रायपुर

दुर्ग विवि कार एक्सीडेंट में एलआईबी भी कूदा, साइबर कैफे को गैरेज बताकर फर्जी बिल दिया
08-Jun-2026 8:15 PM
दुर्ग विवि कार एक्सीडेंट में एलआईबी भी कूदा, साइबर कैफे को गैरेज बताकर फर्जी बिल दिया

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 8 जून। दुर्ग विश्वविद्यालय की कार एक्सीडेंट और उसकी मरम्मत खर्च के मामला और पेचीदा होता जा रहा है। अब इस जांच में  पुलिस के लोकल इंटेलिजेंस ब्यूरो (एलआईबी) भी शामिल हो गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन की मांग पर एलआईबी ने भी अपनी जांच से अवगत कराया है।

इस मामले में सूत्रों ने खुलासा करते हुए बताया कि मरम्मत खर्च के 24 हजार रुपए जिस बिल से शुक्ला एंटरप्राइजेज एंड स्टार नेट को पेमेंट हुआ है। वह बिल भी संदेहास्पद है। इसे फर्जी भी कहा जा रहा है। ऐसा इसलिए कि बिल में जिस शुक्ला एंटरप्राइजेज एंड स्टार नेटका जो मोबाइल नंबर दिया है वो अस्तित्व में नहीं है।

इस नंबर पर काल करने से अंग्रेजी और तमिल भाषा में नंबर को अस्तित्वहीन बताया जा रहा है। इसमें दिए पते शॉप नंबर 4 हॉस्पिटल सेक्टर में इस नाम का कोई भी शॉप नहीं है। इस पते पर स्टार नेट के नाम से साइबर कैफे की दुकान है।

पूरे हॉस्पिटल सेक्टर में एक भी कार रिपेयरिंग की दुकान नहीं है। बिल में दिए जीएसटी  रजिस्ट्रेशन नंबर को वेबसाइट पर डालने से जो फर्म दिखा वो रेंटल कार सर्विस यानी (कार ट्रेवल्स) फर्म के लिए रजिस्टर्ड है।

इतना ही नहीं पुलिस को एक्सीडेंट की सूचना देने का दावा भी गलत है स्मृति नगर थाने में ऐसी कोई सूचना रिकॉर्ड में नहीं मिली है। ये बातें एलआईबी  के द्वारा किए जा रहे जांच में सामने आई है। बता दें कि जब कार मरम्मत के लिए नोटशीट कुलपति को भेजी गई थी तब मरम्मत का कारण एक्सीडेंट बताया गया था। इसके बाद ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने कहा था। ऐसा न कर निजी खर्च में मरम्मत करवा कर भुगतान विवि की परीक्षा निधि से ले लिया गया था। अब इस पूरे मामले की उच्च शिक्षा विभाग ने जांच बिठा दी है।


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