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फूलबनी (ओडिशा), 15 जून। ओडिशा के कंधमाल जिले में एक किशोरी ने सूझबूझ का परिचय देते हुए जिला बाल सहायता हेल्पलाइन पर फोन कर 40 वर्षीय व्यक्ति से होने वाली अपनी शादी रुकवा दी। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि माता-पिता को जबरन विवाह नहीं कराने के लिए मनाने में असफल रहने के बाद किशोरी ने बाल सहायता हेल्पलाइन पर सूचना देने का विकल्प चुना।
कंधमाल जिला बाल हेल्पलाइन के सदस्य शिव शंकर बेहरा ने बताया कि 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली 17 वर्षीय किशोरी ने अपने माता-पिता द्वारा उसकी शादी कराने की योजना का कड़ा विरोध किया था, लेकिन उसकी बात नहीं सुनी गई। इसके बाद वह अपनी रिश्तेदार के घर चली गई।
बेहरा ने कहा, ‘‘रिश्तेदार के घर पहुंचने के बाद भी उस पर शादी के लिए दबाव बनाया जाता रहा और उसके माता-पिता चाहते थे कि वह विवाह के लिए अपने पैतृक गांव लौट आए। इसके बाद उसने बाल सहायता हेल्पलाइन पर फोन कर तत्काल संरक्षण की मांग की।’’
उन्होंने बताया कि सूचना मिलने के बाद हेल्पलाइन ने सारंगगढ़ थाने से संपर्क किया, जिसके बाद पुलिस अधिकारियों ने किशोरी को उसके रिश्तेदार के घर से सुरक्षित बाहर निकाला।
किशोरी को पहले सुरक्षित आश्रय और परामर्श के लिए स्थानीय वन-स्टॉप सेंटर ले जाया गया। इसके बाद उसे बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष पेश किया गया।
बेहरा ने कहा, ‘‘वह एक मेधावी छात्रा है और आगे पढ़ाई करना चाहती है। उसके साहस के लिए हम उसकी सराहना करते हैं।’’ (भाषा)


