महासमुन्द
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद, 9 सितम्बर। विकासखण्ड साक्षरता मिशन प्राधिकरण महासमुंद के द्वारा अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर पढऩा-लिखना अभियान के तहत सर्वे कार्य करने वाले शिक्षकों, अनुदेशकों एवं असाक्षर प्रशिक्षार्थियों का सम्मान समारोह एवं संगोष्ठी का आयोजन नवकिरण अकादमी महामसुंद में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि संसदीय सचिव एवं महासमुंद विधायक विनोद चन्द्राकर एवं अध्यक्ष जनपद पंचायत महासमुंद के अध्यक्ष यतेंद्र साहू थे।
मुख्य अतिथि विनोद चंद्राकर ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा साक्षरता मिशन प्राधिकरण के माध्यम से पढऩा-लिखना अभियान के तहत 15 वर्ष से अधिक उम्र के असाक्षरों को साक्षर बनाने के लिए संकल्पित है। इसके तहत साक्षर बनाने के साथ-साथ लोगों में सोच चिंतन करने की क्षमता विकसित करना भी है। आज हमारी वृद्ध माताएं साक्षर होकर समाचार पत्र पढक़र देश दुनिया की जानकारी प्राप्त कर साझा कर रहे हैं। साक्षर व्यक्ति की वैचारिक क्षमता समृद्ध होती है। यह पढऩा-लिखना अभियान की उपलब्धि है। इस अभियान से जुडक़र असाक्षर साक्षर हो रहे हैं और इस अभियान को सफल बना रहे हैं। साक्षरता के जिला परियोजना अधिकारी रेखराज शर्मा एवं विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी एम पी साहू ने भी अपना विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर बीआरसीसी जागेश्वर सिन्हा, नोडल अधिकारी खेमीन साहू, समन्वयक भारती सोनी, पीताम्बर पाठक, पवन साहू, रसीद कुरैशी, मनोज साहू, आशीष साहू, प्रदीप यादव, महेश्वर यादव, केशव साहू, भुनेश्वर साहू, समस्त शिक्षक, अनुदेशक एवं साक्षर प्रशिक्षार्थी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन ईश्वर चन्द्राकर एवं आभार प्रदर्शन सहायक विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी गजेंद्र ध्रुव ने किया।


