रायपुर

22 किलो गांजा तस्करी में दो को 10-10 साल कारावास, एक-एक लाख का जुर्माना भी
08-Mar-2026 8:20 PM
22 किलो गांजा तस्करी में दो को 10-10 साल कारावास, एक-एक लाख का जुर्माना भी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 8 मार्च। गांजा की तस्करी के मामले में विशेष न्यायालय (एनडीपीएस एक्ट) पंकज कुमार सिन्हा ने दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए 10-10 साल कठोर कारावास और एक-एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। यह फैसला 7 मार्च 2026 को सुनाया।

जानकारी के मुताबिक 2 जून 2022 को गरियाबंद जिले के मैनपुर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि नेशनल हाईवे 130 सी पर स्थित मां अम्बे पेट्रोल पंप के पास दो संदिग्ध व्यक्ति बैग में गांजा रखे है। सूचना पर पुलिस ने मुखबिर के बताए स्थान पर पहुंची तो वहां दो युवक काले और नीले रंग के थैले के साथ खड़े मिले। पूछताछ में उन्होंने अपना नाम त्रिनाथ मेहर और इंद्रभूषण मेहर निवासी जिला कालाहांडी (ओडिशा) का बताया। दोनों की तलाशी लेने पर  त्रिनाथ मेहर के कब्जे से 11.300 किलो गांजा बरामद हुआ। वहीं इंद्रभूषण मेहर के पास से 11 किलो 100 ग्राम गांजा मिला। दोनों के कब्जे से कुल 22 किलो 400 ग्राम गांजा जब्त किया गया। दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 बी 2 ब का अपराध दर्ज कर  गिरफ्तार किया गया।

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अपने पक्ष में कई गवाहों के बयान न्यायालय में दर्ज कराए। वहीं बचाव पक्ष की ओर से यह तर्क दिया गया कि आरोपियों को झूठा फंसाया गया है। अभियोजन पक्ष के प्रस्तुत साक्ष्यों को सही मानते हुए अदालत ने त्रिनाथ मेहर और इंद्रभूषण मेहर को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास और एक-एक लाख रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।

नशीली दवा के साथ पकड़े गए आरोपी को 10 साल की जेल, लाख रूपए का जुर्माना

रायपुर, 8 मार्च।  राजधानी के टिकरापारा इलाके में नशीली दवाओं की तस्करी के मामले में विशेष न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। यह फैसला विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस) पंकज कुमार सिन्हा की अदालत ने 2 मार्च 2026 को सुनाया।

सरकारी वकील केके चंद्राकर ने बताया कि 23 दिसंबर 2023 को  टिकरापारा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बोरियाखुर्द स्थित शमशान घाट के पास एक व्यक्ति प्रतिबंधित नशीली दवाइयां रखा है उसे बेचने की फिराक में ग्राहक तलाश कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने बोरियाखुर्द शमशान घाट के पास से संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा। पूछताछ में उसने अपना नाम शेख अजहर उर्फ विक्की निवासी रायपुर बताया। उसकी तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक पीले रंग के बैग में नशीली दवा बरामद किया गया। जिसमें स्श्चड्डह्य-ञ्जह्म्ड्डठ्ठष्ड्डठ्ठ क्कद्यह्वह्य दवा की 40 स्ट्रिप मिलीं। प्रत्येक में 8-8 टैबलेट थे। इस प्रकार उसके कब्जे से 320 टैबलेट जिसका वजन 163.200 ग्राम पाया गया। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 22 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी को 21 फरवरी 2024 को न्यायालय में पेश किया।

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अपने  कुल 15 गवाहों के बयान न्यायालय में दर्ज कराए। वहीं बचाव पक्ष की ओर से अपने समर्थन में कोई गवाह पेश नहीं किया गया। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने पाया कि आरोपी के कब्जे से प्रतिबंधित दवा की बरामदगी सही है। साक्ष्यों और गवाहों को देखते हुए विशेष न्यायालय ने आरोपी शेख अजहर उर्फ विक्की को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।


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