सारंगढ़-बिलाईगढ़

सतनामी समाज शांति का प्रतीक, लेकिन अन्याय पर संघर्ष अवश्य करेगा—मनीष चेलक
02-Jan-2026 9:19 PM
सतनामी समाज शांति का प्रतीक, लेकिन अन्याय पर संघर्ष अवश्य करेगा—मनीष चेलक

रानीगढ़ छुईहा में चार दिनी बाबा गुरु घासीदास जयंती समारोह
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
सारंगढ़, 2 जनवरी।
ब्लॉक मुख्यालय बिलाईगढ़ के समीपस्थ ग्राम रानीगढ़ छुईहा में आयोजित चार दिवसीय बाबा गुरु घासीदास की जयंती समारोह का समापन गरिमामय वातावरण में हुआ। कार्यक्रम के अंतिम दिवस रात्रिकालीन सत्र में भीम रेजिमेंट छत्तीसगढ़ के प्रदेश सचिव  मनीष चेलक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

मुख्य अतिथि मनीष  चेलक ने कहा कि सतनामी समाज शांति, सत्य और मानवता का प्रतीक है, लेकिन जब अन्याय और अत्याचार समाज पर थोपे जाते हैं, तब यह समाज संघर्ष करने से कभी पीछे नहीं हटता। उन्होंने कहा कि सतनामी समाज बाबा गुरु घासीदास जी के बताए शांति के मार्ग पर चलता है, वहीं आवश्यकता पडऩे पर राजा गुरु बालक दास जी के क्रांतिकारी विचारों से प्रेरणा लेकर अन्याय के विरुद्ध मजबूती से खड़ा होता है।

उन्होंने आगे कहा कि सतनामी समाज भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी द्वारा प्रदत्त संविधान को अपना मार्गदर्शक मानते हुए समानता, न्याय और बंधुत्व के मूल्यों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करता आया है। उन्होंने समाज के युवाओं से शिक्षा, संगठन और संवैधानिक चेतना को मजबूत करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में  बिरेंद्र कमल (जिला अध्यक्ष, सारंगढ़–बिलाईगढ़, भीम रेजिमेंट छत्तीसगढ़),  राजकुमार कमल (युवा नेता, बिलाईगढ़),  गणेश बंजारे (अधिवक्ता, बिलाईगढ़), राजकुमार जांगड़े (पत्रकार, बिलाईगढ़) सहित अनेक गणमान्य नागरिक मंचासीन रहे। साथ ही गांव के पंचगण, ग्रामवासी एवं माता-बहनों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। चार दिवसीय यह आयोजन सामाजिक चेतना, संगठनात्मक एकता और संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूकता का संदेश देने वाला सिद्ध हुआ। कार्यक्रम का समापन बाबा गुरु घासीदास जी के विचारों को आत्मसात करने और समाज को संगठित रखने के संकल्प के साथ किया गया।


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