महासमुन्द
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद, 18 फरवरी। महासमुंद जिले में कोरोना संक्रमण काल में भी जमीन की बंपर खरीदी.बिक्री हुई है। इससे शासन को पिछले साल की अपेक्षा इस साल दस महीने में 36 प्रतिशत का अतिरिक्त राजस्व मिला है। इन 10 महीने में शासन को 30 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है। वहीं रजिस्ट्री से मिलने वाला राजस्व जनवरी तक मिले लक्ष्य से 14 प्रतिशत आगे है, जो साल 2021.22 के लक्ष्य को पूरा करने के लिए 6 करोड़ 10 लाख रुपए दूर है। ज्ञात हो कि इस वर्ष जमीन की रजिस्ट्री से प्राप्त होने वाले राजस्व के लिए इस साल 36 करोड़ 10 लाख का लक्ष्य मिला है। लक्ष्य के अनुसार 30 करोड़ का राजस्व प्राप्त हो चुका है।
इस संंबंध में जिला पंजीयक अधिकारी पंकज मंडावी का कहना है कि पिछले साल की अपेक्षा इस साल पंजीयन की संख्या अधिक है। सरकार ने छोटे भूखंडों की रजिस्ट्री पर लगे बैन हटाने के बाद एका.एक पंजीयन की रफ्तार बढ़़ गई थी। अब पंजीयन की रफ्तार नहीं रुकेगी। पिछले साल से 36 प्रतिशत आगे हैं। अभी भी दो महीना शेष है। साल के अंत में अधिक रजिस्ट्री होती है। इस साल भी आंकड़ा लक्ष्य से अधिक होगा।
मालूम हो कि साल का लक्ष्य पूरा करने के लिए अब एक महीना 12 दिन शेष रह गया है। 31 मार्च तक 6 करोड़ 10 लाख रुपए का लक्ष्य पूरा करना है। इस साल 36 करोड़ 10 लाख का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। पिछले साथ मिले लक्ष्य से 10 प्रतिशत अधिक का राजस्व मिला था। इस साल भी लक्ष्य से अधिक का राजस्व मिलने की संभावना है।
जिला पंजीयक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार इस साल जनवरी माह तक 30 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है, जो पिछले साल से 36 प्रतिशत अधिक है। पिछले साल 6 हजार दस्तावेजों से शासन को जनवरी माह तक 22 करोड़ 8 लाख 11 हजार रुपए का राजस्व मिला था। इस साल आठ हजार पंजीयन व अन्य दस्तावेजों से 30 करोड़ रुपए प्राप्त हुए हंै,जो पिछले साल की अपेछा 14 प्रतिशत अधिक है।
गौरतलब है कि जिले में एक पंजीयक व तीन उप पंजीयक दफ्तर है। जिला मुख्यालय महासमुंद में पंजीयक कार्यालय सहित सरायपाली, बसना व पिथौरा में उप पंजीयक कार्यालय है, जहां खरीदी गई जमीन की रजिस्ट्री होती है। इस साल महासमुंद में सबसे ज्यादा रजिस्ट्री हुई है। इससे शाासन को 16 करोड़ 94 लाख 30 हजार रुपए का राजस्व मिला है। इसके बाद दूसरे नंबर पर सरायपाली है, जहां से शासन को 3 करोड़ 22 लाख 16 हजार 23 रुपए प्राप्त हुआ है।


