सूरजपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
सूरजपुर,11 फरवरी। सीबीएसई सिटी कोऑर्डिनेटर एवं साधु राम विद्या मंदिर सूरजपुर के प्राचार्य प्रभाकर उपाध्याय ने कहा है कि परीक्षाएँ जीवन का अंतिम लक्ष्य नहीं, बल्कि सीखने की प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण हैं। उन्होंने विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों से परीक्षा को बोझ नहीं, अवसर के रूप में लेने की अपील की।
उन्होंने कहा कि केवल अंक ही सफलता का मापदंड नहीं हैं। आज के दौर में संचार कौशल, रचनात्मक सोच, समस्या समाधान क्षमता और तकनीकी दक्षता जैसे जीवन कौशल अधिक महत्वपूर्ण हैं। नई शिक्षा नीति और सीबीएसई भी अब रटने के बजाय समझ और व्यावहारिक ज्ञान पर जोर दे रहे हैं।
उपाध्याय ने अभिभावकों से बच्चों की तुलना न करने और सकारात्मक वातावरण देने की बात कही। साथ ही विद्यार्थियों को संतुलित दिनचर्या, सीमित डिजिटल उपयोग और नियमित अभ्यास अपनाने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि परीक्षा जीवन की यात्रा का एक पड़ाव है, मंजिल नहीं।


