सूरजपुर

मुख्यमंत्री कन्या विवाह: सूरजपुर में 250 जोड़े बंधे परिणय सूत्र में
10-Feb-2026 11:12 PM
मुख्यमंत्री कन्या विवाह: सूरजपुर में 250 जोड़े बंधे परिणय सूत्र में

 ‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

सूरजपुर,10 फरवरी। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत सूरजपुर जिले में मंगलवार को 250 जोड़ों का भव्य सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय वर्चुअल रूप से शामिल हुए, जबकि पूर्व गृह मंत्री एवं छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

इस ऐतिहासिक आयोजन में हिंदू, मुस्लिम एवं ईसाई समाज के जोड़ों ने विधि-विधान एवं रीति-रिवाजों के साथ विवाह किया। कार्यक्रम में विधायक भूलन सिंह मरावी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चंद्रमणि पैकरा, जनपद पंचायत अध्यक्ष स्वाती संत सिंह, कलेक्टर एस. जयवर्धन, जिला पंचायत सीईओ विजेंद्र सिंह पाटले सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वर्चुअल माध्यम से सभी नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखमय एवं मंगलमय दांपत्य जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि पहले बेटियों के विवाह को लेकर माता-पिता को भारी आर्थिक बोझ उठाना पड़ता था, कई बार उन्हें कर्ज लेना या संपत्ति बेचनी पड़ती थी। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के माध्यम से शासन न केवल विवाह का संपूर्ण आयोजन कर रहा है, बल्कि 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान कर रहा है, जिससे गरीब एवं कमजोर वर्ग के परिवारों को बड़ी राहत मिली है। इस अवसर पर सूरजपुर के हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री से संवाद कर योजना के लिए आभार व्यक्त किया।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने वर्चुअल रूप से संबोधित करते हुए कहा कि शासन राज्य के कमजोर परिवारों की बेटियों की जिम्मेदारी निभा रहा है, ताकि माता-पिता को विवाह की चिंता न रहे। उन्होंने नवदंपत्तियों से शासन की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया तथा कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ के लिए सभी परिवारों से सहयोग की अपील की।

मुख्य अतिथि रामसेवक पैकरा ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना एक संवेदनशील और जनहितकारी पहल है, जो गरीब परिवारों को सम्मानपूर्वक विवाह का अवसर प्रदान कर रही है। विधायक भूलन सिंह मरावी ने भी इस योजना को आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए वरदान बताया।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत पूरे प्रदेश में एक साथ 6412 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ, जिसे गोल्डन बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। यह आयोजन सामाजिक समरसता और शासन की जनकल्याणकारी सोच का सशक्त उदाहरण बना।


अन्य पोस्ट