महासमुन्द
अभी भी रुठा है मानसून, जिले में महज 108 मिमी ही बरसे बादल
बारिश नहीं हुई तो सूखे की आशंका
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद, 3 सितम्बर। उमस और गर्मी से बच्चे परेशान बच्चे इन दिनों गर्मी के मौसम की तरह कोडार नहर में छोड़े गए पानी में नहाकर आनंद ले रहे हैं। बारिश के लिए अनुकूल मौसमी तंत्र नहीं बनने और कई बार कमजोर रहे सिस्टम के कारण इस साल अगस्त महीना सूखा रहा। पिछले साल के मुकाबले इस साल जिले में अगस्त महीने में केवल 108 मिमी ही बारिश हुई, जबकि पिछले साल अगस्त महीने में ही 484 मिमी बादल बरसे थे। बारिश नहीं होने के कारण इस साल सूखे की आशंका जताई जा रही है। कृषि विभाग के अधिकारियों का भी कहना है कि यदि एक सप्ताह के भीतर अच्छी बारिश नहीं हुई तो फसलों के चौपट होने की संभावना है।
मौसम विभाग के अधिकारियों की मानें तो सितंबर में बेहतर बारिश का पूर्वानुमान है। इस पूर्वानुमान के बाद से किसानों के बीच उम्मीद जगी है, लेकिन बारिश नहीं हुई तो इस बार अकाल की स्थिति हो सकती है। क्योंकि जिले में एक जून से अब तक केवल 612 मिमी बारिश जिले में हुई है। इस वक्त फसल के साथ बांधों की स्थिति भी खराब है। जिले के वृह्द, मध्यम व मिनी जलाशय इन दिनों भर जाते थे, वे अभी भी खाली है। अच्छी बारिश नहीं होने के कारण इस साल अगस्त महीने से ही किसानों के लिए बांधों से पानी छोड़ दिया है।
सितंबर महीने में अब इन बांधों से पानी मिलना मुश्किल होगा, क्योंकि निस्तारी के लिए भी पानी बचाकर रखा जाएगा। सितंबर महीने की शुरूआत हो गई है। उम्मीद लगा रहे हैं कि इस महीने अच्छी बारिश होगी, लेकिन दो दिन के आकड़ों पर नजर डाले तो जिले में 1.8 मिमी बारिश दर्ज की गई है।


