महासमुन्द

मनरेगा बचाओ संग्राम: ग्रामीणों के बीच कांग्रेसी
05-Feb-2026 4:14 PM
मनरेगा बचाओ संग्राम: ग्रामीणों के बीच कांग्रेसी

 कहा-मनरेगा का नाम बदलना दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई

‘छत्तीसगढ़’  संवाददाता

महासमुंद, 5 फरवरी। ग्राम कछारडीह में बुधवार को मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत ग्रामीणों के बीच कांग्रेसजन पहुंचे। कांग्रेस जनों ने ग्रामीणों को भाजपा की मोदी सरकार द्वारा दुर्भावना पूर्वक मनरेगा को खत्म करने के लिए की जा रही कोशिशों को बताया।

कांग्रेस जनों ने कहा कि मनरेगा का नाम बदलना दुर्भावना पूर्ण कार्रवाई है। बीबी जी राम जी योजना में कहीं भी भगवान राम का नाम नहीं है। राम का सहारा लेकर गरीबों के कम अधिकार छीना जा रहा है। पहले मनरेगा में 100 दिन की रोजगार की गारंटी थी। अब रोजगार मिलेगा या नहीं इसकी ही गारंटी नहीं है। पहले काम का अधिकार हर गरीब परिवार को मिलता था। लेकिन अब गांवों में कहा काम देना है और किस ग्राम को काम नहीं देना है सब केंद्र सरकार तय करेगी। पहले मनरेगा का पूरा पैसा केंद्र से आता था, अब 60 प्रतिशत केंद्र और 40 प्रतिशत राज्य पर निर्भरता डाल दिया गया है। इससे राज्यों को करोड़ों का वित्तीय भार उठाना पड़ेगा। जिससे राज्य और कर्ज में डूब जाएगा। राज्य के पास फंड नहीं होने पर काम बंद हो जाएगा। रोजगार गारंटी का अस्तित्व मिटाने के लिए मोदी सरकार की यह बड़ी साजिश है।

इस अवसर पर प्रमुख रूप से कार्यक्रम प्रभारी लक्ष्मण पटेल पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष, संयोजक रमन सिंह ठाकुर, पूर्व जिला पंचायत सभापति अमर अरुण चंद्राकर सहित सैकड़ों कांग्रेसी व ग्रामीण जन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।


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