सारंगढ़-बिलाईगढ़

महाविद्यालय में संयुक्त रूप से मना संविधान दिवस
29-Nov-2025 4:35 PM
महाविद्यालय में संयुक्त रूप से मना संविधान दिवस

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

सारंगढ़ बिलाईगढ़, 29 नवंबर।  शासकीय लोचन प्रसाद पांडेय महाविद्यालय सारंगढ़ में संविधान दिवस हर्षोल्लास और अनुशासन के साथ मनाया गया।

 इस अवसर पर राजनीति विज्ञान विभाग, एनसीसी इकाई एवं एनएसएस इकाई के संयुक्त तत्वावधान में विविध शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिनमें छात्रों ने उत्साहपूर्ण भागीदारी कर कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया। पूरे महाविद्यालय परिसर में संविधान-सेवा, नागरिक जिम्मेदारी और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूकता का वातावरण छाया रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत संविधान-निर्मात्री सभा के प्रमुख सदस्यों के जीवंत भूमिका-अभिनय से हुई, जिसमें छात्रों ने डॉ. भीमराव आंबेडकर, पं. जवाहरलाल नेहरू, सरोजिनी नायडू, हंसा मेहता आदि महान विभूतियों के योगदान का प्रभावशाली मंचन किया। इस प्रस्तुति ने दर्शकों को संविधान-निर्माण के ऐतिहासिक क्षणों की स्मृति में भावपूर्ण रूप से जोड़ दिया।

इसके उपरांत एनएसएस इकाई द्वारा ‘’हमारा संविधान - हमारा अभिमान’  विषय पर प्रेरक नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया, जिसमें नागरिक अधिकारों-कर्तव्यों, सामाजिक न्याय, समानता, लोकतंत्र और उत्तरदायित्व जैसे मूल संवैधानिक मूल्यों को प्रभावशाली तरीके से अभिव्यक्त किया गया।

संविधान दिवस पर ‘हमारा संविधान-हमारा अभिमान’  विषय पर रंगोली प्रतियोगिता, क्विज एवं प्रश्न मंच का भी आयोजन किया गया। रंगोली में छात्रों ने संवैधानिक प्रतीकों और मूल्यों को सृजनात्मक रूप से प्रस्तुत किया। क्विज तथा प्रश्न मंच ने विद्यार्थियों के ज्ञान, तर्कशक्ति और प्रतिस्पर्धात्मक भावना को सुदृढ़ किया। सभी प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के विभिन्न सहायक प्राध्यापकों ने सारगर्भित उद्बोधन प्रस्तुत किए। राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. रश्मि मौर्य ने संविधान के महत्व, मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों के संतुलन तथा नागरिक सहभागिता की अनिवार्यता पर प्रकाश डाला। एनएसएस अधिकारी यू. आर. पटेल ने विद्यार्थियों को उत्तरदायी एवं संवेदनशील नागरिक बनने की प्रेरणा दी। प्रसन्न शर्मा ने संविधान-निर्माण की ऐतिहासिक प्रक्रिया और संविधान सभा की बहसों के महत्व को स्पष्ट किया। डी. पी. एस. पैकरा ने भारतीय संविधान की विशिष्टताओं एवं सामाजिक न्याय के मूल तत्वों पर विस्तृत चर्चा की।  एस. सी. नेताम ने संविधान में वर्णित अधिकारों और कर्तव्यों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में  हेमलता सिदार, प्रिया पाटले एवं शिवलाल धीहरें, डॉ. होबलाल साहू, माधुरी बरिहा, डॉ. कुमुद रंजन मिश्र, ईश्वरचंद वारेन एवं लेखराज मंडले की गरिमामयी उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही।

 

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एल. एस. पटेल ने संविधान दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए भारतीय संविधान को विश्व का सर्वोत्कृष्ट एवं समग्र संविधान बताया। उन्होंने कहा कि संविधान केवल अधिकारों का दस्तावेज नहीं, बल्कि कर्तव्यों और राष्ट्रीय उत्तरदायित्वों का मार्गदर्शक भी है। इसी अवसर पर उन्होंने महाविद्यालय में प्रत्येक शनिवार को प्राध्यापकों द्वारा नि:शुल्क कोचिंग कक्षाओं के शुभारंभ की घोषणा की, जिससे छात्रों को शैक्षणिक उन्नति और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी। कार्यक्रम का प्रभावी मंच संचालन अदिति तलवरे पटेल द्वारा किया गया, जिसकी सभी ने सराहना की।

कार्यक्रम से छात्रों को संविधान के प्रति जागरूकता, जिम्मेदारी और राष्ट्रीय चेतना की गहरी समझ विकसित हुई। नाटक, भूमिका-अभिनय और प्रतियोगिताओं ने उनके आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, संप्रेषण कौशल और रचनात्मकता को बढ़ाया। एनसीसी-एनएसएस की गतिविधियों ने अनुशासन, टीमवर्क और नागरिक उत्तरदायित्व को सुदृढ़ किया, जिससे उनके व्यक्तित्व में सकारात्मक और सार्थक विकास हुआ।


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