महासमुन्द

नई चौपाटी की दुकानों की नीलामी स्थगित, अब 29 को
11-Jan-2026 3:37 PM
नई चौपाटी की दुकानों की  नीलामी स्थगित, अब 29 को

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

महासमुंद, 11 जनवरी। कलेक्ट्रेट मार्ग पर विकसित की गई नई चौपाटी की दुकानों की नीलामी प्रक्रिया एक बार फिर चर्चा में है। नगर पालिका प्रशासन ने 9 जनवरी को होने वाली नीलामी को अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दिया है। अब यह प्रक्रिया 29 जनवरी को आयोजित की जाएगी। नीलामी टलने का मुख्य कारण आवेदकों की बेहद कम संख्या और तकनीकी नियमों का पूरा न होना बताया जा रहा है।

 नगर पालिका के नियमों के अनुसार, नीलामी की प्रक्रिया में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के लिए कम से कम 35 आवेदनों का होना अनिवार्य है। इसके विपरीत, प्रशासन को निर्धारित समय सीमा तक मात्र 11 आवेदन ही प्राप्त हुए। ऐसी स्थिति में नीलामी आयोजित करना नियमों के विरुद्ध होता और इससे पालिका को मिलने वाले राजस्व पर भी विपरीत असर पड़ता।

नगर पालिका द्वारा जारी नई अधिसूचना के अनुसार, अब इच्छुक व्यवसायी 27 जनवरी तक अपनी सुरक्षा राशि जमा कर नीलामी प्रक्रिया का हिस्सा बन सकते हैं। इसके पश्चात 29 जनवरी को दुकानों के आवंटन की बोली लगाई जाए?गी।

बाजार में चर्चा है कि आवेदन कम आने का कारण केवल विज्ञापन की कमी नहीं, बल्कि व्यापारियों के मन में बैठा डर है। नीलामी में भाग लेने के इच्छुक व्यापारियों का तर्क है कि घे लाखों रुपए की बड़ी राशि निवेश कर पक्की दुकानें खरीदेंगे, लेकिन यदि चौपाटी के मुख्य द्वार और सामने वाले मार्ग पर पूर्व से चल रहे ठेले और खोमचे नहीं हटाए गए, तो पक्की दुकानों का अस्तित्व खतरे में पढ़ जाएगा।

 इस संबंध में नगर पालिका उपाध्यक्ष देवीचंद राठी ने बताया कि नीलामी के बाद यहां से 200 मीटर दूर तक दुकानों को नहीं लगने दिया जाएगा। वर्तमान में एसआईआर चल रहा है। सीएमओ इसके प्राधिकृत अधिकारी हैं। फलस्वरूप सीएमओ व्यस्त होने की वजह से नीलामी आगे बढ़ाई गई। श्री राठी ने यह भी कहा कि आवेदन और राशि बोली शुरू होने के 1 घंटे पूर्व तक लिया जाना चाहिए।

गौरतलब है कि नगरपालिका ने व्यवस्था को सुचारू बनाने और फूड वेंडर्स को व्यवस्थित करने के लिए बीटीआई मार्ग पर चौपाटी विकसित की थी।

शुरुआत में यहाँ कुछ गिने-चुने स्टाल लगे भी, लेकिन, ग्राहकों की कमी और लगातार घटती आमदनी ने वेंडर्स की कमर तोड़ दी। दुकानदारों का कहना है कि चौपाटी के अंदर लोग कम पहुँच रहे थे, जिससे लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा था। बीते पखवाड़े भर से स्थिति और भी बदतर हो गई है।

अशोक सलामे सीएमओ, नगर पालिका महासमुंद का कहना है- हमने वेडर्स की सुविधा के लिए ही चौपाटी बनाई थी। यदि में स्वेच्छा से वहां शिफ्ट नहीं होते हैं, तो आने वाले दिनों में सडक़ किनारे अवैध रूप से ठेला लगाने वालों पर जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। आगामी 29 जनवरी को चौपाटी स्थित दुकानों की नीलामी रखी गई है।

 


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