रायगढ़
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायगढ़, 28 अक्टूबर। रायगढ़ जिले में हाथी का पता पूछना एक ग्रामीण युवक को उस वक्त महंगा पड़ गया जब शराब के नशे में धुत्त तीन युवकों ने मिलकर उसकी और उसके बड़साल की जमकर पिटाई कर दी। पीडि़त की शिकायत के बाद पुलिस ने इस मामले में अपराध दर्ज कर मामले को जांच में ले लिया है। उक्त मामला धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र का है।
जानकारी के अनुसार धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम जमरगी डी निवासी शोभन राठिया ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि कल वह चांदीडांड में स्थित अपने खेत में पानी मोटर लगाने जा रहा था। इस दौरान शाम करीब 4 बजे वह सगौन बाडी के पास सडक़ किनारे प्रेमनगर का रहने वाला सोनू यादव अपने दो अन्य साथियों के साथ बैठकर शराब पी रहा था।
पीडि़त ने बताया कि जब वह उनसे पूछा कि क्यों इस तरफ हाथी तो नहीं तो नहीं तब सोने यादव बोला कि बताते हैं। इसके बाद वह अपने खेत की तरफ चला गया था और वहां पानी चलाने के बाद मोटर को लेकर वापस अपने घर लौट रहा था। इसी बीच शाम करीब 5 बजे सोनू यादव अपने दो अन्य साथियों के साथ उसके पास पहुंचा और कहा कि क्या हम लोग वन विभाग के दिखते है जो तुझे हाथी किस जंगल में है बता देंगे कहते हुए तीनों ने अश्लील गाली गलौज करते हुए हाथ मुक्को सें जमकर पिटाई शुरू कर दी।
पीडि़त ने बताया कि इसी बीच उसका साला जागेश्वर राठिया भी मौके पर पहुंच गया और वह बीच बचाव करने लगा तब तीनों ने मिलकर गाली गलौज करते हुए जान की मारने की बात कहते हुए पास रखे डंडे से ताबड़तोड उस पर भी हमला कर दिया। जिससे जागेश्वर के सिर में चोट लगने की वजह से वह खून से लथपथ हो गया। जिसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गए।
पीडि़त ने बताया कि इस घटना के बाद उसने गांव के लोगों को इस घटना से अवगत कराया जिसके बाद दोनों घायलों को उपचार हेतु धरमजयढ़ सिविल अस्पताल में ले जाकर भर्ती कराया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे घर भेज दिया गया वहीं जागेश्वर राठिया का उपचार जारी है। बहरहाल पीडि़त ग्रामीण युवक शोभन राठिया आज धरमजयगढ़ थाना पहुंचकर उसके साथ व उसके बडसाला के साथ मारपीट के मामले में रिपोर्ट लिखाई है, जिस पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 115, (2), 296, 3(5), 351(2) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर मामले को जांच में ले लिया है।
धरमजयगढ़ क्षेत्र का अधिकांश इलाका हाथी प्रभावित क्षेत्र में आता है, जहां हाथी मित्र दल के सदस्यों द्वारा गांव के ग्रामीणों को हाथियों के पल-पल मूवमेंट की जानकारी देकर सावधानी पूर्वक आवागमन करने की जानकारी दी जाती है ताकि क्षेत्र में हाथी के हमले से किसी प्रकार की जनहानि की घटना घटित न हो।


