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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 15 जून। बस्तर संभाग की एक आदिवासी नाबालिग लड़की को दुर्लभ जेनेटिक बीमारी से पीड़ित पाए जाने के बाद उपचार के लिए एम्स रायपुर में भर्ती कराया गया है। बताया गया कि बाल संरक्षण आयोग की पहल पर बच्ची का रेस्क्यू कर उसे बेहतर इलाज उपलब्ध कराया गया।
बताया गया कि नाबालिग एक अत्यंत दुर्लभ आनुवंशिक (जेनेटिक) रोग से ग्रसित है, जिसके कारण उसकी त्वचा असामान्य रूप से मोटी और कठोर होती जा रही है। बीमारी के चलते शरीर के कई हिस्सों की त्वचा पत्थर जैसी सख्त और पेड़ की छाल जैसी दिखाई देने लगी है, जिससे उसे गंभीर शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
यह जानकारी मिलने पर राज्य बाल संरक्षण आयोग ने हस्तक्षेप करते हुए बच्ची को बस्तर से रायपुर लाने की व्यवस्था की। इसके बाद उसे एम्स रायपुर में भर्ती कराया गया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम उसकी जांच और उपचार में जुटी हुई है।
चिकित्सकों के मुताबिक बच्ची की बीमारी दुर्लभ श्रेणी की है और उपचार के लिए विशेषज्ञों की निगरानी में परीक्षण किए जा रहे हैं।


