महासमुन्द
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
पिथौरा, 27 जनवरी। पिथौरा वन परिक्षेत्र के अंतर्गत ग्राम जम्हर से लगे सांगोन जंगल के कक्ष क्रमांक 242 में 60 से अधिक सागौन पेड़ों की कटाई का मामला सामने आया है। ग्रामीणों द्वारा वन विभाग को दी गई जानकारी के अनुसार इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में सागौन के पेड़ काटे जाने की आशंका जताई गई है।
वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 13 जनवरी को सूचना के आधार पर ग्राम जम्हर निवासी सीताराम चौधरी के घर पर छापेमारी की गई, जहां से सागौन लकड़ी के ल_े और चिरान जब्त किए गए। जब्त लकड़ी का अनुमानित मूल्य लगभग 1 लाख 32 हजार रुपये बताया गया है। पूछताछ में संबंधित व्यक्ति द्वारा लकड़ी के उपयोग को लेकर अपना पक्ष रखा गया है। मामले में वन विभाग द्वारा प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की गई। बाद में उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आने पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय की प्रक्रिया के दौरान विभागीय कार्रवाई को लेकर भी टिप्पणी की गई है।
जांच में वन विभाग की भूमिका की भी समीक्षा
कक्ष क्रमांक 242 के संबंध में ग्रामीणों और स्थानीय सूत्रों द्वारा यह सवाल उठाया गया है कि बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई कैसे हुई। इस संबंध में वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और सभी पहलुओं की समीक्षा की जा रही है।
वन मंडलाधिकारी महासमुंद मयंक पांडेय ने मौके का निरीक्षण किया। विभाग के अनुसार निरीक्षण के बाद संबंधित अमले की भूमिका की जांच की जा रही है। इस प्रकरण में एक वन रक्षक को निलंबित किया गया है, जबकि अन्य स्तरों पर जांच जारी है।
सर्च और बरामदगी की कार्रवाई जारी
वन विभाग ने बताया कि ग्राम जम्हर और आसपास के गांवों में सर्च कार्रवाई की जा रही है। कुछ स्थानों से लकड़ी जब्त किए जाने की जानकारी दी गई है। कक्ष क्रमांक 242 से संबंधित कटे सागौन ल_ों की बरामदगी को लेकर जांच जारी है।
विभाग का पक्ष
डीएफओ महासमुंद ने मीडिया को दिए बयान में कहा कि कक्ष क्रमांक 242 में सागौन कटाई की सूचना पर गंभीरता से जांच की जा रही है। विभागीय टीम द्वारा लगातार छापेमारी की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


