सूरजपुर
चुनाव प्रक्रिया रोकने और फंड की जांच की मांग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
सूरजपुर, 28 मई। कोल माइंस ऑफिसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीएमओएआई) एसईसीएल में चुनाव से पहले वित्तीय अनियमितताओं और फंड गबन के आरोपों को लेकर विवाद गहरा गया है। सीएमओ एआई बिश्रामपुर उपशाखा के सचिव अमरेंद्र नारायण ने संगठन के एसईसीएल शाखा महासचिव को पत्र भेजकर चुनाव प्रक्रिया तत्काल रोकने तथा बैंक खाते से निकाली गई लगभग 40 लाख रुपये से अधिक की राशि की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
28 मई 2026 को भेजे गए पत्र में आरोप लगाया गया है कि शाखा कार्यकारिणी और सामान्य सदस्यों की जानकारी के बिना बैंक खाते से फंड की हेराफेरी की गई। पत्र में कहा गया है कि कई बार मौखिक और लिखित रूप से बैंक खाते का विवरण मांगे जाने के बावजूद जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई, जिससे सदस्यों में नाराजगी है।
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि शाखा चुनाव को प्रभावित करने के उद्देश्य से वित्तीय मामलों को छिपाया जा रहा है। पत्र के अनुसार, 28 दिसंबर 2025 को हुई कार्यकारिणी बैठक में बैंक खाते से निकाली गई राशि की जानकारी सामने आने पर इसे गंभीर अनियमितता माना गया था। आरोप है कि 31 दिसंबर 2025 तक लगभग 16 लाख रुपये नकद निकाले गए तथा करीब 9 लाख 99 हजार रुपये चेक के माध्यम से आहरित किए गए। इसके अलावा 20 लाख रुपये मुख्यालय उपशाखा बिलासपुर में जमा कराने की बात कही गई, जबकि जनवरी 2026 में शाखा खाते से 10 लाख रुपये मुख्यालय खाते में स्थानांतरित किए जाने का भी उल्लेख किया गया है।
पत्र में यह भी दावा किया गया है कि बिलासपुर प्रवास के दौरान शाखा और मुख्यालय उपशाखा के बैंक खातों के पिछले कई वर्षों के लेनदेन का विवरण प्राप्त हुआ, जिसमें कथित वित्तीय गड़बडिय़ां दर्ज हैं। सदस्यों ने आरोप लगाया कि कुछ नाम ऐसे हैं जिन्होंने बिना शाखा कार्यकारिणी की सहमति के फंड निकाला और व्यक्तिगत लाभ पहुंचाने का प्रयास किया।शिकायतकर्ताओं का कहना है कि शाखा के कई सदस्य सदस्यता शुल्क जमा करने के बावजूद मतदाता सूची में शामिल नहीं किए गए, जबकि चुनाव प्रक्रिया जल्दबाजी में आगे बढ़ाई जा रही है।
उन्होंने मांग की है कि पहले बैंक खाते से निकाली गई राशि को वापस जमा कराया जाए, उसके बाद ही निष्पक्ष चुनाव कराया जाए।
पत्र में चेतावनी दी गई है कि यदि मामले की पारदर्शी जांच नहीं हुई तो संगठन की साख प्रभावित होगी। सदस्यों ने चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।


