सारंगढ़-बिलाईगढ़
बेतरतीब पार्किंग से जनता हलाकान
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
सारंगढ़-बिलाईगढ़, 6 जनवरी। शहर के हृदयस्थल माने जाने वाले एसडीएम कार्यालय मार्ग पर रोजाना लगने वाला जाम अब आमजन के लिए गंभीर समस्या बन चुका है। यह मार्ग न सिर्फ प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र है, बल्कि न्याय, राजस्व और अन्य जरूरी कामों से आने वाले फरियादियों की भी मुख्य आवाजाही यहीं से होती है। इसके बावजूद हालात ऐसे हैं कि 8 यहां हर दिन लोग घंटों जाम में फंसने को मजबूर है, लेकिन जिम्मेदार प्रशासन और - ट्रैफिक पुलिस आंख मूंदे बैठी नजर आ रही है। सबसे बड़ी वजह इस मार्ग पर फैली बेतरतीब पार्किंग है।
सडक़ के दोनों ओर दोपहिया और चारपहिया वाहन मनमाने ढंग से खड़े कर दिए जाते हैं। दुकानदार अपनी दुकानों के सामने सडक़ को ही निजी पार्किंग में तब्दील कर चुके है, वहीं आने-जाने वाले लोग भी नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए जहां जगह मिली, वहीं वाहन खड़ा कर देते हैं। नतीजा यह है कि चौड़ी सडक़ भी सकरी गली में तब्दील हो जाती है और जरा-सी भी भीड़ बढ़ते ही पूरा मार्ग जाम हो जाता है।
हैरानी की बात यह है कि यही मार्ग एसडीएम, तहसीलदार, पटवारी और कृषि कार्यालय से जुड़े दफ्तरों और अन्य महत्वपूर्ण शासकीय कार्यालयों तक जाता है, लेकिन इसके बावजूद न तो एसडीएम कार्यालय की ओर से कोई ठोस पहल दिखाई देती है और न ही ट्रैफिक पुलिस नियमित पेट्रोलिंग कर व्यवस्था सुधारने की कोशिश करती है। दिनभर के पुलिस वाहन इधर-उधर नजर तो आते हैं, लेकिन अव्यवस्थित पार्किंग पर न चालान होता है, न ही किसी को हटाया जाता है। जाम की वजह से सबसे ज्यादा परेशानी आम नागरिकों और दूर-दराज से आने वाले फरियादियों को होती है। बुजुर्ग, महिलाए और बीमार लोग धूप में फंसे रहते हैं।
एबुलेंस या आपात सेवाओं के वाहनों को निकलने में भी भारी दिक्कत होती है, जिससे कभी-कभी स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि जाम के कारण ग्राहक आने से कतराने लगे हैं, जिससे व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। शहरवासियों का आरोप है कि जब तक कोई बड़ा हादसा या विरोध नहीं होता, तब तक प्रशासन हर बार इसी तरह अनदेखी करता का बात रहेगा। जनता सवाल उठा रही है कि जब रोजाना जाम लग रहा है, शिकायतें की जा रही हैं, तो फिर जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे। क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना इंतजार कर रहा है। जनहित में जरूरत इस्स की है कि एसडीएम कार्यालय मार्ग पर नो-पार्किंग जोन घोषित किया जाए, वैकल्पिक पार्किंग की व्यवस्था की जाए और ट्रैफिक पुलिस की नियमित पेट्रोलिंग सुनिश्चित हो। साथ ही नियम तोडऩे वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि शहर को जाम को इस स्थायी समस्या से निजात मिल सके। अब देखना यह है कि प्रशासन कब जागता है और जनता की इस जायज परेशानी को गंभीरता से लेता।


