सारंगढ़-बिलाईगढ़
जपं अध्यक्ष ने कलेक्टर से की शिकायत
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
सारंगढ़, 16 अक्टूबर। नई ऋण पुस्तिका न बनने से धान बिक्री के लिए पंजीयन नहीं किया जा रहा है। यह शिकायत जपं अध्यक्ष ने कलेक्टर से की है।
जपं अध्यक्ष ममता राजीव सिंह ने शिकायत में बताया कि नवीन रजिस्ट्री ऑटो म्यूटेशन (स्वत: नामांतरण) नियमों के अनुसार पंजीयन पश्चात् प्रमाणीकरण ऑनलाईन साथ-साथ हो जा रही है । किन्तु राजस्व विभाग तहसीलदार, पटवारियों द्वारा नवीन ऋण पुस्तिका या किसानों के पुराने ऋण पुस्तिका में नवीन पंजीयन का प्रवृष्टिकरण नहीं की जा रही है। नवीन ऋण पुस्तिका हेतु तहसीलदार को आवेदन देने की उपरांत भी किसानों का ऋण पुस्तिका व रिकॉर्ड दुरूस्ती नहीं हो रहा है। किसानों एवं आम जनता को सुविधा नहीं मिल पा रही है। किसानों को अपने धान बिक्री हेतु ऋण पुस्तिका की आवश्यकता पड़ रही है। ऋण पुस्तिका के अभाव में सेवा सहकारी समितियों द्वारा किसानों का नवीन भूमि का पंजीयन नहीं किया जा रहा है। जिससे वे धान बेचने से वंचित हो जाएंगे।
अध्यक्ष ममता राजीव सिंह ने कलेक्टर से मांग की कि नवीन पंजीयन उपरांत राजस्व रिकॉर्ड में प्रविष्टि कर किसानों को नवीन ऋण पुस्तिका प्रदान की जाए एवं सेवा सहकारी समितियों में ऋण पुस्तिका के अभाव में धान विक्री हेतु हेतु पंजीयन हेतु निर्देशित करने की कृपा करेंगे।


