रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 8 जून। मानसून से पहले राजधानी रायपुर में सब्जियों में दाम बढ़ गए हैं। इसका कारण बदलते मौसम, भीषण गर्मी और इंधन की बढ़ती कीमतें है। इस कारण से अधिकांश सब्जियों के दाम अचानक बढ़ गए हैं। इसका सीधा असर आम लोगों की रसोई पर पड़ रहा है। गृहिणियों से लेकर होटल और ढाबा संचालकों तक सभी बढ़ती कीमतों से परेशान हैं।
शहर के प्रमुख शास्त्री बाजार, पंडरी, गोलबाजार और स्थानीय सब्जी मंडियों में इन दिनों सब्जियों की कीमतें सामान्य दिनों की तुलना में डबल हो गए हैं। रविवार को सबसे ज्यादा बढ़ोतरी टमाटर के दामों में देखा गया । सप्जाहभर पहले इसके दाम 20 से 40 रुपये प्रति किलो थे। जो अब 70 से 80 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। इसी तरह हरी मिर्च, भिंडी, लौकी, बैंगन, करेला और अन्य सब्जियों के दाम भी डबल हो गए।
सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि इस बार गर्मी अधिक पडऩे के कारण खेतों में सब्जियों का उत्पादन कम हुआ है। तेज धूप और बढ़ते तापमान की वजह से फसलें खराब हो रही हैं। जिससे बाजार में सब्जियों की उपलब्धता कम हो गई है। वहीं दिगर राज्यों से सब्जियों की आवक कम देखा जा रहा है। जो सब्जियां आ रही है वो या तो मंहगे है या आपूर्ति के बराबर नहीं। बाजार में जो भी सब्जियां आ रही है उनमें से अधिकांश स्थानीय उत्पादन से आ रहे। मांग अधिक होने की वजह से दाम बढ़ गए हैं।
शास्त्री बाजार के एक सब्जी व्यापारी ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से सब्जियों की सप्लाई में कमी आ रही है। कई राज्यों में भीषण गर्मी के कारण उत्पादन प्रभावित हुआ है। जिसके चलते मंडियों में पर्याप्त मात्रा में सब्जियां नहीं पहुंच पा रही हैं। कम आवक और बढ़ती मांग के कारण कीमतों में तेजी आई है।
व्यापारियों ने बताया कि सब्जियों के कीमत बढऩे का एक बड़ा कारण इंधन की कीमतों में बढ़ोतरी हैं। ट्रकों और अन्य परिवहन साधनों के माध्यम से दूर-दराज के क्षेत्रों से सब्जियां लाई जाती हैं। डीजल और परिवहन खर्च बढऩे से माल ढुलाई महंगी हो गई है,। जिसका असर सीधे खुदरा कीमतों पर पड़ रहा है।
गृहिणियों का कहना है कि रोजमर्रा के भोजन का खर्च अचानक बढ़ गया है। पहले जहां कम कीमत में सप्ताहभर की सब्जियां खरीदी जा सकती थीं, वहीं अब उसी मात्रा के लिए अधिक राशि खर्च करनी पड़ रही है। मध्यमवर्गीय और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर इसका सबसे अधिक प्रभाव पड़ रहा है।
गृहिणी ने बताया कि रसोई का मासिक बजट पूरी तरह बिगड़ गया है। टमाटर, हरी सब्जियां और अन्य आवश्यक सामग्री महंगी होने के कारण अब खरीदारी में कटौती करनी पड़ रही है। कई परिवार जरूरत के अनुसार ही सब्जियां खरीद रहे हैं ताकि खर्च नियंत्रित रखा जा सके।
बाजार भाव
प्रति किलो
टमाटर-70-80 रू.
गवारफल्ली- 100 रू.
गलका- 60
गोभी-50-70
करेला-60
परवल-60
भिंडी -60
लौकी-50
शिमला मिर्च-70-80
धनिया-40
मिर्च-60
अदरक-100-120


