रायगढ़
वन विभाग ने जारी किया अलर्ट
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायगढ़ , 3 अगस्त। जिले में बढ़ते जंगली हाथियों के बाद अब यहां के जंगलों में शेर की धमक होने की बात सामने आई है और इसको लेकर धरमजयगढ़ वन मंडल द्वारा गांव वालों को अलर्ट करते हुए जिस जगह शेर आने की सूचना मिली है आसपास के जंगलों में बकायदा सर्चित की जा रही है। शेर आने की आहट छाल के जंगलों से मिली है जहां के ग्रामीणों ने बड़े पांव के निशान मिलने के बाद वन विभाग को सूचना दी थी। छाल के जंगलों में शेर की धमक के बाद एक दर्जन से भी अधिक गांव में मुनादी के जरिये गांव वालों को अलर्ट करते हुए कहा जा रहा है कि जंगलों की तरफ जाने से बचें चूंकि हाथियों के बाद अब यहां शेर आने की जानकारी मिली है।
वन विभाग ने कर दी पुष्टि
सप्ताह भर पहले छाल से लगे गांव हाटी से लगे साम्हरसिंघा में शेर के पदचिन्हों की जानकारी मिली और यहां शेर के पदचिन्ह के अलावा जंगली सुअर के भी पांव के निशान मिले थे। ग्रामीणों ने जब पास के वन विभाग कर्मियों को इसकी सूचना दी तब जांच करते हुए उन्होंने इस बात की पुष्टि की जो पंजे के निशान मिले हैं वो शेर के ही हैं और इसकी पुष्टि होने के बाद छाल रेंज के वन कर्मियों ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दी।
हाथी के बाद अब शेर से दहशत
रायगढ़ जिले के रायगढ़ वन मंडल एवं धरमजयगढ़ वन मंडल में पहले से ही कई दर्जन गांव में जंगली हाथियों की बढ़ती संख्या से उनके आतंक के कारण गांव के लोग दहशत में हैं और अब शेर की धमक होने से यह दहशत और बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि हाथियों के चलते गांव के लोग पहले रतरगा करते थे और अब शेर के आने से वे वन विभाग से सहयोग की उम्मीद करते हुए सुरक्षा के उपाय तलाश रहे हैं। इतना ही नही शेर के दहशत के चलते गांव के ग्रामीण अपने मवेशियों जंगल भेजने से भी कतरा रहे हैं और सडक़ किनारे चराते नजर आ रहे हैं।
क्या कहते हैं डीएफओ
रायगढ़ जिले के जंगलों में शेर की आमद के बाद वन विभाग अलर्ट मोड में है इस संबंध में धरमजयगढ़ वन मंडल के डीएफओ जितेन्द्र कुमार उपाध्याय का कहना है कि शेर के मूवमेंट पर लगातार निगरानी रखने के लिये 6 अलग-अलग टीमें बनाई गई है। हाल ही में इसकी पहली जानकारी छाल के जंगलों में मिले पदचिन्हों से हुई थी और अब लैलूंगा के जंगलों में भी इसके पैरों के निशान मिले हैं जिसके कारण आसपास के गांव में मुनादी के जरिये गांव वालों को अलर्ट किया है।
उन्होंने इस बात को माना कि जिले में लैलूंगा व छाल घने जंगल बचे हुए हैं जिसके कारण शेर की आने की खबर सुखद है। जिन टीमों को इसके मूवमेंट पर नजर रखने को कहा है उन्हें इसकी सुरक्षा के लिये भी कहा गया है, चूंकि जंगलों में शेर के घूमने के कारण गांव में मवेशियों के शिकार की संभावना ज्यादा है। साथ ही साथ धरमजयगढ़ वन मंडल में बहुतायात मात्रा में हाथी अलग-अलग झुंड में विचरण कर रहे हैं इसलिये शेर के मूवमेंट पर नजर रखना जरूरी हो गया है।


