सूरजपुर
सूरजपुर, 11 फरवरी। केंद्र सरकार की कथित मजदूर-विरोधी एवं निजीकरण समर्थक नीतियों के विरोध में 12 फरवरी को देशव्यापी औद्योगिक हड़ताल का आह्वान किया गया है। यह जानकारी एसकेएमएस (एटक) के महासचिव अजय विश्वकर्मा, एचएमएस नेता नाथूलाल पांडेय, एससीकेएमसी (इंटक) के गोपाल नारायण सिंह तथा सीटू के महासचिव व्ही.एम. मनोहर ने संयुक्त प्रेस वार्ता में दी।
नेताओं ने बताया कि हड़ताल को देश की दस प्रमुख ट्रेड यूनियनों एवं फेडरेशनों के साथ संयुक्त किसान मोर्चा, खेतिहर मजदूर संगठनों, सिस्टा ओबीसी तथा विभिन्न विपक्षी दलों का समर्थन प्राप्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना व्यापक संवाद के चार श्रम संहिताओं (लेबर कोड) को लागू करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे मजदूरों के अधिकार, सामाजिक सुरक्षा, वेतन संरचना, स्थायी रोजगार, पेंशन, पीएफ, ग्रेच्युटी और सामूहिक सौदेबाजी की क्षमता प्रभावित हो सकती है।
नेताओं ने फिक्स्ड टर्म रोजगार, कार्य घंटे बढ़ाने, श्रम संस्थाओं की शक्तियों में कटौती तथा सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण जैसे मुद्दों को लेकर असंतोष जताया और कहा कि मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन आवश्यक हो गया है।
उन्होंने बताया कि एसईसीएल में हड़ताल को सफल बनाने के लिए सोहागपुर, बैकुंठपुर और दीपका सहित विभिन्न क्षेत्रों में संयुक्त सम्मेलन आयोजित किए गए, जिनमें रायगढ़ से जोहिला क्षेत्र तक के यूनिट एवं क्षेत्रीय स्तर के नेताओं ने भाग लिया। इसके अलावा एटक, एचएमएस, इंटक और सीटू के संयुक्त मोर्चे द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में गेट मीटिंग और पल्ला बैठकों के माध्यम से श्रमिकों से हड़ताल में भाग लेने की अपील की जा रही है।
संयुक्त मोर्चा के नेताओं ने दावा किया कि 12 फरवरी को एसईसीएल के सभी क्षेत्रों में श्रमिक हड़ताल में भाग लेंगे।


