सारंगढ़-बिलाईगढ़
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
सारंगढ़-बिलाईगढ़, 6 फरवरी। युवा संगम आयोजन समिति के द्वारा पं. लोचन प्रसाद शासकीय महाविद्यालय के प्राचार्य को शाल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया व आभार व्यक्त किया गया।
बीते दिनों युवा संगम समिति की तरफ से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ शताब्दी वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में महाविद्यालय प्रांगण में युवा संगम कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। उक्त आयोजन में सारंगढ़ के आसपास के 500 से अधिक युवाओं ने हिस्सा लिया। युवा संगम कार्यक्रम में एक तरफ युवाओं ने देश के महापुरूषों के बारे में जाना तो वहीं कार्यक्रम समापन पर देश भक्ति के गीतों पर जमकर युवा थिरके।
इसके साथ ही साथ युवाओं के मन में देश-समाज के प्रति उठ रहे सवालों का भी समिति सदस्यों द्वारा जानकारी साझा की गई।
भव्य युवा संगम कार्यक्रम की सफलता के लिए आयोजन समिति के सदस्यों ने प्राचार्य, प्राध्यापकों, जनभागीदारी अध्यक्ष समेत सदस्यों को भी सम्मानित किया और कार्यक्रम में सहयोग हेतु आभार ज्ञापित किया।
महाविद्यालय परिसर में छात्रों ने की भारत माता की आरती
युवा संगम समिति के द्वारा जब प्राचार्य समेत सहयोगियों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया, उसके पूर्व महाविद्यालय के छात्र छात्राओं ने भारत माता की आरती की और प्रतीकात्मक रूप से युवा संगम के अनुवर्तन की पुष्टि की। महाविद्यालयीन विद्यार्थियों ने युवा संगम समिति के द्वारा कराए गए आयोजन को भी बहुत सराहा।
आभार कार्यक्रम में पूर्व विद्यार्थी भी शामिल रहे। छात्र-छात्राओं के अलावा युवा संगम समिति के सदस्यगण और पुर्व छात्रगणों की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। युवा संगम आयोजन समिति के सदस्यों को अपने बीच पाकर महाविद्यालय के छात्र-छात्रा भी उत्सुक दिखे।
युवा संगम कार्यक्रम में जुड़े 500 से अधिक युवा
एक फरवरी को आयोजित युवा संगम में सारंगढ़ क्षेत्र के 500 से अधिक छात्र-छात्रा शामिल हुए और लाभांवित हुए हैं। देश भक्ति के विषय पर पहली बार सारंगढ़ में ऐसा आयोजन हुआ है।
संघ के शताब्दी वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में युवाओं में देश भक्ति की चेतना जगाने के लिए पूरे देश में ऐसे आयोजन हो रहे हैं। इसी तारतम्य में सारंगढ़ के पं. लोचन प्रसाद शासकीय महाविद्यालय में भी आयोजन संपन्न किया गया जिसमें युवाओं ने बढ़-चढक़र हिस्सा लिया। इस भव्य और सारगर्भित कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र में युवाओं के बीच बहुत ही सकारात्मक संदेश जा रहा।


