सूरजपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
सूरजपुर, 10 जनवरी। विकासखंड सूरजपुर में कक्षा पहली से तीसरी तक नवीन पाठ्यपुस्तकों पर आधारित अध्यापन हेतु प्राथमिक शालाओं के शिक्षकों का पांच दिवसीय प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह प्रशिक्षण तीन जोनों लटोरी, बिश्रामपुर टाउन एवं कन्या शाला में आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में विकासखंड की प्राथमिक शालाओं से कुल 270 शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशिक्षण का संचालन डाइट अंबिकापुर से आए प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स चंद्रकला कुशवाहा, जीवंती एक्का, पंकज एक्का, राजेश जायसवाल, मेरी रोशन लकड़ा, सुनीता यादव, बसंत मंडल, सुनीता भगत एवं सरिता तिर्की द्वारा किया गया, जिन्होंने अपने-अपने जोन में शिक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान किया।
प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि कक्षा पहली से तीसरी तक की नवीन पाठ्यपुस्तकें बच्चों में आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से तैयार की गई हैं। ये पुस्तकें बाल-केंद्रित एवं गतिविधि आधारित हैं, जिससे बच्चों के लिए सीखना सहज और रुचिकर बनता है। साथ ही यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों की प्रभावी पूर्ति में सहायक हैं।
संस्था प्राचार्य आशीष कुमार भट्टाचार्य ने कहा कि कक्षा 1 से 3 की नवीन पाठ्यपुस्तकें बच्चों के शैक्षणिक एवं नैतिक विकास की मजबूत नींव रखती हैं। इन पुस्तकों के माध्यम से बच्चों में समझ, जिज्ञासा और रचनात्मक सोच का विकास होता है तथा विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण एवं आनंददायक शिक्षण को बढ़ावा मिलता है।
विकासखंड शिक्षा अधिकारी हरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि नवीन पाठ्यपुस्तकें शिक्षकों को गतिविधि आधारित शिक्षण अपनाने में सहयोग प्रदान करेंगी। वहीं बीआरसी मनोज कुमार मंडल ने बताया कि ये पुस्तकें (एफ एल एन) लक्ष्यों की प्राप्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं और जिला शिक्षा अधिकारी के मार्गदर्शन में इनके प्रभावी क्रियान्वयन से शैक्षणिक गुणवत्ता में निरंतर सुधार हो रहा है।
प्रशिक्षण प्रभारी के रूप में गौरी शंकर पांडेय, जितेंद्र तिवारी, पंकज सिंह, सुधीर पटेल, कीर्ति कौशल दुबे एवं संतोष बड़ा ने कार्यक्रम के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


