महासमुन्द
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद,16जून। महासमुंद जिला अस्पताल के भीतर प्रसूति (डिलीवरी) वार्ड से खबर आई है कि कैंटीन स्टाफ ने नवजात के पिता के मारपीट हुई है। मारपीट के वक्त पिता की गोद में नवजात बच्ची थी, जिसे किसी तरह परिजनों ने बचाया, लेकिन पिता की कंधों पर जख्म आई है। जख्मी पिता की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जांच जारी है।
यह घटना सोमवार 15 जून की शाम करीब 4 से 5 बजे के बीच की है। आरंग के इंदिरा चौक निवासी पीडि़त दुलेश्वर सेन (23 वर्ष) ने महासमुंद थाने में अपनी आपबीती दर्ज कराई है। दुलेश्वर ने बताया कि उसने अपनी गर्भवती पत्नी को 13 जून को जिला अस्पताल महासमुंद में भर्ती कराया था। पत्नी ने एक बेटी को जन्म दिया। दुलेश्वर 15 जून को अस्पताल पहुंचा और प्रसूति वार्ड में अपनी बेटी को गोद में लेकर बैठ गया। सफ र और अस्पताल की थकान के कारण वार्ड में बैठे-बैठे ही उसकी आंख लग गई।
इसी दौरान वार्ड में तैनात सुरक्षा गार्ड ने दुलेश्वर को डांटते हुए बाहर जाने को कहा। इस पर दुलेश्वर ने सहज भाव से सिर्फ इतना कहा कि वार्ड में बाकी लोग भी हैं, उन्हें भी बाहर निकालो। बस इतनी सी बात वहां मौजूद कैंटीन स्टाफ को इतनी नागवार गुजरी कि वे आपे से बाहर हो गए। यह ज्यादा बात कर रहा है कहते हुए कैंटीन में खाना बनाने वाले और अन्य कर्मचारी एक राय होकर प्रसूति वार्ड के भीतर ही घुस आए।
शिकायत के मुताबिक भीड़ में शामिल एक महिला कर्मचारी ने सबसे पहले पीडि़त पिता का कॉलर पकडक़र उसे खींचना शुरू किया। इसके तुरंत बाद मोंटू नामक आरोपी ने अश्लील और गंदी गालियां देते हुए दुलेश्वर पर लात-मुक्कों की बरसात कर दी। जब मारपीट हो रही थी, तब मासूम नवजात बच्ची पिता की गोद में ही थी।
इस अचानक हुए हमले में पीडि़त के बाएं कंधे पर गंभीर चोटें आई हैं। मौके पर मौजूद पीडि़त की सास कविता और रिश्तेदार पायल ने किसी तरह बीच-बचाव कर दुलेश्वर और नवजात बच्ची को बचाया। महासमुंद कोतवाली थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों के खिलाफ धारा 115-2, 296 और 3-5 दर्ज किया गया है।


