हुआ है, जिसकी वजह से देश की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है. ऐसे में यहां की सरकार ने चुनिंदा 45 देशों के लोगों के लिए क्वारंटाइन फ्री प्रवेश की घोषणा की है, ताकि देश की आर्थिक हालत को सुधारने में थोड़ी मदद मिल सके.

थाईलैंड ने जिन 45 देशों की सूची जारी की है, उसमें कनाडा, सिंगापुर और चीन सहित 42 देश हैं, लेकिन भारत का नाम उनमें शामिल नहीं है. सितंबर में थाईलैंड ने ‘फुकेत सैंडबॉक्स’कार्यक्रम के तहत भारतीय यात्रियों के लिए अपने दरवाजे फिर से खोल दिए थे. लेकिन तब से लेकर अभी तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय समझौतों में तालमेल की कमी है. अब तो सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया का कोविशील्ड वैक्सीन भी फाइजर और मॉडर्ना के साथ विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा स्वीकृत टीकों की सूची में शामिल है.

क्या हैं क्वारंटाइन के नियम
अभी के लिए, भारतीय यात्रियों को थाईलैंड में आने पर यहां के अन्य शहरों और प्रांतों की यात्रा करने से पहले कम से कम 7 रातों के लिए एक मान्यता प्राप्त होटल में क्वारंटाइन रहना होगा. थाईलैंड दूतावास ने एक विज्ञप्ति में कहा कि ‘सैंडबॉक्स’ कार्यक्रम के तहत हवाई मार्ग से थाईलैंड में प्रवेश करने वाले उन यात्रियों को बैंकॉक के एक तय होटल में कम-से-कम 10 दिनों के अनिवार्य क्वारंटाइन से गुजरना होगा, जिन्हें वैक्सीन नहीं लगी है. इसमें यह भी कहा गया है कि बिना टीकाकरण वाले बच्चों को भी अपने माता-पिता के साथ 10 दिनों के लिए क्वारंटाइन रहना होगा, भले ही उनका टीकाकरण हो गया हो.

45 देशों की सूची में कौन-कौन से देश शामिल
इस बीच, टाट न्यूज ने बताया कि 45 देशों की अपडेट सूची में ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रिया, बहरीन, बेल्जियम, भूटान, ब्रुनेई दारुस्सलाम, बुल्गारिया, कंबोडिया, कनाडा, चिली, चीन, साइप्रस, चेक गणराज्य, डेनमार्क, एस्टोनिया, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस, हंगरी शामिल हैं.

इसके अलावा आइसलैंड, आयरलैंड, इज़रायल, इटली, जापान, लातविया, लिथुआनिया, मलेशिया, माल्टा, नीदरलैंड, न्यूजीलैंड, नॉर्वे, पोलैंड, पुर्तगाल, कतर, सऊदी अरब, सिंगापुर, स्लोवेनिया, दक्षिण कोरिया, स्पेन, स्वीडन, स्विट्जरलैंड, संयुक्त अरब अमीरात, यूके, यूएसए और हांगकांग को भी थाईलैंड ने अपनी सूची में जगह दी है. (news18.com)

पाकिस्तान के खिलाफ मैच से पहले टीम इंडिया से जुड़े 4 खिलाड़ी भारत लौटे, धोनी को मिली नई जिम्मेदारी
23-Oct-2021 8:34 AM (71)

नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम ने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ रविवार को टी20 विश्व कप के मैच से पहले अभ्यास सत्र में भाग लिया. अभ्यास सत्र में मेंटॉर महेंद्र सिंह धोनी ने थ्रोडाउन विशेषज्ञ की भूमिका निभाई. धोनी थ्रोडाउन विशेषज्ञ राघवेंद्र, नुवान और दयानंद की मदद करते दिखे. इस बीच भारत ने चार नेट गेंदबाजों को वापस भेज दिया है. स्पिनर कर्ण शर्मा, शाहबाज अहमद, के गौतम और वेंकटेश अय्यर भारत लौट चुके हैं.

बोर्ड के एक सीनियर अधिकारी ने बताया, ‘‘टूर्नामेंट शुरू होने के बाद इतने नेट सत्र नहीं होंगे. राष्ट्रीय चयनकर्ताओं को लगा कि इन गेंदबाजों को सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी खेलने से मैच अभ्यास मिलेगा.’’ जिन चार तेज गेंदबाजों को रुकने के लिये कहा गया है उनमें आवेश खान, उमरान मलिक, हर्षल पटेल और लुकमान मेरिवाला शामिल हैं. दूसरी ओर अभ्यास सत्र हार्दिक पंड्या ने गेंदबाजी नहीं की. अंतिम एकादश में चयन के लिये पंड्या की गेंदबाजी दुविधा का विषय बनी हुई है. इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अभ्यास मैचों में वह बल्लेबाजी में भी कोई कमाल नहीं कर सके थे.

पाकिस्तान के खिलाफ भारत का पलड़ा भारी
भारत ने वनडे और टी20 वर्ल्ड कप में हमेशा पाकिस्तान को हराया है. इन दोनों टीमों के बीच 50 ओवरों के विश्व कप में सात मैच खेले गये हैं और इन सभी में भारत ने जीत दर्ज की. टी20 विश्व कप की शुरुआत 2007 में हुई और तब से इन दोनों टीमों के बीच जो पांच मैच खेले गये उनमें से चार मैच भारत ने जीते. एक मैच (डरबन, 2007) टाई रहा लेकिन उसे भी बॉल आउट में भारत ने जीता था.

भारत ने महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई में 2007 में जोहानिसबर्ग में खेले गये फाइनल में पाकिस्तान को पांच रन से हराया था. टी20 विश्व कप 2012 में कोलंबो में भारत ने अपने इस प्रतिद्वंद्वी को आठ विकेट से, इसके दो साल बाद ढाका में सात विकेट से और कोलकाता में 2016 में छह विकेट से हराया था. इस तरह से भारत का पाकिस्तान के खिलाफ वनडे विश्व कप में रिकॉर्ड 7-0 और टी20 विश्व कप में 5-0 है.

इन मैचों में भारत ‘टॉस का बॉस’ भी बना था. उसने 12 मैचों में से आठ मैचों में टॉस जीता था और दुबई में भी टॉस की भूमिका अहम हो सकती है. वैसे भारत ने पाकिस्तान से विश्व कप (दोनों प्रारूप) में सात मैच पहले बल्लेबाजी करते हुए जीते. जो मैच टाई छूटा था उसमें भी भारत को पहले बल्लेबाजी के लिये आमंत्रित किया गया था.

अगर सभी टी20 मैचों की बात की जाए तो उसमें भी भारत का पलड़ा भारी है. भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ आठ टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं जिनमें से छह में उसे जीत मिली. एक मैच टाई रहा जबकि एक मैच उसने गंवाया. भारत ने पाकिस्तान से पिछले चारों टी20 मैच जीते हैं. (news18.com)

5000 औरतों के साथ संबंध बना चुका है ठरकी राजा! 'गंदी' आदत छुड़ाने के लिए शरीर में डालना पड़ा फीमेल हॉर्मोन
23-Oct-2021 8:28 AM (120)

दुनिया के अलग-अलग देशों के राजा-महाराजों से जुड़े कई किस्से इतिहास के पन्नों में दर्ज हैं जो आज भी चर्चा का विषय बने रहते हैं. इन राजाओं के ऐसे कई राज हैं जिन्हें कम लोग जानते हैं. कुछ अच्छे तो कुछ बुरे राज उनकी जिंदगी के वो सच हैं जिसे उन्होंने लंबे वक्त तक दुनिया से दूर रखने की कोशिश की मगर सच सामने आ ही जाता है. इन दिनों स्पेन के एक पूर्व राजा से जुड़ी एक खबर काफी चर्चा में है. हाल ही में उनका काला सच दुनिया के सामने आ गया है जिसके बारे में जानकर सब दंग हो गए हैं.

स्पेन की रॉयल फैमिली के पूर्व राजा जुआन कार्लोस ने साल 1975 में राजा का पद संभाला था. अब जुआन से जुड़ी एक विवादित खबर ने सभी को दंग कर दिया है. द टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक जुआन एक सेक्स एडिक्ट थे. उनका ये एडिक्शन पूरे देश के लिए चिंता का विषय था क्योंकि देश का नाम बदनाम हो रहा था. हाल ही में स्पेन के पूर्व पुलिस कमिशनर जोस मैनियुल ने एक पार्लियामेंट्री हियरिंग के दौरान चौंकाने वाला खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि जुआन को सेक्स की इतनी बुरी लत थी कि उन्होंने 5 हजार से ज्यादा महिलाओं के साथ संबंध बनाए हैं. उन्होंने कहा कि उनकी लत स्टेट प्रॉब्लम बन गई थी. इस समस्या से निजाद पाने के लिए उनके शरीर में फीमेल हार्मोन डालने पड़े थे जिससे की उनके अंदर के पुरुष होर्मोन को कम किया जा सके.

डेली मेल की एक रिपोर्ट ने तो यहां तक दावा किया था कि जुआन ने प्रिसेंस डायना को भी अपनी प्रेमिका बनने के लिए अप्रोच किया था हालांकि हम इस रिपोर्ट के सच होने का दावा नहीं करते हैं. स्पेनिश इतिहासकार Amadeo Martinez Ingles ने तो जुआन पर एक किताब भी लिखी थी जिसका नाम Juan Carlos: The King Of 5,000 Lovers. स्पेनिश सिंगर, बेल्जियन गवर्नेस और इटालियन प्रिंसेस से उनके संबंध होने की भी खबरें सामने आ चुकी हैं. इस बुक में दावा किया गया है कि जुआन ने सिर्फ 6 महीने में 62 औरतों के साथ संबंध बनाए थे. इस वक्त जुआन निर्वासन पर हैं और अबू धाबी में रह रहे हैं. जुआन पर पैसों की हेरा-फेरी करने का आरोप लगा था. जिसके बाद वो देश छोड़कर भाग निकले. (news18.com)

झूठी निकली अफगान महिला खिलाड़ी के सिर कलम करने की खबर, सामने आया नया सच
22-Oct-2021 9:06 PM (48)

काबुल. दो दिन पहले अफगानिस्तान से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई थी. इसमें कहा गया था कि तालिबान के लड़ाकों ने देश की जूनियर महिला वालीबॉल टीम की प्लेयर का सिर कलम कर दिया है. अब खबर है कि यह खबर झूठी है. महजबीन हकीमी नाम की इस लड़की की मौत तालिबान के अफगानिस्तान पर कब्जा करने से भी 10 दिन पहले हुई थी. ऑल्ट न्यूज के मुताबिक, महजबीन की मौत सुसाइड करने से हुई है. जबकि घर वाले इसके लिए उसके मंगेतर को जिम्मेदार मानते हैं.

इससे पहले खबर आई थी कि एक इंटरव्यू में टीम कोच सुराया अफजाली (बदला हुआ नाम) ने बताया है कि महजबीन हकीमी नाम की 25 वर्षीय महिला खिलाड़ी को तालिबान ने अक्टूबर में मार डाला था, लेकिन किसी को भी इस भीषण हत्याकांड के बारे में पता नहीं चला, क्योंकि विद्रोहियों ने उसके परिवार को इसका खुलासा न करने की धमकी दी थी.

क्या है सच ?
कई सोशल मीडिया अकाउंट्स ने महिला की खिलाड़ी की मौत पर सवाल उठाए थे. पत्रकार दीपा परेंत ने ट्वीट किया, “मैंने उसके परिवार से बात की है, उसकी सिर कलम करने की खबरें महज अफवाह हैं. उसक मौत का कारण सुससाइड है.’ यह घटना अक्टूबर पर में नहीं, बल्कि 6 अगस्त की है. यानी तालिबान के अफगानिस्तान पर कब्जा करने से ठीक 10 दिन पहले. तालिबान ने 15 अगस्त को देश पर कब्जा किया था.

ऑल्ट न्यूज ने मृतक के कोच से भी बात की, जिन्होंने उसे 2015 तक ट्रेनिंग दी थी. उन्होंने बताया िक वह हमारी टीम की प्लेयर थी. 2016 में जब उन्होंने अफगानिस्तान छोड़ा, तब तक महजबीन खेलना छोड़ चुकी थी. (news18.com)

सेना के सामने झुके इमरान, पाक PMO जारी करेगा नए ISI चीफ पर नोटिफिकेशन
22-Oct-2021 9:06 PM (48)

नई दिल्ली. पाकिस्तान में नए ISI चीफ की नियुक्ति को लेकर प्रधानमंत्री इमरान खान और आर्मी चीफ कमर जावेद बाजवा के बीच तनातनी का नतीजा सामने आ गया है. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री को सेना के निर्णय के सामने हार माननी पड़ी है. लेफ्टिनेंट जनरल नदीम अंजुम के नए आईएसआई चीफ बनने का रास्ता साफ हो गया है. दरअसल इमरान खान चाहते थे कि वर्तमान आईएसआई चीफ फैज हमीद को दिसंबर तक पद पर बनाए रखा जाए लेकिन आर्मी चीफ कमर जावेद बाजवा ने इसके लिए साफ मना कर दिया था.

मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने न्यूज़18 को बताया है कि पाकिस्तान का प्रधानमंत्री कार्यालय शुक्रवार देर शाम या फिर शनिवार को नदीम अंजुम की नियुक्ति का नोटिफिकेशन जारी कर देगा. सूत्रों का कहना है कि इमरान खान ने आईएसआई चीफ पद के सभी दावेदारों से मुलाकात की इच्छा जताई थी लेकिन नियुक्ति पैनल के डायरेक्टर जनरल ने इससे भी मना कर दिया था.

नए आईएसआई चीफ नदीम अंजुम पाकिस्तानी प्रधानमंत्री से मुलाकात करने गए थे
सूत्रों के मुताबिक केवल नए आईएसआई चीफ नदीम अंजुम पाकिस्तानी प्रधानमंत्री से मुलाकात करने गए थे. दोनों की मुलाकात बृहस्पतिवार को हुई थी. दोनों के बीच मुलाकात सौहार्द्रपूर्ण रही. इमरान खान ने अंजुम से कहा कि नोटिफिकेशन जल्द जारी कर दिया जाएगा.

इमरान खान वर्तमान आईएसआई चीफ को अभी पद पर बनाए रखना चाहते थे
इससे पहले न्यूज़18 ने रिपोर्ट की थी कि इमरान खान वर्तमान आईएसआई चीफ को अभी पद पर बनाए रखना चाहते थे, कम से कम दिसंबर महीने तक. लेकिन आर्मी चीफ ने साफ कर दिया था कि फैज हमीद को अधिकतम 15 नवंबर तक पद पर रखा जा सकता है. आर्मी चीफ ने इमरान खान से ये भी कहा था कि नागरिक सरकार को आर्मी के मामलों में दखल नहीं देना चाहिए.

नोटिफिकेशन में नदीम अंजुम की जॉइनिंग अगले हफ्ते रखी जा सकती है
रिपोर्ट्स के मुताबिक पाक पीएमओ के नोटिफिकेशन में नदीम अंजुम की जॉइनिंग अगले हफ्ते रखी जा सकती है. जब तक अंजुम जॉइन नहीं कर लेते तब तक आईएसआई में सीनियर मोस्ट जनरल ही एजेंसी के कार्यवाहक मुखिया होंगे. सूत्रों का ये भी कहना है कि इस प्रकरण में इमरान खान अपनी प्रतिष्ठा बचाएंगे और फैज हमीद की रिलीविंग डेट 15 नवंबर को फाइनल कर देंगे. (news18.com)

अब मुर्गियां फैलाएगी कोरोना से भी खतरनाक वायरस, जल्द दुनिया में आएगी नई तबाही!
22-Oct-2021 9:03 PM (88)

2019 के आखिरी से दुनिया में कोरोना का प्रकोप दिखने लगा था. 2020 मार्च के बाद से इस वायरस ने विकराल रूप धारण किया. हालत ऐसी हो गई कि वायरस से बचाव के लिए लोगों को अपने घरों में कैद होना पड़ा. लाखों की जान जाने के बाद अब इस वायरस से बचाव के लिए कई टीके बना लिए गए हैं. हालांकि, अभी भी इस वायरस का प्रकोप कम नहीं हुआ है. इस बीच दुनिया में ऐसी खबर फैलने लगी है, जिसके बारे में सोचते ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं. बताया जा रहा है कि इस वक्त मुर्गी फार्म में आठ ऐसे खतरनाक वायरस पल रहे हैं, जो अगर फैले, तो इसका अंजाम कोरोना से भी भयानक होगा.

बीते साल रुस में लाखों मुर्गियों अचानक मर गई थी. इन मुर्गियों के अंदर एवियन फ्लू के लक्षण दिखाई दिए थे. इसके बाद फैक्ट्री को बंद कर दिया गया था. ये फ्लू इंसान में कोविड से भी ज्यादा तेजी से फैलता है. एवियन फ्लू के इस स्ट्रेन को H5N8 नाम दिया गया था. मुर्गी फार्म से ये स्ट्रेन वहां काम करने वाले एक स्टाफ को इन्फेक्ट कर गया. इसके बाद देखते ही देखते फैक्ट्री के सात और वर्कर्स भी पॉजिटिव पाए गए थे. हालांकि, इनमें काफी हल्के लक्षण दिखाई दिए, जो इलाज के बाद ठीक हो गया. लेकिन वायरस को रोकने के लिए फैक्ट्री की 9 लाख मुर्गियों को मारना पड़ा था. अगर ये मुर्गियां वहां से आगे सप्लाई की जाती, तो ये वायरस आगे फैलने लगता.

यूके गवर्नमेंट ने सर्दियों से पहले ही बर्ड फ्लू की चेतावनी जारी कर दी है
रुस की इस घटना को वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के साथ शेयर किया गया था लेकिन उस वक्त WHO कोरोना केसेस में उलझी हुई थी. अब रुसी फेडरेशन की चीफ कंज्यूमर एडवाइजर ऐना पोपोवा ने बताया कि जल्द से जल्द दुनिया के साइंटिस्ट्स को H5N8 वायरस के इंजेक्शन को बनाने में जुट जाना चाहिए. अगर ऐसा नहीं हुआ और ये वायरस इंसानों में फैला तो हालात कोरोना से भी भयानक हो जाएंगे. अभी एवियन फ्लू के आठ वेरिएंट का पता चल पाया है और ये सभी इंसानों को मारने में समर्थ हैं.

कोरोना की वजह से एवियन फ्लू की ज्यादा चर्चा नहीं हो पाई लेकिन ये काफी खतरनाक है. बीते हफ्ते ही H5N8 की चपेट में चीन के 48 लोग आ गए थे, जिनका काफी गोपनीय तरीके से इलाज चल रहा है. इनमें से ज्यादातर लोग मुर्गी फार्मों में काम करते थे. कहा जा रहा है कि इनमें से आधे की मौत हो गई है. चीन के साथ साथ यूके भी मुर्गियों से फैलने वाले फ्लू पर नजर रखे हुए हैं. अगर थोड़ी भी लापरवाही की गई तो अभी मुर्गियों के जरिये मौत इंसान तक पहुंच जाएगी. (news18.com)

कार्यक्रम के बीच पोप फ्रांसिस की टोपी खींचने लगा बच्चा! इंटरनेट पर वायरल हो रहा क्यूट वीडियो
22-Oct-2021 9:01 PM (39)

ईसाई धर्म में रोमन कौथोलिक चर्च के सबसे बड़े धर्म गुरू को पोप कहा जाता है. ईसाइयों के सबसे पवित्र शहर वैटिकन के राज्याध्यक्ष पोप होते हैं. वर्तमान में पोप फ्रांसिस पोप के पद पर आसीन हैं. पोप बेनेडिक्ट XVI के इस्तीफे के बाद वो 2003 में पोप बने थे. उनका असली नाम जॉर्ज मारियो बर्गोग्लियो है और वो अर्जेंटीना के रहने वाले हैं. इन दिनों पोप फ्रांसिस से जुड़ा एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है जिसमें एक छोटा सा बच्चा उनकी टोपी खींचता नजर आ रहा है.

बीते बुधवार को वैटिकन सिटी में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया था जिसमें हजारों लोग शामिल हुए थे. इस समारोह में पोप स्टेज पर बैठे नजर आ रहे थे. उनके बगल में उनकी सुरक्षा से जुड़े लोग भी बैठी थे कि अचानक स्टेज पर एक छोटा बच्चा चला आया. बच्चा पोप के इर्द गिर्द ही घूमा जा रहा था मगर पोप ने उसे हटाया नहीं. बल्कि उसके साथ बहुत प्यार से पेश आए. यहां तक कि उनकी सुरक्षा से जुड़े लोगों ने बच्चे को बैठने की भी जगह दे दी. वीडियो में नजर आ रहा है कि बच्चा स्टेज पर ही खेल रहा है और उत्साह से उछल-कूद कर रहा है.

सबसे ज्यादा मजेदार चीज वीडियो में ये दिखी कि बच्चा बार-बार पोप की टोपी उतारने पर लगा हुआ था. उसे उनकी टोपी काफी पंसद आ रही थी इसलिए वो उसे खींचने की कोशिश कर रहा था. जब पोप ने देखा कि उसे टोपी बहुत पसंद आ रही है तो उन्होंने बच्चे के लिए भी वैसी ही टोपी मंगवा दी जिससे वो बेहद खुश हो गया. ऑडियंस में बैठे श्रद्धालु भी इस दृष्य को देखकर ठहाके मार कर हंसते सुनाई दे रहे हैं. वीडियो में दिख रहा है कि पोप अपनी स्पीच शुरू भी कर देते हैं तब भी बच्चा वहीं खेलता रहता है. पोप ने अपनी स्पीच में बताया कि बच्चा मानसिक रूप से अस्थिर है. उन्होंने कहा कि बच्चे ने जो किया वो भगवान के द्वारा किया गया है और उसने अपने सच्चे दिल से ऐसा किया है. उन्होंने बच्चे के जल्द स्वस्थ होने की भी कामना की. (news18.com)

एडल्ट साइट पर युवती ने देखा अपने बाप का अकाउंट, फिर किया ऐसा काम कि पिता ने कर दिया ब्लॉक!
22-Oct-2021 9:00 PM (157)

एडल्ट कंटेंट इंडस्ट्री अलग-अलग उम्र के लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने में सक्षम रहती है. युवाओं से लेकर अधिक उम्र के लोग भी अक्सर इसकी ओर खिंचे चले आते हैं. यही कारण है कि इन साइट्स पर काफी लोग आते हैं. हाल ही में एक मॉडल ने एडल्ट साइट से जुड़े अपने एक एक्सपीरियंस को शेयर किया जिसकी सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है. मॉडल ने बताया कि एक बार उसने एक साइट पर अपने पिता का अकाउंट देख लिया था. इसके बाद जो हुआ वो काफी चौंकाने वाला है. चलिए आपको बताते हैं कि पूरा मामला है क्या.

एवा लूई एक इंस्टाग्राम इंफ्लूएंसर और एडल्ट मॉडल हैं. उनको 3 लाख से ज्यादा लोग इंस्टाग्राम पर फॉलो करते हैं. इसके अलावा दूसरे सोशल मीडिया अकाउंट्स पर उनकी जबरदस्त फैन फॉलोइंग है. डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक हाल ही में एवा ने टिकटॉक पर एक वीडियो शेयर किया जिसमें उन्होंने एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया. एवा ने इस वीडियो में बताया कि एक बार वो शुगर डैडी वेबसाइट देख रही थीं कि उन्हें इस साइट पर अपने पिता अकाउंट दिख गया. आप को बता दें कि शुगर डैडी का अर्थ होता है ज्यादा उम्र के वो पुरुष जो कम उम्र की लड़कियों के साथ वक्त बिताने के लिए और उनके साथ संबंध बनाने के लिए मोटी रकम और गिफ्ट्स देते हैं.

पिता को एडल्ट साइट पर देखने के बाद युवती ने किया मैसेज
3 अक्टूबर को टिकटॉक पर पोस्ट किए वीडियो में एवा ने बताया कि वो एक शुगर डैडी वेबसाइट को अक्सर चलाती थीं. एक दिन वो वेबसाइट देख रही थीं कि उन्हें अपने पिता से मिलता-जुलता एक शख्स नजर आया. जब उन्होंने ध्यान से प्रोफाइल देखी तो वो दंग रह गईं. वो शख्स उनका पिता ही था. एवा ने पिता को छेड़ने के लिए उन्हें मैसेज किया- ‘हाय डैड’. एवा का मैसेज देखकर उनके पिता चौकन्ने हो गए और उन्होंने तुरंत एवा को ब्लॉक कर दिया और इस बारे में उससे कभी बात नहीं की. वीडियो वायरल होने के बाद एवा के पोस्ट पर कई लोगों ने कमेंट किया. कई लोगों ने तो उन्हें सलाह दी कि एवा को अपनी मां से इस बारे में बात करनी चाहिए और अपने पिता की असलियत बता देनी चाहिए. लोगों की इस राय के बाद एवा ने बताया कि उसने अपनी मां को इस बारे में बता दिया मगर उसके पिता ने उन्हें एक महंगा ब्रेसलेट गिफ्ट किया जिसके बाद मां की नाराजगी खत्म हो गई. (news18.com)

तालिबान शासित अफ़ग़ानिस्तान को लेकर भारत के रुख़ में बदलाव क्यों?
22-Oct-2021 8:00 PM (34)

-सलमान रावी

अफ़ग़ानिस्तान को लेकर भारत अपनी नीति में बदलाव के स्पष्ट संकेत मिलने शुरू हो गए हैं. पहले दोहा में भारतीय राजदूत की तालिबान प्रतिनिधि से मुलाक़ात और अब मॉस्को में विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव की तालिबान प्रतिनिधियों के साथ बैठक.

भारत ने अफ़ग़ानिस्तान में मानवीय सहायता की बात भी स्वीकार की. साथ ही आर्थिक और कूटनीतिक संबंघ बेहतर करने पर भी ज़ोर दिया गया.

अमेरिका, तालिबान, चीन, इसराइल, भारत और कश्मीर पर क्या बोले इमरान ख़ान
तालिबान के 'दोस्तों' की पड़ताल वाले अमेरिकी बिल पर पाकिस्तान को भारत पर शक़
अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आने के बाद भारत तालिबान से 'एंगेज' न करने की नीति पर चलता आया था.

लेकिन जानकारों का कहना है कि सामरिक दृष्टि से भारत की नीति में बदलाव आवश्यक है. नीति में बदलाव के संकेत उस समय आना शुरू हुए, जब क़तर की राजधानी दोहा में तालिबान के प्रतिनिधियों से बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ था.

हालाँकि भारत ने खुले तौर पर 'बैक डोर चैनल' से तालिबान के साथ बातचीत करने की बात कभी स्वीकार नहीं की, लेकिन 31 अगस्त को दोहा में भारत के राजदूत से तालिबान के शीर्ष नेता शेर मोहम्मद अब्बास स्टैनिकज़ई की मुलाक़ात हुई.

तालिबान के नेता ख़ुद भारतीय दूतावास गए थे और इस दौरान भारत के राजदूत दीपक मित्तल से उनकी लंबी बातचीत हुई. स्टैनिकज़ई दोहा में स्थित तालिबान के राजनीतिक कार्यालय के प्रमुख भी रहे हैं. तालिबान के साथ भारत की ये पहली औपचारिक बातचीत थी.

भारत के विदेश मंत्रालय ने इस बातचीत के बारे में जो बयान दिया, उसमें कहा गया कि ये बैठक तालिबान के अनुरोध पर हुई थी, जिसमे मूलतः अफ़ग़ानिस्तान में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और वहाँ रह रहे अल्पसंख्यकों को भारत आने की अनुमति पर बात हुई.

भारत ने तालिबान के शीर्ष नेता के साथ सामरिक मुद्दे को भी उठाया, जिसमें आश्वासन भी मिला कि तालिबान अफ़ग़ानिस्तान की धरती का इस्तेमाल भारत के ख़िलाफ़ नहीं होने देगा.

तालिबान के साथ दूसरी औपचारिक बैठक 21 अक्तूबर को हुई, जब मॉस्को में विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव जेपी सिंह के नेतृत्व में भारत का एक प्रतिनिधिमंडल तालिबान के प्रतिनिधियों से मिला. तालिबान के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उनके उप प्रधानमंत्री अब्दुल सलाम हनफ़ी कर रहे थे.

ये प्रतिनिधिमंडल रूस के निमंत्रण पर अफ़ग़ानिस्तान के मुद्दे पर आयोजित 'मोस्को फ़ॉर्मेट' सम्मेलन में शामिल होने गया था और सम्मेलन के इतर भारत और तालिबान के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई.

तालिबान के प्रवक्ता ज़बीहउल्लाह मुजाहिद के हवाले से अफ़ग़ानिस्तान की समाचार एजेंसी 'टोलो' का कहना था कि दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने एक दूसरे की चिंताओं को ध्यान में रखने पर विचार किया. इसके अलावा दोनों देशों के बीच आर्थिक और कूटनीतिक संबंधों को बेहतर बनाने की बात पर ज़ोर भी दिया गया.

सम्मलेन के समापन के दौरान इसमें शामिल भारत सहित 10 देशों ने अफ़ग़ानिस्तान को मानवीय सहायता देने के साझा प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए. अगस्त की 15 तारीख़, यानी वो दिन जब तालिबान ने अफ़ग़ानिस्तान की सत्ता पर नियंत्रण कर लिया था, तब से लेकर 21 अक्तूबर तक अफ़ग़ानिस्तान को लेकर भारत की नीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला.

पहले भारत कह रहा था कि वो तालिबान की सरकार को मान्यता नहीं देगा और विश्व समुदाय से भी अपील की थी कि तालिबान के शासन को मान्यता देने में कोई जल्दबाज़ी नहीं की जानी चाहिए. भारत के तब के रुख़ और अब के रुख़ में बड़ा बदलाव है.

इतना ही नहीं भारत ने अफ़ग़ानिस्तान के मुद्दे पर चार देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक आयोजित करने का प्रस्ताव भी रखा है. इन देशों में चीन, रूस और पाकिस्तान भी शामिल हैं. इस प्रस्तावित बैठक की कोई तारीख़ पक्की नहीं की गई है.

लेकिन विदेश मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि ये 10 या 11 नवंबर को दिल्ली में आयोजित हो सकती है और इन सभी देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार इसमें ख़ुद मौजूद रहेंगे. सूत्रों का कहना है कि इस सम्मलेन के लिए पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मोईद यूसुफ़ को भी औपचारिक रूप से न्योता भेजा गया है.

अफ़ग़ानिस्तान को लेकर भारत की कभी 'कोई एक नीति' नहीं रही है. ऐसा इसलिए क्योंकि भारत ने अमेरिका और नेटो की फ़ौजों पर सुरक्षा और सामरिक मुद्दों को छोड़ दिया था और अपना पूरा 'फ़ोकस' अफ़ग़ानिस्तान के पुनर्निर्माण तक ही रखा.

चाहे वो छात्रवृति देने की बात हो, नए संसद और डैम का निर्माण हो या फिर बिजली और सड़क की योजनाएँ हों. भारत ने सिर्फ़ इसी तक अपना दायरा सीमित रखा और भारी निवेश भी किया.

लेकिन सामरिक मामलों के विशेषज्ञों को लगता है कि अफ़ग़ानिस्तान के मामले में भारत बहुत दिनों तक 'मैदान से बाहर बैठकर' सब कुछ नहीं देखता रह सकता है. वो ये भी मानते हैं कि 'तालिबान अपना शासन नियम से चलाए' कहते रहने से और उसका इंतज़ार करते रहने से भारत को कुछ हासिल भी नहीं हो सकता है.

'थिंक टैंक' ऑब्ज़ेर्वर रिसर्च फ़ाउंडेशन की चयनिका सक्सेना मानती हैं कि भारत के लिए ये सही नहीं होगा कि वो अफ़ग़ानिस्तान में बदलते हुए हालात से ख़ुद को दूर रखे और उस देश में जो हो रहा है, उसे भाग्य भरोसे छोड़ दे. खास तौर पर तब, जब वो क्षेत्रीय ताक़तें या देश, जिनके साथ भारत के संबंध अच्छे नहीं है, वे वहाँ बड़े सक्रिय दिख रहे हैं.

अपने एक शोध में चयनिका सक्सेना लिखती हैं, "भारत को अफ़ग़ानिस्तान में एक पैर हमशा दरवाज़े के अंदर ही रखना होगा. तालिबान से संपर्क रखने को कहीं से भी इस दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए कि भारत उसे मान्यता दे रहा है. इसे इस रूप में देखा जाना चाहिए कि भारत ऐसी सरकार से डील कर रहा है जो अपने निर्णय लेने में कमज़ोर है. भारत को अफ़ग़ानिस्तान के लोगों की ख़ातिर वहाँ अपनी मौजूदगी बनाए रखनी चाहिए."

विशेषज्ञ मानते हैं कि जिस तरह से पाकिस्तान अफ़ग़ानिस्तान के मामलों में हस्तक्षेप कर रहा है, उससे भारत को भी अपनी नीति पर पुनर्विचार करने के ज़रूरत है.

हाल ही में बीबीसी से इस मुद्दे पर चर्चा करते हुए भारत के उप-राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रह चुके अरविंद गुप्ता का कहना था कि भारत को अभी सब्र के साथ ही काम लेना चाहिए. उनका ये भी मानना था कि तालिबान से भारत को कुछ हासिल होने वाला नहीं है.

बीबीसी से बातचीत के क्रम में अरविंद गुप्ता ने ये भी कहा था कि तालिबान के असली चेहरे से सब परिचित हैं जो अभी तक एक 'घोषित चरमपंथी गुट' ही है. उनके अनुसार 'चरमपंथ और रूढ़िवाद' बड़ी समस्या बने रहेंगे. क्योंकि वो सोच कहीं से ख़त्म नहीं होने वाली है. तालिबान के सत्ता पर दख़ल से जिहादी सोच और भी विकसित होगी, जिसके दुष्परिणाम पूरी दुनिया ने पहले ही देख लिए हैं.

लेकिन अफ़ग़ानिस्तान में पाकिस्तान और चीन के बढ़ते प्रभाव और हस्तक्षेप की वजह से सामरिक मामलों के विशेषज्ञ अब मानने लगे हैं कि भारत को भी अपने अफ़ग़ानिस्तान नीति की समीक्षा और उस पर पुनर्विचार करना चाहिए.

शायद यही वजह है कि तालिबान से दशकों तक दूरी बनाए रखने के बाद अब भारत भी आगे क़दम बढ़ा रहा है. चाहे दोहा के दूतावास में तालिबान के प्रतिनिधि से राजदूत दीपक इत्तल की मुलाक़ात हो या फिर मॉस्को फ़ॉर्मेट सम्मलेन के इतर भारत और तालिबान के प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई मुलाक़ात हो. अफ़ग़ानिस्तान को लेकर भारत के रुख़ में बदलाव या नीति में बदलाव स्पष्ट रूप से झलकता है.

अगले महीने चार देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की दिल्ली में प्रस्तावित बैठक को भी राजनयिक हलकों में बड़े क़दम के रूप में ही देखा जा रहा है.

बाइडन ने चीन पर ऐसा क्या बोला कि व्हाइट हाउस को देनी पड़ी सफ़ाई
22-Oct-2021 7:57 PM (40)

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि चीन अगर ताइवान पर हमला करता है तो अमेरिका ताइवान का बचाव करेगा. राष्ट्रपति बाइडन ने ताइवान पर अमेरिका के पुराने रुख़ से अलग लाइन लेते हुए यह बयान दिया है.

अमेरिकी राष्ट्रपति से पूछा गया था कि क्या अमेरिका ताइवान की रक्षा करेगा तो बाइडन ने कहा, ''हाँ, ऐसा करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं.''

लेकिन बाद में व्हाइट हाउस के एक प्रवक्ता ने अमेरिकी मीडिया से कहा कि इस टिप्पणी को नीति में बदलाव के तौर पर नहीं लेना चाहिए.

उधर ताइवान ने कहा है कि बाइडन के बयान से चीन को लेकर उसकी नीति में कोई बदलाव नहीं आएगा. अमेरिका में एक क़ानून है जिसके तहत ताइवान की सुरक्षा में मदद की बात कही गई है. लेकिन अमेरिका में इस बात को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है कि चीन ने ताइवान पर हमला किया तो वह क्या करेगा. अमेरिका के रुख़ को 'रणनीतिक पेच' कहा जाता है.

बाइडन और व्हाइट हाउस ने क्या कहा?
अमेरिकी न्यूज़ चैनल सीएनएन के टाउनहॉल प्रोग्राम में एक प्रतिभागी ने हाल में चीन के कथित हाइपसोनिक मिसाइल परीक्षण की रिपोर्ट का ज़िक्र किया और पूछा किया क्या बाइडन ताइवान की रक्षा को लेकर प्रतिबद्ध हैं? बाइडन चीन की सेना का सामना करने के लिए क्या करेंगे?

इन सवालों के जवाब में बाइडन ने कहा, ''हाँ और हाँ. इसे लेकर निराश होने की ज़रूरत नहीं है कि वे और मज़बूत हो रहे हैं क्योंकि चीन, रूस और बाक़ी दुनिया को पता है कि दुनिया के इतिहास में हमारी सेना सबसे ताक़तवर है.''

बाइडन से सीएनएन एंकर एंडर्सन कूपर ने एक और सवाल किया कि अगर चीन ताइवान पर हमला करता है तो क्या अमेरिका मदद के लिए सामने आएगा? इस पर बाइडन ने कहा, ''हाँ, ऐसा करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं.''

लेकिन बाद में बाइडन की टिप्पणी पर व्हाइट हाउस के एक प्रवक्ता ने स्पष्टीकरण दिया और कहा कि अमेरिका ने अपनी नीति में किसी भी तरह के बदलाव की घोषणा नहीं की है. यह कोई पहली बार नहीं है जब ऐसा हुआ है.

इससे पहले अगस्त महीने में भी बाइडन ने एबीसी न्यूज़ को दिए इंटरव्यू में ताइवान पर इसी तरह का बयान दिया था. उस वक़्त भी व्हाइट हाउस ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा था कि अमेरिका की ताइवान पर नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है.

ताइवान के राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा कि हम न तो दबाव में झुकेंगे और न ही कोई समर्थन मिलने पर जल्दबाज़ी में कोई क़दम उठाएंगे. ताइवान की राष्ट्रपति के प्रवक्ता ज़ेवियर चेंग ने कहा, ''ताइवान मज़बूती से आत्मरक्षा करेगा.''

चेंग ने माना कि अमेरिका के बाइडन प्रशासन ने लगातार ताइवान को ठोस समर्थन दिया है. चीन ने बाइडन के बयान पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

लेकिन टाउन हॉल में बाइडन के बयान से पहले गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र में चीन के राजदूत चांग जुन ने ताइवान पर अमेरिकी रुख़ को ख़तरनाक बताया था.

हाल के हफ़्तों में ताइवान और चीन में तनाव बढ़ा है. चीन के दर्जनों लड़ाकू विमानों ने ताइवान के हवाई क्षेत्र में अतिक्रमण किया था.

चीन ने ताइवान को अपने में मिलाने की कोशिश की तो यह भीषण होगा और यह एक मुश्किल टास्क है. इसका मतलब ये नहीं है कि ये कभी नहीं होगा लेकिन जो भी चीनी नेता हमले का आदेश देगा, वह अपनी ही नस्ल हान चीनियों को आपस में ख़तरनाक हथियारों से लड़ने पर मजबूर करेगा.

इससे फ़र्क़ नहीं पड़ता है कि चीनी सरकार ने अपने यहाँ लोगों को इस संघर्ष के लिए कितना तैयार किया है. भले ताइवान को लेकर अलगाववादी होने का प्रॉपेगैंडा फैलाया गया हो.

यह भी बहुत मायने नहीं रखता है युद्ध के लिए हमेशा भड़काने वाला ग्लोबल टाइम्स अख़बार ताइवान के ख़िलाफ़ युद्ध को गौरव से किस हद तक जोड़ता है. जब एक ही नस्ल के सैनिकों की लाशें बिछेंगी तो उस पर पर्दा डालना आसान नहीं होगा.

अगर चीन ताइवान पर कब्ज़ा कर भी लेता है तो उस पर नियंत्रण को लेकर कई चुनौतियां होंगी. 2.40 करोड़ की आबादी वाले ताइवान के ज़्यादातर लोग चीन के कम्युनिस्ट शासन को स्वीकार नहीं करेंगे.

ताइवान पर हमले के लिए जो भी नेता आदेश देगा वो पूरे इलाक़े में अस्थिरता के लिए भी ज़िम्मेदार होगा. चीन अगर हमला करता है तो अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया की सेना भी शामिल हो सकती हैं.

शी जिनपिंग अपने नेतृत्व में ताइवान को मिलाने की चाहत रखते हैं लेकिन ऐसा करेंगे तो बहुत कुछ दाँव पर लग जाएगा. चीन मीडिया में हमले का शोर चाहे जितना मचे लेकिन चीन की सरकार में ऐसे तमाम लोग होंगे जो हमले के पक्ष में नहीं होंगे. हालाँकि चीन की बढ़ती सैन्य ताक़त की वजह से अगले कुछ सालों में ये सारे समीकरण बदल भी सकते हैं. (bbc.com)

ब्रिटेन के नाइटक्लब में महिलाओं को दी जा रही डेट रेप ड्रग्स, फिर होती है घिनौती हरकत
22-Oct-2021 7:32 PM (41)

लंदन. यूनाइटेड किंगडम के कई शहरों की रिपोर्ट से संकेत मिलता है कि नाइट क्लबों और पबों में महिलाओं को कथित तौर पर डेट रेप ड्रग्स से निशाना बनाया जा रहा है. नॉटिंघम और एडिनबर्ग जैसी जगहों से महिलाओं ने सोशल मीडिया पर ऐसे अनुभव शेयर करते हुए पिटीशन पर साइन किए हैं. डेट रेप ड्रग हमलों की पहचान करने और उन्हें रोकने के लिए सुरक्षा किट और उपकरणों की मांग भी की जा रही है.

डेट रेप ड्रग्स ऐसे पदार्थ हैं जिनका उपयोग उपभोक्ता को नशा करने या अक्षम करने के लिए किया जाता है, जो उन्हें यौन उत्पीड़न, बलात्कार या छेड़छाड़ के मामले में अपना बचाव करने से रोकता है. शराब, नुकीली चीज, सुई इसके सबसे आम तरीकों में से एक है. पार्टियों में जाने वाली कई महिलाओं ने सोशल मीडिया पर दावा किया है कि उन्हें अजनबियों या नए परिचितों द्वारा ड्रग दिया गया.

नॉटिंघम में एक 19 वर्षीय कॉलेज जाने वाली ज़ारा ओवेन का मामला पिछले हफ्ते चर्चा में रहा. नॉटिंघमशायर लाइव के मुताबिक, ज़ारा ने बताया कि 11 अक्टूबर को दोस्तों के साथ क्लब में गई थी. रात में एक पॉइंट पर अकेले बाहर निकल गई. इसी दौरान उसे कुछ चुभाया गया, जो जो पूरी तरह से समझ से परे थे. इसके बाद ही उसे नशा से होने लगा था.’ इसके बाद कई और महिलाओं न सोशल मीडिया पर अपने साथ हुए ऐसी घटनाओं के बारे में बताया.

लेबर पार्टी की राजनेता नादिया व्हिटोम ने कहा, ‘नॉटिंघम नाइट क्लबों में संदिग्ध स्पाइकिंग की अत्यधिक संबंधित रिपोर्टों के बारे में सावधान रहें.’ उन्होंने प्रभावित महिलाओं से नॉटिंघम में अपने या अन्य अधिकारियों से संपर्क करने का आग्रह किया है.

बीबीसी के मुताबिक, नॉटिंघमशायर की पुलिस ने कहा कि वे रेप की घटनाओं की जांच कर रही हैं. एक 20 साल के संदिग्ध को कथित तौर पर जहर देने और ड्रग्स रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन बाद में उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया. फिलहाल जांच जारी है. (news18.com)

वैज्ञानिकों को मिला 100 कराेड़ साल पुराना केकड़ा, न समुद्र और न जमीन पर रहता था, चौंकाने वाले खुलासे
22-Oct-2021 7:29 PM (44)

यांगून. एम्बर फंसे जीवाश्म हाल के वर्षों में जीवाश्म विज्ञान की सबसे आकर्षक खोजों में से हैं. पेलियोन्टोलॉजिस्ट्स ने हाल ही में एम्बर में संरक्षित एक केकड़े के जीवाश्म की पहचान की है, जो लगभग 100 मिलियन वर्ष पुराना है. म्यांमार में इसकी खोज के बाद, जीवाश्म को चीन के युन्नान प्रांत में लॉन्गिंस एम्बर संग्रहालय में संरक्षित किया गया था. यह केकड़ा का सबसे पूर्ण प्रकार है.

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में ऑर्गेनिक एंड इवोल्यूशनरी बायोलॉजी विभाग में पोस्टडॉक्टरल रिसर्चर जेवियर लुक ने कहा, ‘सैंपल शानदार है, यह एक पूर्ण तरह का सैंपल है. केकड़े के शरीर पर एक भी बाल नहीं छूट रहा है, जो गौर करने वाली बात है.’

उत्तरी म्यांमार से उत्पन्न हुए एम्बर सैंपल पर काम कर रहे चीनी, अमेरिका और कनाडाई वैज्ञानिकों ने छोटे केकड़े का नाम क्रेतापसरा अथानता रखा. ये नाम डायनासोर-युग की अवधि का संदर्भित करता है. ग्रीक में इसका अर्थ अमर होता है.

कंप्यूटराइज्ड टोपोग्राफी में देखा जा सकता है कि 100 मिलियन साल पुरान ये जीव 5 मिलीमीटर लंबा है. इसके शरीर के पार्ट स्पष्ट हैं. मुंह के हिस्से में बाल भी है.

रिसर्चर्स का मानना ​​है कि क्रेतापरा न तो समुद्री केकड़ा था और न ही पूरी तरह से भूमि पर रहने वाला. उन्हें लगता है कि यह जंगल के तल पर ताजे पानी, या शायद खारे पानी में रहता होगा. उन्होंने कहा कि यह भी संभव है कि ये जीव भूमि पर पलायन कर रहा थे. बाद में वापस जमीन पर आ गए.

रिसर्चर्स ने कहा कि क्रेतापरा साबित करता है कि डायनासोर युग के दौरान केकड़ों ने समुद्र से जमीन और ताजे पानी में छलांग लगाई थी. इसे सामुद्रिक खोज में अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. (news18.com)

बीवी कान के पास चिल्ला रही थी, मैंने चलती फ्लाइट से समंदर में फेंक दिया- डॉक्टर का कबूलनामा
22-Oct-2021 7:28 PM (63)

वॉशिंगटन. अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर के एक पूर्व प्लास्टिक सर्जन 1985 में अपनी पत्नी की हत्या में दोषी ठहराए गए हैं. अदालत में दोषी रॉबर्ट बिरेनबाम ने बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी की हत्या क्यों और कैसे की थी. बिरेनबाम के मुताबिक, घटना के दिन पत्नी गेल काट्ज़ कान के पास जोर-जोर से चिल्ला रही थी. मुझे गुस्सा आ गया. मैंने गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी. फिर लाश को चलती फ्लाइट से समंदर में फेंक दिया. रॉबर्ट बिरेनबाम सर्जन के साथ ही एक अनुभवी पायलट भी थे

डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, रॉबर्ट बिरेनबाम ने कहा, ‘मैं तब उतना मैच्योर नहीं था. समझ में नहीं आ रहा था कि अपने गुस्से से कैसे निपटा जाए. मैं चाहता था कि वह मुझ पर चिल्लाना बंद करे, फिर मैंने उस पर हमला किया, वो बेहोश हो गई. फिर उसके शरीर को हवाई जहाज से समुद्र के ऊपर ले गया, मैंने दरवाज़ा खोला और शव को फेंक दिया.’

ब्रिटेन: जालंधर के शख्स ने पत्नी को बेरहमी से मारा, लाश को प्लास्टिक बैग में फेंकी, लेकिन कर गया एक गलती
रॉबर्ट बिरेनबाम को दोषी ठहराते हुए मैनहट्टन के एक पूर्व सहायक जिला अटॉर्नी डैन बिब ने कहा, ‘धरती का भगवान (डॉक्टर) बन रहा यह आदमी एक मनोरोगी था.’ रॉबर्ट और गेल को जानने वाले एक व्यक्ति ने कहा कि कभी नहीं सोचा था कि डॉ. बिरेनबाम का नाम एक हत्यारे के रूप में बताना होगा.

रॉबर्ट बिरेनबाम और गेल 1980 के दशक की शुरुआत में मिले थे. तब उनके दोस्तों ने दोनों की केमिस्ट्री को ‘जादुई रोमांस’ कहा था. हालांकि, दोनों के रिश्ते जल्द ही बिगड़ गए.

गेल की बहन के अनुसार, बिरेनबाम ने शादी से पहले ही अपनी हिंसक प्रवृत्ति दिखानी शुरू कर दी थी. एक बार उन्होंने अपने अपर ईस्ट साइड अपार्टमेंट के टॉयलेट में गेल की बिल्ली को डुबोकर मारने की कोशिश की थी. (news18.com)

कोरोना के बाद अब हांगकांग के बाजार से फैली रहस्यमयी बीमारी, अबतक 7 लोगों की मौत
22-Oct-2021 7:25 PM (51)

 

बीजिंग. अभी दुनिया कोरोना से ही निपटने में लगी है कि इस बीच हांगकांग में एक रहस्यमयी बीमारी ने 7 लोगों की जान ले ली है. विशेषज्ञों ने इसे बैक्टीरियल इंफेक्शन बताया है. लोगों को सीफूड को लेकर चेतावनी दी जा रही है. हांगकांग के वेट मार्केट्स ने कहा है कि उसके यहां फ्रैश वाटर फिश यानी मछली से जुड़ा बैक्टीरियल संक्रमण देखा गया है.

इस संक्रमण से अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है. रिपोर्ट के अनुसार, सेंटर फॉर हेल्थ प्रोटेक्शन (सीएचपी) ने गुरुवार को पुष्टि की है कि उसने बैक्टीरिया के एक ही ST283 स्ट्रेन से संक्रमित 32 लोगों के समूह की पहचान की है.

करीब 79 केस में ग्रुप बी स्ट्रेप्टोकोकस बैक्टीरिया संक्रमण का पता चलने के बाद मेडिकल एक्सपर्ट्स ने लोगों से सीफूड न खाने की सलाह दी है. यह सभी केस सितंबर से 10 अक्टूबर के बीच आए हैं. सीएचपी के मुताबिक, गुरुवार को इसमें 9 केस आने के बाद अब कुल मरीजों की संख्या 88 हो गई है.

हांगकांग चैम्बर ऑफ सीफूड मर्चेंट के चेयरमैन ली चोइ-वाह ने बताया कि नई रहस्यमयी बीमारी के बाद बिजनेस ठप हो जाएगा. उन्हांेने दुकानदारों और ग्राहकों से फिश खरीदने-बेचने के दौरान सतर्कता बरतने को कहा है. अभी तक की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बीमारी का संबंध ग्रास कार्प, बिगहेड कार्प और स्नेकहेड मछली से जुड़ रहा है.

ग्रुप बी स्ट्रेप्टोकोकस बैक्टीरिया ज्यादातर आंतों, मूत्र और प्रजनन के हिस्सों में देखा जाता है. आमतौर पर परेशानी नहीं करता है और इसका कोई लक्षण भी नहीं दिखता है. लेकिन इससे खून, हड्डी, फेफड़े या ब्रेन और रीढ़ की हड्डी को कवर करने वाली सुरक्षात्मक झिल्लियों में संक्रमण होने का खतरा बढ़ सकता है. (news18.com)

हांगकांग में एक नए संक्रमण ने दी दस्तक, 7 लोगों की गई जान, अलर्ट जारी
22-Oct-2021 6:59 PM (57)

हांगकांग में एक घातक संक्रमण ने दस्तक दी है. इस संक्रमण के चपेट में आने से सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. ऐसे में इस संक्रमण के फैलने से हांगकांग स्वास्थ्य संकट से जूझ रहा है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, ये संक्रमण फ्रेश पानी की मछली से फैला है. हांगकांग के वेट (नम) मार्केट ने मछली से फैले इस संक्रमण के प्रकोप की रिपोर्ट दी है. वहीं, समुद्री खाद्य विशेषज्ञों ने खरीदारों को इन नम बाजारों में फ्रेश पानी की मछली को छूने को लेकर आगाह किया है.

स्वास्थ्य अधिकारियों ने सितंबर और अक्टूबर 2021 में इस घातक ग्रुप बी स्ट्रेप्टोकोकस सूक्ष्मजीव संक्रमण के 79 मामले आने के बाद चेतावनी दी है. रिपोर्ट में कहा गया है कि इस संक्रमण से कम से कम सात लोगों के मरने की जानकारी मिली है. रिपोर्ट के जवाब में स्वास्थ्य सुरक्षा केंद्र (सीएचपी) ने गुरुवार को पुष्टि की कि इस संक्रमण की पहचान एसटी283 के रूप में हुई है. संक्रमित 32 लोगों से ये पुष्टि हुई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रति 30 दिनों में करीब 26 मामले आए हैं और अब इस संक्रमण की चपेट में आने वाले लोगों की संख्या में इजाफा हो रहा है.

वहीं, चीन के वुहान से पूरी दुनिया में फैला कोरोना वायरस ने चीन में एक बार फिर अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया है. कई फ्लाइटें रद्द हो चुकी हैं. स्कूल बंद किए जा रहे हैं. कुछ जगहों पर फिर से लॉकडाउन लगा दिया गया है.  चीन ने शुरुआती समय में इस संक्रमण पर काबू पा लिया था. संक्रमण के फिर से मामले बढ़ने पर सरकार ने व्यापक स्तर पर टेस्टिंग शुरू कर दी है.

नाइजीरिया में 30 अगवा स्कूली बच्चों को छोड़ा गया
22-Oct-2021 3:23 PM (58)

अबुजा, 22 अक्टूबर | नाइजीरिया के उत्तर-पश्चिमी राज्य केब्बी के एक माध्यमिक विद्यालय से चार महीने पहले अगवा किए गए तीस स्कूली बच्चों को उनके बंधकों ने रिहा कर दिया है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, केब्बी राज्य सरकार ने एक बयान में रिहाई की पुष्टि करते हुए कहा कि छात्र राज्य की राजधानी बिरनिन केब्बी पहुंचे हैं और अपने परिवारों के साथ फिर से जुड़ने से पहले मेडिकल स्क्रीनिंग और सहायता से गुजरेंगे।

बयान में कहा गया कि "बचे हुए लोगों की रिहाई के लिए प्रयास अभी भी जारी हैं।"

इसमें कहा गया, "हम उन सभी लोगों को धन्यवाद देते हैं जिन्होंने रिहाई दिलाने में मदद की।"

अज्ञात बंदूकधारियों के एक समूह ने 17 जून को माध्यमिक विद्यालय पर हमला किया, जिसमें एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई और छात्रों और पांच शिक्षकों का अपहरण कर लिया गया। (आईएएनएस)

डच जांचकर्ताओं ने टेस्ला के ड्राइविंग डेटा स्टोरेज सिस्टम को किया हैक
22-Oct-2021 3:22 PM (53)

सैन फ्रांसिस्को, 22 अक्टूबर | मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि डच फोरेंसिक शोधकर्ताओं की एक टीम ने टेस्ला के डेटा स्टोरेज सिस्टम को डिक्रिप्ट किया, जिससे जानकारी की एक टुकड़ी तक पहुंच प्रदान की जा सके। यह दुर्घटना की जांच में उपयोगी हो सकती है। द वर्ज के अनुसार, टेस्ला अपने ग्राहकों के ड्राइविंग व्यवहार के बारे में जानकारी रिकॉर्ड करती है, दोनों अपने उन्नत ड्राइवर सहायता प्रणाली, ऑटोपायलट में सुधार करने के लिए और दुर्घटना की स्थिति में, जांचकर्ताओं को प्रदान करने के लिए सहायता प्रदान करती है।

हालांकि, नीदरलैंड फोरेंसिक इंस्टीट्यूट (एनएफआई) के शोधकर्ताओं ने पाया कि टेस्ला के वाहन गति, त्वरक पेडल स्थिति, स्टीयरिंग व्हील कोण और ब्रेक उपयोग सहित पहले से ज्ञात की तुलना में कहीं अधिक विस्तृत डेटा संग्रहित करते हैं।

संस्थान ने कहा, इस डेटा में से कुछ को एक वर्ष तक संग्रहित किया जा सकता है।

टीम ऑटोपायलट के साथ एक टेस्ला से जुड़े एक दुर्घटना की जांच कर रही थी, जिसने अप्रत्याशित रूप से ब्रेक लगाने के बाद एक अन्य वाहन को पीछे से खत्म कर दिया था। टेस्ला से डेटा की तलाश करने के बजाय, डच जांचकर्ताओं ने कंपनी के डेटा लॉग को "निष्पक्ष रूप से" मूल्यांकन करने के लिए "रिवर्स इंजीनियर" को चुना।

एनएफआई के एक डिजिटल अन्वेषक फ्रांसिस हुगेंडिजक ने एक बयान में कहा, "इन आंकड़ों में फोरेंसिक जांचकर्ताओं और यातायात दुर्घटना विश्लेषकों के लिए जानकारी का खजाना है और एक घातक यातायात दुर्घटना या चोट के साथ दुर्घटना के बाद आपराधिक जांच में मदद कर सकता है।"

एनएफआई ने कहा कि भले ही टेस्ला ने अतीत में सरकार के डेटा अनुरोधों का अनुपालन किया हो, लेकिन कंपनी ने बहुत सारे डेटा को छोड़ दिया जो उपयोगी साबित हो सकते थे।

एनएफआई की रिपोर्ट में कहा गया है, "टेस्ला हालांकि केवल एक विशिष्ट समय सीमा के लिए सिग्नल का एक विशिष्ट सबसेट प्रदान करता है, केवल अनुरोध किया जाता है, जबकि लॉग फाइलों में सभी रिकॉर्ड किए गए सिग्नल होते हैं।"

हैक की खबर का अमेरिकी जांचकर्ताओं के लिए निहितार्थ हो सकता है जो ऑटोपायलट के उपयोग के दौरान टेस्ला वाहनों और आपातकालीन वाहनों से जुड़े दुर्घटनाओं की एक दर्जन घटनाओं की जांच कर रहे हैं। (आईएएनएस)

मानव अधिकार निकाय ने बांग्लादेश के हिंदुओं की रक्षा करने की मांग की
22-Oct-2021 3:21 PM (60)

न्यूयॉर्क, 22 अक्टूबर | बांग्लादेश के अधिकारियों से हिंदुओं की रक्षा करने के लिए कहते हुए, अंतर्राष्ट्रीय समूह मानव अधिकार निकाय ने कहा है कि कानून एजेंसी को 'सावधानी और संयम के साथ' कार्य करना चाहिए। एचआरडब्ल्यू के एशिया निदेशक ब्रैड एडम्स ने समूह द्वारा जारी एक बयान में कहा कि अधिकारियों को हिंसा को कम करने की जरूरत है, न कि भीड़ में गोला बारूद चलाने की।

उन्होंने कहा कि बांग्लादेश के अधिकारी बेहद तनावपूर्ण स्थिति से निपट रहे हैं, जो आसानी से और भी अधिक रक्तपात में बदल सकती है, अगर कानून एंजेंसी ने सावधानी और संयम के साथ काम नहीं किया।

एचआरडब्ल्यू के बयान ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमलों को अंजाम देने वालों की पहचान और सीधे तौर पर निंदा नहीं की।

हालांकि, एचआरडब्ल्यू ने स्वीकार किया कि हिंदू, जो बांग्लादेश की मुस्लिम-बहुल आबादी का लगभग 10 प्रतिशत हिस्सा हैं, बार-बार हमले के शिकार हुए हैं।

"पहले हमलों के बाद से, भीड़ ने पूरे देश में दर्जनों हिंदू घरों और मंदिरों और मूर्तियों को तोड़ी है।"

एचआरडब्ल्यू के बयान में एक बांग्लादेशी मानवाधिकार समूह, ऐन ओ सलीश केंद्र के हवाले से बताया गया है कि जनवरी 2013 से हिंदू समुदाय पर कम से कम 3,679 हमले हुए हैं, जिनमें बर्बरता, आगजनी और लक्षित हिंसा शामिल है।

एडम्स ने कहा कि हसीना को शब्दों और कार्यों में यह दिखाने के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण का सामना करना पड़ रहा है कि वह लोकतंत्र और मानवाधिकारों के लिए अपनी पार्टी की प्रतिबद्धताओं के बारे में गंभीर है।

बयान में कहा गया है कि अधिकारियों ने कथित तौर पर हिंसा के संबंध में कम से कम 71 मामले दर्ज किए हैं और 450 लोगों को गिरफ्तार किया है। साथ ही हसीना ने कड़ी कार्रवाई का वादा किया है, यह घोषणा करते हुए कि किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे किस धर्म के हैं।

कानून प्रवर्तन द्वारा संयम के अपने आह्वान का समर्थन करते हुए, एचआरडब्ल्यू ने कहा कि कानून प्रवर्तन अधिकारियों द्वारा बल और आग्नेयास्त्रों के उपयोग पर संयुक्त राष्ट्र के मूल सिद्धांत में कहा गया है कि सुरक्षा बलों को 'बल और आग्नेयास्त्रों के उपयोग का सहारा लेने से पहले अहिंसक साधनों को लागू करना चाहिए, ' और यह कि 'जब भी बल और आग्नेयास्त्रों का वैध उपयोग अपरिहार्य है, कानून प्रवर्तन अधिकारी (ए) इस तरह के उपयोग में संयम बरतें और अपराध की गंभीरता और प्राप्त किए जाने वाले वैध उद्देश्य के अनुपात में कार्य करें, (बी) कम से कम क्षति और चोट, और सम्मान और मानव जीवन की रक्षा का ध्यान रखें। (आईएएनएस)