महासमुन्द

फुलझर कलेवा: दिव्यांग महिलाएं बना रहीं चीला, मिर्ची भजिया, गुलगुला
30-Jul-2021 6:52 PM
फुलझर कलेवा: दिव्यांग महिलाएं बना  रहीं चीला, मिर्ची भजिया, गुलगुला

दीवारों पर उकेरे गए हैं छत्तीसगढ़ की संस्कृति, लोकनृत्य के रंग

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद, 30 जुलाई।
जिले के बसना जनपद पंचायत के अंतर्गत जनपद पंचायत परिसर में स्थित फुलझर कलेवा में ज्योति महिला स्वसहायता समूह अरेकेल की दिव्यांग महिलाओं ने बिहान योजनांतर्गत विभिन्न प्रकार के व्यंजन बनाने के साथ-साथ समोसा, कचौड़ी, बड़ा, चीला, मिर्ची भजिया, डोसा, इडली, मुंगौड़ी, गुलगुला भजिया, चाय सहित अन्य प्रकार के छत्तीसगढ़ी व्यंजन बना रही हैं। महिलाओं ने फुलझर कलेवा की दीवालों पर छत्तीसगढ़ की संस्कृति, लोकनृत्य आदि को विभिन्ना रंगों के साथ उकेरा है। यहां लोग छत्तीसगढ़ी व्यंजन के साथ छत्तीसगढ़ की संस्कृति को भी निहारते हैं और प्रशंसा करते हैं। 

इन महिलाओं का कहना है कि रोजगार के सीमित संसाधनों में आजीविका चलाने का एक मात्र विकल्प स्वरोजगार ही है। आज भी समाज में महिलाएं घरों की चार दीवारी तक ही सीमित रहती है और उनको सिर्फ पारिवारिक जिम्मेदारियों के लिए समझा जाता है। मगर ऐसी बहुत सी महिलाएं है जो अपनी कार्यकुशलता एवं क्षमता के आधार पर अपना और अपने परिवार का नाम रोशन करने के साथ-साथ समाज के लिए भी एक प्रेरणा स्त्रोत हैं। हन बी चाहते हैं कि आनेवाली पीढ़ी के लिए हम एक प्रेरणा बन सकें।   

इनका कहना है कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक परम्पराओं को संरक्षित करते हुए पारम्परिक खान-पान, आहार एवं व्यंजनों से देश दुनिया को परिचित कराना भी एक उद्देश्य है। वर्तमान में लोगों के पास समय की जब कमी है तब छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का स्वाद लोगों को सुगमता पूर्वक उपलब्ध कराना, छत्तीसगढ़ी लुप्तप्राय विधि को जीवंत बनाए रखना जरूरी है। ज्योति महिला स्वसहायता समूह में पांच सदस्य हैं। इनके अध्यक्ष कुमारी देवांगन, सचिव श्याम बाई सिदार, सदस्य सुमन साव, उकिया भोई एवं चन्द्रमा यादव शामिल हैं। समूह की अध्यक्ष देवांगन ने बताया कि जनपद पंचायत के अधिकारियों ने उन्हें बिहान योजना के बारें में जानकारी दी तो यह जानकारी अच्छी लगी। इससे वे प्रेरित होकर अपने सहयोगियों के साथ सपनों को साकार करने का मन बनाया।
 


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