सरगुजा

फर्जी ऋण पुस्तिका से जमीन की रजिस्ट्री कराने का मामला
11-Mar-2026 9:46 PM
फर्जी ऋण पुस्तिका से जमीन की रजिस्ट्री कराने का मामला

एक आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

अंबिकापुर, 11 मार्च।  धोखाधड़ी और कूटरचना कर जमीन का विक्रयनामा अपने पक्ष में निष्पादित कराने के मामले में कोतवाली पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई डीआईजी और एसएसपी सरगुजा के निर्देशन में की गई। मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी अभी शेष है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मायापुर निवासी फैजान आलम अंसारी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी दादी स्वर्गीय जमीला खातून के स्वामित्व की भूमि खसरा नंबर 1688/14 रकबा 10 डिसमिल मायापुर में स्थित है। वर्ष 2019 में उनकी दादी ने अपने जीवनकाल में ही उक्त भूमि की वसीयत दो हिस्सों में कर दी थी। इसके बावजूद वर्ष 2021 में उनकी बड़ी बुआ के पुत्र अहमद अली और अन्य लोगों ने परिवार के अन्य सदस्यों को बिना जानकारी दिए जमीन का विक्रयनामा अपने पक्ष में पंजीयन करा लिया।

शिकायत की जांच के दौरान पाया गया कि पंजीयन दस्तावेजों में दर्ज द्वितीय प्रति ऋण पुस्तिका क्रमांक पी-1948564 है, जो कि असली ऋण पुस्तिका क्रमांक एल-22055 से भिन्न है। भू-अभिलेखों के अवलोकन से स्पष्ट हुआ कि ऋण पुस्तिका क्रमांक एल-22055 ही वास्तविक है और राजस्व अभिलेखों में दर्ज है, जबकि पी-1948564 नंबर की ऋण पुस्तिका न तो शासन द्वारा जारी की गई थी और न ही किसी सक्षम अधिकारी द्वारा अधिकृत की गई थी।

जांच में यह भी सामने आया कि भूमि व्यपवर्तित श्रेणी की है, जिसे बिना कलेक्टर की अनुमति के क्रय-विक्रय नहीं किया जा सकता। आरोप है कि अहमद अली और अन्य आरोपियों ने वृद्ध और अशिक्षित जमीला खातून का फायदा उठाकर फर्जी ऋण पुस्तिका तैयार कर जमीन की रजिस्ट्री अपने पक्ष में करा ली। मामले में कोतवाली थाना में अपराध क्रमांक 161/26 धारा 420, 467, 468, 471 और 34 भारतीय दंड संहिता के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। जांच के दौरान प्रार्थी द्वारा प्रस्तुत मूल ऋण पुस्तिका को पुलिस ने जब्त कर लिया।

पुलिस ने आरोपी अहमद अली (48 वर्ष), निवासी मायापुर अंबिकापुर को हिरासत में लेकर पूछताछ की। आरोपी द्वारा फर्जी ऋण पुस्तिका के संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं देने और गोलमोल जवाब देने पर उसके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य पाए गए, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।

पुलिस के अनुसार प्रकरण में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी शेष है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक शशिकांत सिन्हा, सहायक उपनिरीक्षक देवनारायण यादव और आरक्षक दीपक दास की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


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