सारंगढ़-बिलाईगढ़

छत्तीसगढ़ी बोली पर आधारित स्कूल प्रोजेक्ट से विद्यार्थी हो रहे लाभान्वित-प्रियंका
22-Oct-2025 4:37 PM
छत्तीसगढ़ी बोली पर आधारित स्कूल प्रोजेक्ट से विद्यार्थी हो रहे लाभान्वित-प्रियंका

 शिक्षा को सरल और रुचिकर बनाने का अभिनव प्रयास, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप पहल

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

सारंगढ़, 22 अक्टूबर। शासकीय प्राथमिक शाला दहिदा में पदस्थ प्रधान पाठक एवं राज्यपाल पुरस्कृत शिक्षिका प्रियंका गोस्वामी द्वारा तैयार किया गया ‘छत्तीसगढ़ी बोली’ शीर्षक वाला स्कूल प्रोजेक्ट विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है। यह प्रोजेक्ट पिछले तीन वर्षों से संचालित है और इसका उद्देश्य स्थानीय बोली के माध्यम से शिक्षण को सरल, रोचक और प्रभावी बनाना है।

प्रियंका गोस्वामी ने बताया कि यह प्रोजेक्ट ‘शिक्षा सत्र 2023-24’ में औपचारिक रूप से आरंभ किया गया था। इस परियोजना का मुख्य लक्ष्य ग्रामीण अंचल के विद्यार्थियों में ‘अभिव्यक्ति क्षमता बढ़ाना’ और ‘सीखने की प्रक्रिया को सहज बनाना’ है। उनके अनुसार, छत्तीसगढ़ी बोली में पढ़ाने से बच्चे जल्दी समझते हैं और आत्मविश्वास के साथ अपनी बात कहने लगते हैं।

 

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप पहल

प्रियंका का कहना है कि यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप है, जिसमें मातृभाषा में प्रारंभिक शिक्षा पर बल दिया गया है। परियोजना आधारित शिक्षा से विद्यार्थियों में आलोचनात्मक सोच, सहयोग की भावना, व्यावहारिक कौशल और ज्ञान धारण करने की क्षमता में वृद्धि होती है।

सहयोग और प्रशंसा

प्रियंका गोस्वामी के इस प्रयास की सराहना जिला शिक्षा अधिकारी जे.आर. डहरिया ने की है। उन्होंने कहा कि शिक्षण में स्थानीय बोली का उपयोग न केवल विद्यार्थियों के सीखने की प्रक्रिया को सशक्त बनाता है, बल्कि सांस्कृतिक जुड़ाव भी मजबूत करता है।

इस अवसर पर शिक्षक अभिषेक पुरी गोस्वामी, संजय कुमार मिश्रा, अशोक कुमार खरे, असरिता टोप्पो और खेमराज पटेल ने प्रियंका गोस्वामी को बधाई और शुभकामनाएं दीं।


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