सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 9 फरवरी। अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश कुमार अग्रवाल ने पुलिस कोऑर्डिनेशन सेंटर के सभाकक्ष में राजपत्रित पुलिस अधिकारियों सहित समस्त थाना व चौकी प्रभारियों की अपराध समीक्षा बैठक ली।
बैठक में थानावार लंबित अपराध, चालान, शिकायत और मर्ग प्रकरणों की समीक्षा की गई। साथ ही म्यूल अकाउंट एवं पीओएस से जुड़े लंबित मामलों की स्थिति पर चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। विवेचकों को प्रकरणों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखने की सख्त हिदायत दी गई।
डीआईजी एवं एसएसपी ने एनएएफआईएस सेल में फिंगरप्रिंट एंट्री बढ़ाने तथा गिरफ्तार व्यक्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड अद्यतन रखने के निर्देश दिए। थाना व चौकी प्रभारियों को अपने क्षेत्र में निवासरत निगरानी बदमाश, गुंडा बदमाश, आदतन अपराधियों एवं अन्य आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों की फिंगरप्रिंट लेकर सिस्टम में नियमित रूप से अपडेट करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक के दौरान ई-चालान एवं ई-साक्ष्य के उपयोग की वर्तमान स्थिति की समीक्षा कर लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए गए। सडक़ दुर्घटनाओं में कमी लाने और हादसों के बाद उपचार व्यवस्था की निगरानी के लिए इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डेटाबेस (आईआरएडी) में प्रविष्टियां नियमित रूप से अद्यतन रखने पर भी जोर दिया गया।
डीआईजी एवं एसएसपी ने विवेचकों को आपराधिक मामलों में जांच की गुणवत्ता बढ़ाने, पारदर्शिता सुनिश्चित करने और न्यायालय में साक्ष्य मजबूती से प्रस्तुत करने के लिए साप्ताहिक केस डायरी अनिवार्य रूप से लिखने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ढिल्लों, नगर पुलिस अधीक्षक राहुल बंसल, उप पुलिस अधीक्षक राकेश बघेल, उप पुलिस अधीक्षक अजाक सुरेश भगत, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी ग्रामीण तूल सिंह पट्टावी, रक्षित निरीक्षक तृप्ती सिंह राजपूत, स्टेनो फबियानुस तिर्की सहित समस्त थाना व चौकी प्रभारी, रीडर अमित पांडेय तथा पुलिस अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।


