सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 19 फरवरी। शहर में बिगड़ती यातायात व्यवस्था और बढ़ते ध्वनि प्रदूषण को लेकर आजाद सेवा संघ ने प्रशासन के समक्ष गंभीर चिंता व्यक्त की है। संघ के प्रदेश सचिव रचित मिश्रा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, सरगुजा के नाम अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर त्वरित कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन में बताया गया कि अंबिकापुर के प्रमुख चौक—संगम चौक, गांधी चौक, महामाया चौक, खरसिया नाका और आकाशवाणी चौक—पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुकी है। शासन द्वारा लाखों रुपये की लागत से लगाए गए ट्रैफिक सिग्नल लंबे समय से बंद पड़े हैं, जिससे इन स्थानों पर जाम और दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बढ़ रही है।
प्रदेश सचिव रचित मिश्रा ने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं के दौरान छात्रों की सुविधा और सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए, लेकिन वर्तमान अव्यवस्था के कारण परीक्षार्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
डीजे और लाउडस्पीकरों पर सख्ती की मांग
संघ ने होली पर्व के नाम पर देर रात तक बज रहे डीजे और लाउडस्पीकरों पर भी कड़ी आपत्ति जताई। बताया गया कि सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू हो चुकी हैं, जबकि सीजी बोर्ड की 12वीं और 10वीं की परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से प्रारंभ हो रही हैं। ऐसे में तेज आवाज छात्रों की पढ़ाई और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है।
ज्ञापन में ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम, 2000 का हवाला देते हुए शैक्षणिक संस्थानों और रिहायशी क्षेत्रों के 100 मीटर के दायरे को साइलेंस जोन घोषित कर कड़ाई से लागू करने की मांग की गई। साथ ही रात 10 बजे के बाद डीजे बजाने वालों पर भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत कार्रवाई करने का आग्रह किया गया।
भारी वाहनों के नो-एंट्री नियम लागू करने की मांग
आजाद सेवा संघ ने शहर में भारी वाहनों के नो-एंट्री समय का कड़ाई से पालन कराने की भी मांग की, ताकि परीक्षार्थियों को जाम में न फंसना पड़े और वे समय पर परीक्षा केंद्र पहुंच सकें।
ज्ञापन सौंपते समय सक्षम कश्यप, अभिजीत, सनी, प्रिंस, भोलू यादव, सोनू यादव सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


