सूरजपुर

चरित्र निर्माण से ही राष्ट्र सेवा संभव- नारायण नामदेव
01-Jun-2026 8:52 PM
चरित्र निर्माण से ही राष्ट्र सेवा संभव- नारायण नामदेव

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

सूरजपुर, 1 जून। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का संघ शिक्षा वर्ग (सामान्य) विद्यार्थी, शालेय एवं महाविद्यालय वर्ग, जो 16 मई से साधुराम विद्या मंदिर, सूरजपुर में आयोजित किया जा रहा था, 31 मई को समापन तथा 1 जून को दीक्षांत समारोह के साथ संपन्न हुआ। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बाल भगवान राम (प्रवक्ता, सर्व रविदास समाज छत्तीसगढ़), मुख्य वक्ता एवं सह प्रांत प्रचारक नारायण नामदेव, प्रांत संघ चालक टोपलाल वर्मा तथा वर्गाधिकारी योगेश्वर सिंह उपस्थित रहे।

संघ के कार्य विस्तार की दृष्टि से आयोजित इस प्रशिक्षण वर्ग में छत्तीसगढ़ प्रांत के 33 जिलों से कुल 196 शिक्षार्थियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के समापन अवसर पर साधुराम विद्या मंदिर परिसर में भारी बारिश के बीच शिक्षार्थियों ने गणक्षमता, पदविन्यास, दंड संचालन, खेल, योगासन तथा सामाजिक समरसता से जुड़े आकर्षक प्रदर्शन प्रस्तुत किए।

मुख्य अतिथि बाल भगवान राम ने कहा कि संत-महात्मा किसी एक समाज के नहीं होते, बल्कि संपूर्ण मानव समाज के कल्याण के लिए कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि देश सर्वोपरि है और राष्ट्र सेवा के लिए सभी को सेवा, संकल्प और समर्पण की भावना के साथ कार्य करना चाहिए।

मुख्य वक्ता एवं सह प्रांत प्रचारक नारायण नामदेव ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार का संपूर्ण जीवन राष्ट्र के लिए समर्पित था। उन्होंने शाखा के माध्यम से चरित्र निर्माण, व्यक्ति निर्माण तथा सेवा, समर्पण और त्याग की भावना विकसित कर राष्ट्र को परम वैभव तक पहुंचाने का संकल्प लिया था। आज स्वयंसेवक विभिन्न संगठनों के माध्यम से समाज में सकारात्मक वातावरण निर्माण का कार्य कर रहे हैं।

प्रांत संघ चालक टोपलाल वर्मा ने दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि 15 दिनों के प्रशिक्षण के बाद शिक्षार्थी सेवा और समर्पण की भावना लेकर अपने घर लौट रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने संघ की कार्यपद्धति और विभिन्न आयामों को जाना-समझा है, जिसका लाभ उन्हें समाज और राष्ट्र सेवा के विभिन्न क्षेत्रों में मिलेगा।

पंद्रह दिवसीय संघ शिक्षा वर्ग के सफल आयोजन में जिला सूरजपुर एवं कोरिया विभाग के स्वयंसेवकों के साथ-साथ साधुराम विद्या मंदिर के संचालक राहुल अग्रवाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम के समापन पर शिक्षार्थियों और स्वयंसेवकों में उत्साह का माहौल देखने को मिला।


अन्य पोस्ट