राजपथ - जनपथ
कुछ भीतर, कुछ बाहर
कोयला घोटाले में फंसे आरोपी फिर पेशी में हाजिर होने रायपुर आएंगे। घोटाले के आरोपी निलंबित आईएएस रानू साहू, समीर विश्नोई के अलावा सौम्या चौरसिया व कारोबारी रजनीकांत तिवारी को प्रदेश से बाहर रहने की शर्त पर सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली थी। ये सभी प्रदेश से बाहर निवासरत हैं, और 26 तारीख को रायपुर की विशेष अदालत में कोयला घोटाला प्रकरण पर सुनवाई है।
सुनवाई के बाद ये सभी आरोपी फिर प्रदेश से बाहर चले जाएंगे। हालांकि मुख्य आरोपी सूर्यकांत तिवारी अभी भी जेल में हैं। उनकी जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में 18 जुलाई को सुनवाई हो सकती है। दूसरी तरफ, शराब घोटाले के कुछ आरोपियों को भी सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। घोटाले के आरोपी ए.पी.त्रिपाठी जमानत पर रिहा हो गए हैं।
शराब कारोबारी पप्पू ढिल्लन सहित कई अन्य को भी जमानत मिल गई है। ये अलग बात है कि पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा जेल में है। पूर्व सीएम भूपेश बघेल के करीबी विजय भाटिया भी ईओडब्ल्यू-एसीबी की रिमांड पर हैं। एक और करीबी पप्पू बंसल से पूछताछ चल रही है, यानी घोटाले के पुराने आरोपियों को राहत मिली है, लेकिन कुछ नए लोग जेल जा रहे हैं।
रवि सिन्हा को एक्सटेंशन
छत्तीसगढ़ कैडर के आईपीएस रवि सिन्हा को केन्द्र सरकार छह माह का एक्सटेंशन देने जा रही है। आईपीएस के 88 बैच के अफसर रवि सिन्हा देश की खुफिया एजेंसी रॉ के मुखिया हैं। वे पिछले दो साल से इस पद पर हैं।
ऑपरेशन सिंदूर में रॉ की भूमिका को सराहा गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की कार्रवाई की तारीफ हुई है। रॉ विदेशों में खुफिया जानकारी जुटाने का काम करती है। ऐसे में इसका काफी कुछ क्रेडिट रवि सिन्हा को मिल रहा है। इस महीने रवि सिन्हा रिटायर होने वाले थे, लेकिन अब खबर यह है कि केन्द्र सरकार उन्हें छह माह का एक्सटेंशन देने जा रही है।
रवि सिन्हा कोतवाली सीएसपी रह चुके हैं। दुर्ग में भी एडिशनल एसपी के पद पर काम कर चुके हैं। यही नहीं, राज्य बनने के बाद कुछ समय के लिए वो पीएचक्यू में भी बतौर डीआईजी के पद पर पदस्थ थे। रवि सिन्हा के बैचमेट संजय पिल्ले, मुकेश गुप्ता, और आर.के.विज रिटायर होकर निजी काम कर रहे हैं, लेकिन रवि सिन्हा की बैटिंग अब भी जारी है।


