सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 8 फरवरी। युवा कांग्रेस छत्तीसगढ़ आरटीआई के चेयरमैन हिमांशु जायसवाल ने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा परीक्षा एवं पंजीयन शुल्क में की गई वृद्धि को छात्र विरोधी और गरीब विरोधी निर्णय बताया है। उन्होंने कहा कि परीक्षा एवं प्रवेश समिति की बैठक में लिए गए फैसले से प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
हिमांशु जायसवाल ने बताया कि स्वाध्यायी अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (एससी/एसटी) छात्रों के लिए पंजीयन एवं अनुमति शुल्क में ढाई गुना वृद्धि की गई है। पहले जहां शुल्क 560 रुपये था, अब 800 रुपये देना होगा। वहीं राज्य से बाहर के स्वाध्यायी छात्रों के लिए शुल्क 1540 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि अतिरिक्त विषय (द्वितीय मुख्य/अवसर परीक्षा) के शुल्क में भी बढ़ोतरी की गई है। एक विषय के लिए शुल्क 280 रुपये से बढ़ाकर 400 रुपये और दो विषय के लिए 340 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये कर दिया गया है।
इसी प्रकार 10वीं और 12वीं की परीक्षा के लिए नियमित शुल्क, अंकसूची और प्रति विषय प्रायोगिक शुल्क मिलाकर पहले 460 रुपये लिए जाते थे, जो अब बढक़र 800 रुपये हो गए हैं। आवेदन पत्र शुल्क भी 70 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये कर दिया गया है।
हिमांशु जायसवाल ने कहा कि यदि नियत समय पर आवेदन नहीं किया गया तो विलंब शुल्क सहित 2000 रुपये तक देना होगा, जो पहले 1540 रुपये था।
उन्होंने कहा कि महंगाई और बेरोजगारी के दौर में शिक्षा शुल्क बढ़ाना सरकार की छात्र और युवा विरोधी सोच को दर्शाता है।
उन्होंने मांग की कि परीक्षा एवं पंजीयन शुल्क में की गई वृद्धि को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए, गरीब, एससी-एसटी और मध्यम वर्गीय छात्रों को राहत दी जाए तथा शिक्षा को सुलभ और सस्ती बनाने के लिए सरकार ठोस नीति बनाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने निर्णय वापस नहीं लिया तो युवा कांग्रेस प्रदेशभर में छात्र हित में आंदोलन करने को बाध्य होगी, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।


