रायपुर
छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 26 अगस्त। चुनाव नजदीक आते ही प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। बताया गया कि भाजपा ने चुनाव आयोग से मिलकर पूरे प्रदेश को अति संवेदनशील मानकर चुनाव कराने की वकालत की है। पार्टी ने अफसरों की डीजीपी को हटाने की मांग की है। साथ ही संदिग्ध अफसरों को चुनाव कार्य से पृथक रखने पर जोर दिया है। इस सिलसिले में आयोग को प्रमाण के तौर पर कई दस्तावेज भी सौंपे गए हैं।
पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, और सांसद सुनील सोनी के अलावा प्रदेश कार्यालय मंत्री नरेशचंद्र गुप्ता ने गुरूवार को चुनाव आयोग से मुलाकात थी। सीईसी राजीव कुमार के समक्ष भाजपा नेताओं ने अपनी बातें रखी। बताया गया कि पार्टी नेताओं ने सिलसिलेवार अपनी बातें रखी है। पार्टी की तरफ से नरेशचंद्र गुप्ता ने कई दस्तावेज दिए हैं। यह कहा कि प्रदेश में माहौल शांतिपूर्ण नहीं रह गया है। पूरे प्रदेश को अति संवदेनशील मानकर चुनाव कराना चाहिए।
उन्होंने बताया कि कई अफसर पॉलिटिकल एजेंट की तरह काम कर रहे हैं। प्रमाण स्वरूप दस्तावेज भी सौंपे गए। जिसमें यह बताया गया कि आईजी स्तर के अफसर नगरीय निकाय चुनाव के दौरान सत्तारूढ़ दल के प्रत्याशी के लिए किस तरह काम कर रहे थे। यही नहीं, डीजीपी को हटाने की भी मांग की गई। यह बताया गया कि डीजीपी को सरकार ने रिटायरमेंट के बाद भी बनाए रखा है। इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व में दिए गए एक आदेश की गलत व्याख्या की गई है। डीएमएफ, आबकारी, और खनिज विभाग के ईडी-आईटी के घेरे में आए अफसरों का भी ब्यौरा दिया गया है। डीएमएफ के चेयरमैन कलेक्टर होते हैं। यहां से चुनाव कार्य के लिए फंडिग भी हो सकती है। इस पर नजर रखने का आग्रह किया गया है।.


