रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 2 मई। रेप के मामले में जिला अदालत ने कृषि विस्तार अधिकारी गुंडरदेही (बालोद) निवासी देवनारायण साहू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। विशेष न्यायधीश पंकज कुमार सिन्हा ने यह फैसला दिया है। इस अधिकारी ने पढ़ाई के दौरान युवती से संबंध बनाए थे। यह कहकर की अधिकारी बनने के बाद शादी कर लेंगे। लेकिन उसके बाद से वह शादी से मुकर रहा था। इस पर युवती ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने फरवरी 26 में इस मामले का चालान पेश किया था।
अभियोजन पक्ष के वकील उमाशंकर वर्मा ने बताया कि आरोपी और पीडि़़ता की पहचान कॉलेज के दौरान हुई थी। आरोपी ने पीडि़ता को शादी का भरोसा दिलाकर रिलेशनशिप में लाया। इसके बाद फरवरी 2021 से नवंबर 2025 के बीच रायपुर और अन्य स्थानों पर ले जाकर उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया।
पीडि़ता ने शिकायत में बताया कि आरोपी ने शादी का झांसा दिया, लेकिन बाद में जाति आधार पर शादी से इनकार कर दिया और उसे मानसिक रूप से प्रताडि़त किया।
मामले में माना कैंप में 7 जनवरी 2026 को अपराध दर्ज किया गया। सुनवाई के दौरान पीडि़ता, उसकी मां और भाई के बयानों कराए गए।
अदालत ने आरोपी को धारा 64(2)(एम) 10 वर्ष कठोर कारावास + 2,000 जुर्माना, धारा 69 10 वर्ष कठोर कारावास, जुर्माना एसीएसटी(अत्याचार निवारण) अधिनियम,की धारा 3(2)(1) के तहत आजीवन कारावास की सजा दी।


