महासमुन्द
जिला अस्पताल में कमी वाले उपकरणों की जल्द खरीदी होगी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद, 7 नवम्बर। महासमुंद में अब नए सिरे से मेडिकल कालेज का दर्जा दिलाने की तैयारी की जा रही है। मेडिकल कॉलेज संबद्ध जिला अस्पताल के सह अधीक्षक डॉ.अलख राम वर्मा के मुताबिक अभी अस्पताल की मूलभूत सुविधाओं को विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
अभी सर्जरी से डॉ. मानिक लाल, बायोकेमेस्ट्री से डॉ. तृप्ति बरडिया, पैथोलॉजी से डॉ. काजल, माइक्रोबायोलॉजी की डॉ. निजा, मेडिसिन से डॉ. आरती भगत व डॉ. प्रकाश जायसवाल, शिशुरोग से डॉ. स्नेहा ध्रुव, अस्थिरोग से डॉ. रजत, ईएनटी से डॉ. उषा आर्मो, स्त्रीरोग से डॉ. भवानी भगत व डॉ. प्रतिमा व सर्जरी से डॉ. प्रतीक को महासमुंद शासकीय मेडिकल कॉलेज में नए सहायक प्राध्यापक के रूप में नियुक्त किया है। इन प्राध्यापकों के ज्वाइन करते ही जिलेवासियों को मेडिकल कॉलेज संबद्ध जिला अस्पताल में अधिक सुविधाएं मिल पाएंगी। इन प्राध्यापकों में 2 सर्जरी, 2 प्रसूती और स्त्रीरोग विशेषज्ञ, 2 मेडिसीन, शिशुरोग विशेषज्ञ और ईएनटी विभाग के एक्सपट्र्स शामिल हैं। प्रोफेसर्स के ज्वाइन करने से जल्द ही जिला अस्पताल आने वाले मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिलेगी। वहीं अधिक एक्सपर्ट होने से समय पर बेहतर इलाज मरीजों को मिल सकेगा।
मालूम हो कि महासमुंद जिला अस्पताल में जनपद के साथ ही गरियाबंद और बलौदाबाजार जिले के सरहदी इलाकों से भी बड़ी संख्या में मरीज इलाज को आते हैं। जिला अस्पताल में ही एक्सपर्ट होने से मरीजों को बड़े शहरों में इलाज के लिए नहीं जाना पड़ेगा। ज्ञात हो कि नेशनल मेडिकल काउंसिल ने महासमुंद मेडिकल कॉलेज को मान्यता नहीं दी है, जिसके चलते कॉलेज को मिले प्रोफेसर्स साल भर अध्यापन कार्य तो नहीं कर पाएंगे, लेकिन अस्पताल में अपनी सेवाएं जरूर प्रदान करेंगे। इससे जिलेवासियों को 24 घंटे सभी इमरजेंसी सुविधाएं प्राप्त होंगी।
वर्तमान में जिला अस्पताल में 2 स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं, इसमें से संविदा में हैं और 1 रेगुलर। पिछले दिनों रेगुलर स्त्री रोग विशेषज्ञ मातृत्व अवकाश पर चली गई थी, जिसके चलते जिले की प्रसूताओं को सीजर डिलीवरी के लिए निजी अस्पताल या फिर राजधानी जाने की जरूरत पड़ती थी। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने एक सेवानिवृत्त विशेषज्ञ को नियुक्त किया। अभी चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा मिले 2 और स्त्री रोग विशेषज्ञ से संस्थागत प्रसव की सुविधा और अच्छी होगी और लोगों को भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
मेडिकल कॉलेज को मिले 12 प्राध्यापकों के ज्वाइन करने से जिला अस्पताल की क्षमता में काफी इजाफा होगा। सभी विभाग में ज्यादा विशेषज्ञ होने से लोगों को ज्यादा इंतजार भी नहीं करना होगा और उन्हें जल्द से जल्द उपचार मिल पाएगा।
अस्पताल प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार अस्पताल के इंफ्रास्ट्रक्चर को भी डेवलप किया जाएगा, ताकि रोजाना ज्यादा से ज्यादा मरीजों को अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। हाल ही में मेडिकल कॉलेज को 2 सर्जरी के एक्सपट्र्स भी मिले हैं। इन विशेषज्ञों के चलते अस्पताल में अब किसी भी बड़ी सर्जरी के लिए लोगों को भटकने की जरूरत नहीं होगी। जिले के मरीज सर्जरी संबंधी सुविधा जिला अस्पताल में ही अच्छी सर्जरी की सुविधा जल्द से जल्द हासिल कर पाएंगे। इससे अब जिला अस्पताल में सर्जरी की क्षमता भी बढ़ेगी। पिछले महीने ही अस्पताल प्रबंधन ने जिला अस्पताल में 5 और नए ऑपरेशन थिएटर बनाने के लिए प्र


