रायगढ़
रायगढ़, 5 अगस्त। सावन के अंतिम सोमवार को जिलेभर के शिवालयों में श्रद्धा और आस्था की बाढ़ है। कोसमनारा स्थित सत्यनारायण बाबा धाम में लाखों की भीड़ उमड़ी हुई है। श्रद्धालु दूर-दराज के गांवों से लेकर दूसरे राज्यों से भी दर्शन के लिए पहुंचे हैं। लेकिन इस भीड़ प्रबंधन की जिम्मेदारी जिनके कंधों पर है, वे या तो आंखें मूंदे बैठे हैं या हादसे का इंतजार कर रहे हैं।
हर साल सावन में लगने वाली इस भीड़ के बावजूद, प्रशासन ने कोई ठोस व्यवस्था नहीं की। सबसे शर्मनाक और चिंताजनक स्थिति यह है कि कोसमनारा जाने वापस सवारी को मालवाहक वाहनों में जानवरों की तरह ठूंस-ठूंस कर लाया जा रहा है। पिकअप, छोटा हाथी और ट्रैक्टर जैसे माल ढोने वाले वाहनों में क्षमता से कई गुना अधिक सवारियां भरी जा रही हैं। जिन वाहनों को माल उठाने के लिए बनाया गया, उन्हीं में इंसानों की जिंदगी से खिलवाड़ हो रहा है। यह पहली बार नहीं है जब इस तरह की लापरवाही सामने आई हो। हर साल ऐसी तस्वीरें सामने आती हैं, कई बार हादसे भी हो चुके हैं।
लेकिन प्रशासन की चेतावनियां कागजों तक ही सिमटकर रह जाती हैं। ना कोई ठोस कार्यवाही, ना कोई जवाबदेही!


