महासमुन्द

धान बेचने से वंचित किसान कलेक्टोरेट घेरने निकले, पुलिस ने रोका, वापस लौटे
05-Feb-2026 4:06 PM
धान बेचने से वंचित किसान कलेक्टोरेट  घेरने निकले, पुलिस ने रोका, वापस लौटे

किसानों का सवाल-जहां-जहां आंदोलन हुआ वहां 100 फीसदी लिमिट बढ़ी, शेष किसान कहां जाएं ?

‘छत्तीसगढ़’  संवाददाता

महासमुंद, 5 फरवरी। महासमुंद जिले में 11 हजार 192 किसान ऐसे हैं, जिनका धान नहीं खरीदा जा सका है। समय पर टोकन न कटना और सोसायटी के मॉड्यूल में रकबा शो न होना किसानों के लिए जी का जंजाल बन गया है। रकबा सुधार करवाने के लिए किसान तहसील कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन समाधान हो पा रहा है।  जिले के अनेक ब्लॉकों में धान विक्रय को लेकर किसानों के आंदोलन के बाद कुछ सोसायटियों में 100 फीसदी लिमिट के साथ समय बढ़ाया गया। लेकिन बरोंडाबाजार सोसायटी में लिमिट नहीं बढ़ाया गया। इस बात को लेकर बरोंडाबाजार के 30-35 किसान कल कलेक्टोरेट में प्रदर्शन के लिए बरोंडाबाजार से निकले थे लेकिन प्रशासन और पुलिस की टीम ने कलेक्टर निवास के पूर्व ही उन्हें रोक दिया। ऐसे में गुस्साए किसानों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरे धान के साथ लिमिट बढ़ाने की मांग को लेकर कलेक्टोरेट निवास के 100 मीटर दूर धरने पर बैठ गये।

किसानों ने बताया कि बरोंडा सोसायटी में 2 दनों में 5146 क्विंटल बिकना है। लेकिन लिमिट 15 सौ क्विंटल की है। ऐसे में शेष धान को कैसे बेचेंगे। किसानों का आरोप है कि किसानों के पास जितना धान है, उतने धान के स्थान पर आधा या एक तिहाई धान को ही सत्यापित कर ऑनलाइन चढ़ाया जा रहा है। इससे अब एक बार फिर किसानों को अपनी शेष उपज को विक्रय के लिए चिंता सताने लगी है। जुगनू ने बताया कि एक किसान को कुल 116 क्विंटल धान बेचना था। लेकिन मात्र 40 क्विंटल की ही सत्यापित कर ऑनलाइन चढ़ाया गया। वहीं, बेमचा के किसान को 454 क्विंटल बेचना था, 254 क्विंटल चढ़ाया गया।

          कल धरने के वक्त तहसीलदार जुगल किशोर पटेल ने सभी किसानों का धान लेने का आश्वासन दिया, तब जाकर किसान शांत हुए। वहीं दूसरी ओर खरीदी केंद्रों सोसायटियों का हाल भी बेहाल है। डीओ कटने के बावजूद मिलर्स द्वारा धान का उठाव बेहद सुस्त है। केंद्रों में धान का अंबार लगा है और अब नई खरीदी के लिए जगह ही नहीं बची है। प्रबंधकों का कहना है कि अगर उठाव में तेजी नहीं आई, तो बचे हुए किसानों का धान रखना नामुमकिन होगा। उठाव करने के लिए 551757.40 टन धान उठाव करने डीओ जारी किया गया है। इनमें से अब तक केवल 311981.42 टन उठाव हुआ है। अभी भी 239775.98 टन धान का उठाव बाकी है।


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