महासमुन्द

जिले से पलायन करने वालों का रिकार्ड अब ऑनलाइन रखा जाएगा-राजपूत
11-Sep-2021 9:41 PM
जिले से पलायन करने वालों का रिकार्ड अब ऑनलाइन रखा जाएगा-राजपूत

महासमुंद, 11 सितम्बर। जिले से पलायन करने वालों का रिकार्ड अब ऑनलाइन रखा जाएगा। यानी पूरी जानकारी वेबसाइट में फिट रहेगी। इसमें मजदूर यदि प्रदेश के बाहर रोजगार के लिए जा रहा है, तो उसे कौन ले जा रहा है, कहां ले जा रहा है, मजदूर के साथ उसके परिवार के लोग शामिल हैं या नहीं? यह रिकार्ड प्रतिदिन के हिसाब से रखा जाएगा। पलायन को लेकर वेबसाइट व एप भी बनाया गया है। इस काम के लिए मोर्हरिरों को 13 सितंबर से प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

मालूम हो कि महासमुंद जिले में हर साल हजारों मजदूर रोजी-रोटी की तलाश में दूसरे प्रदेश की ओर पलायन करते हैं। उनके जाने से लेकर वापस आने तक का रिकॉर्ड न तो पंचायत के पास होता है और न ही श्रम विभाग के पास। यही कारण है कि अब श्रम विभाग के द्वारा ऐसी व्यवस्था बनाई गई है कि मजदूर के पलायन करने की पूरी खबर पंचायत, नगर पालिका, नगर पंचायत व श्रम विभाग को होगी। इसमें मजदूर के परिवार की भी जानकारी श्रम विभाग व पंचायत के पास रहेगी। इसके लिए श्रम विभाग की ओर से एक वेबसाइट तैयार की गई है। जिसके माध्यम से जिले के मजदूर जो पलायन करते हैं, उनका रिकार्ड तैयार किया जाएगा। 

इस संबंध में श्रम विभाग के अधिकारी डीके राजपूत ने कहते हैं कि पलायन करने वाले मजदूरों का रिकार्ड ऑनलाइन किया जाएगा। मजदूर के साथ उनके पूरे परिवार की जानकारी और वे कहां-कहां काम कर रहे हैं, ये सारी जानकारियां वेबसाइट पर अपलोड रहेगी। पंचायत की ओर से इसे अपडेट किया जाएगा। मजदूरों की जानकारी एकत्रित की जा रही है। पलिका, नगर पंचायत व पंचायतों को यूजर व पासवर्ड दिया गया है। उन्होंने बताया कि वैश्विक महामारी कोरोना काल में मजदूरों की वापसी और व्यवस्था बनाने में विभाग को भारी परेशानी हुई है। वहीं मजदूरों को भी वापस आने में परेशानियों का सामना करना पड़ा है। इसी के मद्देनजर इस बार सभी मजदूरों का रिकार्ड ऑनलाइन किया जा रहा है। इससे विभाग व मजदूरों को वापस लाने में परेशानी नहीं होगी। शहर के मजदूरों का रिकार्ड अब नगरीय निकाय रखेगा। इन्हें भी यूजर आईडी व पासवर्ड लॉगिन के लिए श्रम विभाग के द्वारा दे दिया गया है।

पूर्व प्रचलित नियम के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले मजदूर जब दूसरे प्रदेशों की ओर पलायन करते थे, तब उनकी जानकारी पंचायत स्तर पर रखी जाती थी। यह काम व्यवस्थित तरीके से नहीं होने के कारण मजदूरों के पलायन होने की जानकारी नहीं लग पाती थी। दूसरी ओर शहरी क्षेत्रों के गरीब लोग भी पलायन करते हैं, लेकिन शहरी क्षेत्र से पलायन करने वालों का कोई रिकार्ड नहीं रखा जाता था। 
 


अन्य पोस्ट