रायपुर
रायपुर, 1 फरवरी। पेंशनर्स एसोसिएशन के संरक्षक कर्मचारी नेता विजय कुमार झा एवं महामंत्री उमेश मुदलियार ने आज प्रस्तुत केंद्रीय बजट को देश के मेहनतकश मजदूरों एवं शासकीय कर्मचारियों के लिए निराशाजनक है। क्योंकि प्रधानमंत्री की नीति वन नेशन, वन इलेक्शन की भांति देश में वन पेंशन लागू किए जाने की बजट में अपेक्षा थीं। देश में तीन प्रकार के पेंशन दिए जा रहे हैं। चुनाव पूर्व ?500/- में गैस सिलेंडर देने कि मोदी की गारंटी भी इस बजट में पूरी नहीं हुई। डीजल पेट्रोल की दरों में वृद्धि से महंगाई, बेरोजगारी बढ़ती जा रही है। नि:संदेह केंद्रीय वित्त मंत्री आज बेरोजगारी दूर करने की दिशा में कोई पहल करेंगे ऐसी अपेक्षा थीं, इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं किया गया। धान खरीदी अप्रत्यक्ष रूप से केंद्र सरकार द्वारा की जाती है। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के मामले में हाहाकार मचा है। विरोध प्रदर्शन आत्महत्या की स्थिति है। छत्तीसगढ़ के युवा शक्ति दूसरे राज्यों व विदेश में नौकरी करने जा रहे हैं। बड़े उद्योग कंपनियां छत्तीसगढ़ में स्थापित करने की कोई योजना नहीं है। छत्तीसगढ़ के मामले में कंपनी स्थापित करने, रेल सुविधाओं पर विशेष ध्यान देते हुए सडक़ों के गढ्ढों को पाटने के लिए भी केंद्रीय बजट में कोई प्रावधान नहीं किया गया गया।
भविष्य में पेंशनरों के लिए निर्णय लेगी सरकार-नामदेव
भारतीय पेंशनर महासंघ के अध्यक्ष विरेन्द्र नामदेव ने कहा कि बजट में वरिष्ठ नागरिकों और पेंशनरों को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा किए गए प्रयास स्वागतयोग्य हैं।
आयकर से जुड़ी राहतों और सामाजिक सुरक्षा के प्रति सकारात्मक संकेत यह दर्शाते हैं कि सरकार वरिष्ठ नागरिकों की आवश्यकताओं को लेकर संवेदनशील है। यह बजट आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ते हुए पेंशनर वर्ग को सम्मानपूर्ण जीवन देने की भावना को मजबूत करता है। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ को विश्वास है कि भविष्य में इसी सत्र में पेंशनरों से जुड़े अन्य लंबित विषयों पर भी सरकार सकारात्मक निर्णय लेगी।


