सूरजपुर

हत्या के 17 मामलों में 29 दोषियों को कठोर सजा
29-May-2026 11:15 PM
हत्या के 17 मामलों में 29 दोषियों को कठोर सजा

नए कानून लागू होने के बाद न्यायालयों के फैसलों में तेजी

सूरजपुर, 29 मई। जिले के विभिन्न  न्यायालयों ने हत्या के मामलों में सख्त रुख अपनाते हुए पिछले पांच माह में 17 प्रकरणों में 29 अभियुक्तों को दोषी ठहराकर कठोर कारावास की सजा सुनाई है। भारतीय न्याय संहिता लागू होने के बाद दिसम्बर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच दिए गए इन फैसलों को न्यायिक प्रक्रिया में तेजी और वैज्ञानिक जांच के प्रभावी उपयोग के रूप में देखा जा रहा है।

न्यायालयों द्वारा सुनाए गए प्रमुख फैसलों में ग्राम पसला स्थित डेयरी फार्म में महिला हत्या प्रकरण में आरोपी को आजीवन कारावास एवं अर्थदंड की सजा दी गई। वहीं कॉलेज रोड नावापारा सूरजपुर में महिला हत्या मामले में आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास से दंडित किया गया।

चौकी लटोरी अंतर्गत ग्राम द्धारिकापुर गाड़ा झरिया में पत्नी द्वारा पति की धारदार हथियार से हत्या करने के मामले में न्यायालय ने आरोपी महिला को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसी प्रकार थाना चांदनी क्षेत्र के ग्राम विशालपुर में जमीन विवाद को लेकर हुई हत्या के मामले में चार आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास दिया गया।

थाना चांदनी के ग्राम अवन्तिकापुर में चाचा द्वारा भतीजे की हत्या के मामले में आरोपी को 7 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। वहीं थाना सूरजपुर क्षेत्र के ग्राम पर्री गौटियापारा में पिता और भाई द्वारा युवक को पेड़ से बांधकर मारपीट कर हत्या करने के मामले में दोनों आरोपियों को 10-10 वर्ष की कठोर कारावास की सजा दी गई।

न्यायिक अधिकारियों के अनुसार नए कानून लागू होने के बाद आपराधिक मामलों में केवल चश्मदीद गवाहों पर निर्भरता कम हुई है। गवाहों के पलटने की स्थिति में भी वैज्ञानिक, तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोप सिद्ध किए जा रहे हैं। विवेचना के दौरान संकलित मेडिकल रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, डिजिटल और फोरेंसिक साक्ष्यों को न्यायालयों द्वारा विशेष महत्व दिया जा रहा है।

समयबद्ध सुनवाई और आधुनिक जांच प्रणाली के कारण हत्या जैसे गंभीर मामलों में दोषियों को शीघ्र सजा मिल रही है, जिससे न्याय व्यवस्था में आमजन का विश्वास और मजबूत हुआ है।


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