सूरजपुर
फर्जी लोन, बोरा घोटाला और समिति प्रबंधन की मनमानी का आरोप
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
प्रतापपुर, 7 जनवरी। सूरजपुर जिला के प्रतापपुर विकासखंड अंतर्गत दवनकरा गांव आज किसानों के आक्रोश का गवाह बना, जहां धान खरीदी व्यवस्था में व्याप्त अनियमितताओं, फर्जी ऋण प्रकरण, बोरा घोटाले, तौल में हेराफेरी और आदिमजाति सेवा सहकारी समिति दवनकरा की मनमानी के खिलाफ एक दिवसीय विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। धरना स्थल किसानों, जनप्रतिनिधियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं से खचाखच भरा रहा।
किसानों का सीधा आरोप है कि आदिमजाति सेवा सहकारी समिति दवनकरा वर्षों से किसानों का शोषण कर रही है और इसके पीछे समिति प्रबंधक संतोष नाविक की भूमिका सबसे संदिग्ध और आपत्तिजनक रही है।
किसानों ने आरोप लगाया कि संतोष नाविक के कार्यकाल में धान खरीदी व्यवस्था पूरी तरह भ्रष्टाचार का अड्डा बन गई है। किसानों के नाम पर बिना जानकारी के फर्जी ऋण चढ़ाना, धान की गुणवत्ता के नाम पर उलटी-पलटी करना, घटिया और छलनी बोरे उपलब्ध कराना, तय सीमा से अधिक धान जबरन लेना और किसानों को घंटों लाइन में खड़ा कर अपमानित करना अब रोजमर्रा की बात हो गई है।
धरना स्थल पर मौजूद किसानों ने बताया कि समिति प्रबंधक संतोष नाविक के खिलाफ पूर्व में भी कई गंभीर अनियमितताओं की जांच हो चुकी है, जो जांच में सही पाई गईं, इसके बावजूद आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। कई बार निलंबन की कार्रवाई भी हुई, लेकिन विभागीय सांठगांठ और संरक्षण के चलते वह हर बार वापस उसी कुर्सी पर बैठ जाता है। किसानों का कहना है कि यह सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि खुलेआम भ्रष्टाचार को संरक्षण देने का मामला है।
जिला महामंत्री इम्तियाज जफर ने कहा कि दवनकरा समिति लंबे समय से किसानों के आर्थिक और मानसिक शोषण का केंद्र बनी हुई है। प्रशासनिक चुप्पी ने समिति प्रबंधन के हौसले बढ़ा दिए हैं। यदि समय रहते समिति प्रबंधक संतोष नाविक को पद से नहीं हटाया गया और निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो आंदोलन को जिला स्तर से आगे बढ़ाया जाएगा।
धरना-प्रदर्शन में रनसाय सोनपाकर, हरि कुशवाहा, सुखलाल, संग्राम देवांगन, छबेलाल, एजाज खान, अशोक साडिल, कमलेश्वर राजवाड़े सहित सैकड़ों किसानों ने एक स्वर में समिति प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों ने साफ शब्दों में कहा कि अब वे अपने अधिकारों के साथ कोई समझौता नहीं करेंगे और जरूरत पड़ी तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
धरना-प्रदर्शन के उपरांत प्रदर्शनकारियों द्वारा प्रतापपुर तहसीलदार को मौके पर ही ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें धान खरीदी व्यवस्था में सुधार, फर्जी ऋण प्रकरणों की जांच, बोरा व तौल व्यवस्था दुरुस्त करने तथा समिति प्रबंधक संतोष नाविक को तत्काल पद से हटाने की मांग की गई।
किसानों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।-


