रायपुर

उशिवि प्रोफेसरों को पदोन्नत करना चाहता है लेकिन प्राचार्य नहीं
26-Aug-2023 3:23 PM
उशिवि प्रोफेसरों को पदोन्नत करना चाहता है लेकिन प्राचार्य नहीं

25 दिनों में भी नहीं भेजी जानकारी, अब हाथोंहाथ मंगवा रहा 

छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 26 अगस्त।
उच्च शिक्षा विभाग प्रदेश के सरकारी कॉलेजों के प्रोफेसरों को प्राचार्य पदोन्नति देना चाह रहा है लेकिन वर्तमान पदस्थ प्राचार्य इनकी  सेवा संबंधी जानकारी को रोक कर रखे हुए है। यह प्रक्रिया तीन महीने से कछुआ चाल पर है। 

मिली जानकारी के अनुसार अपर संचालक उच्च शिक्षा ने एक अगस्त को प्रदेश के सभी प्राचार्यों को पत्र लिखकर प्राध्यापकों की सेवा को लेकर जानकारी मांगी थी। इसमें  चल-अचल संपत्ति,डीई, सन्निष्ठा प्रमाण पत्र  और न्यायालयीन प्रकरणों का विवरण देना था। जो 25 अगस्त तक प्राचार्यों ने नहीं भेजा है। इस पर संचालनालय ने कल फिर सभी प्राचार्यों को पत्र लिखकर विशेष वाहक से हाथोंहाथ तत्काल भेजने कहा है ताकि पदोन्नति का प्रस्ताव शासन को भेजा जा सके।  सूत्रों ने बताया कि प्रदेश भर के 53 प्राध्यापकों को प्राचार्य स्नातक महाविद्यालय, संयुक्त संचालक उशि और राज्य संपर्क अधिकारी एनएसएस पदोन्नत किया जाना है। ये सभी वे हैं जिन्होंने 30-7-08 तक पीएचडी कर ली थी। इन सभी की पदोन्नति के बाद निचले क्रम के सहायक प्राध्यापकों को प्राध्यापक पदोन्नत किया जाएगा। लेकिन वह भी लंबित बनी हुई है। इन सभी ने , पदोन्नत प्राध्यापकों से कुछ देर से पीएचडी की थी। ये सहायक प्राध्यापक 1985 से अबतक एक ही पद पर कार्यरत है । इतना ही नहीं इनके पढ़ाएं सैकड़ों  छात्र-छात्राएं भी कॉलेज में सहायक प्राध्यापक नियुक्त हो चुके हैं । इनका का कहना है कि एमपी में 85 के बाद के सभी सहायक प्राध्यापक  को प्रोफेसर बना दिया गया है। पदोन्नति न होने से कॉलेजों की नैक  और एआईआरएफ रैंकिंग भी प्रभावित हो रही है । वहीं इनकी उम्र भी पार कर गई है। आने वाले दिनों में प्रमोशन के लिए प्रतियोगी परीक्षा लेने की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सूत्रों का कहना है कि सहायक प्राध्यापकों के  संगठन इसकी अनदेखी कर रहे हैं।
 


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