महासमुन्द
महासमुंद,27जनवरी। महासमुंद के बीएमओ डॉ. विकास चंद्राकर को नौकरी लगवाने का लालच देकर एक युवक से 20 लाख रुपए ठगी मामले में दुर्ग पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
प्रार्थी का आरोप है कि पैसे वापस मांगने पर फर्जी चेक थमाकर उन्हें दो साल तक गुमराह करता रहा। इस वक्त आरोपी डॉ. विकास चन्द्राकर महासमुंद के तुमगांव में बीएमओ के पद पर पदस्थ हैं और महासमुंद त्रमूर्ति कालोनी निवासी है। आरोप है कि साल 2023 विकास चंद्राकर ने प्रार्थी युवक सचिन को भरोसा दिलाया कि अपनी ऊंची पहुंच है और वो किसी को भी सरकारी चिकित्सक की नौकरी लगवा देंगे। डॉ. चंद्राकर की बातों में आकर प्रार्थी सचिन ने 20 लाख रुपए डॉ. चंद्राकर को दिए। रुपए दिए दो साल बीत गए, न नियुक्ति पत्र आया और न ही डॉक्टर का फ ोन आय।
जब प्रार्थी सचिन ने पैसे वापसी का दबाव बनाया तो बाद में आरोपी ने नौकरी नहीं लगने का कहकर प्रार्थी और उसकी पत्नी के बैंक खातों में अलग-अलग किश्तों में 8 लाख रुपए वापस किए। लेकिन बाकी के 13 लाख रुपए डकार गए। आरोपी बीएमओ ने बाकी पैसे चुकाने के लिए 5 लाख और 8 लाख के दो चेक तो दिए लेकिन बैंक खाते में जानबूझकर पे.ऑप्शन एक्टिवेट ही नहीं किया। नतीजा यह हुआ कि चेक बाउंस हो गए और सचिन को समझ आ गया कि उनके साथ प्रोफेशनल धोखाधड़ी हुई है।
पुलिस में शिकायत की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी की पतासाजी कर उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने डॉक्टर की सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर प्रार्थी से 20 लाख रुपए लिए थे। दुर्ग पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि डॉ. चंद्राकर ने और कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया है।


