सारंगढ़-बिलाईगढ़
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
सारंगढ़-बिलाईगढ़, 14 दिसंबर। टिमरलगा खनिज बैरियर को अस्थायी रूप से बंद किए जाने के बाद क्षेत्र में खनिज परिवहन को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। खनिज विभाग की ओर से बैरियर बंद करने का कारण अधिकारी-कर्मचारियों की कमी बताया गया है।
टिमरलगा, गुडेली, कटंगपाली सहित आसपास के क्षेत्रों में खनन परियोजनाएं संचालित हैं, जहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में खनिज वाहनों का आवागमन होता है। रायगढ़ रोड पर स्थित टिमरलगा खनिज बैरियर इन वाहनों की जांच का प्रमुख केंद्र माना जाता था।
सूत्रों के अनुसार, बैरियर पर अवैध खनिज परिवहन को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आती रही हैं। विभागीय स्तर पर सीमित कार्रवाई के बाद बैरियर को बंद करने का निर्णय लिया गया। खनिज विभाग का कहना है कि पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध न होने के कारण बैरियर का संचालन फिलहाल संभव नहीं है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बैरियर बंद होने के बाद खनिज वाहनों की आवाजाही बिना जांच के हो रही है। उनका आरोप है कि इससे अवैध परिवहन की आशंका बढ़ गई है। कुछ नागरिकों ने यह भी कहा कि यदि क्षेत्र संवेदनशील है, तो वैकल्पिक व्यवस्था पहले से की जानी चाहिए थी। इस पूरे मामले में जिला खनिज अधिकारी की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, इस संबंध में विभागीय स्तर पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि बैरियर संचालन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है।
फिलहाल, बैरियर बंद रहने की अवधि और आगे की कार्ययोजना को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।


