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'छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 1 फरवरी। बिलासपुर के बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट पर यात्रियों की वर्षों पुरानी परेशानी अब धीरे-धीरे कम होने की उम्मीद जगी है। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार एयरपोर्ट टर्मिनल भवन के बाहर यात्री सुविधाओं से युक्त भवन का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। इस भवन में यात्रियों के बैठने और विश्राम के लिए प्रतीक्षालय व खुला शेड, एक कैंटीन तथा पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग तीन-तीन शौचालय बनाए जा रहे हैं।
प्रशासन के अनुसार निर्माणाधीन यात्री सुविधा भवन का कार्य लगभग दो महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके पूरा होते ही न केवल यात्रियों को बल्कि उन्हें छोड़ने और लेने आने वाले लोगों को भी बुनियादी सुविधाएं मिल सकेंगी।
गौरतलब है कि बिलासपुर एयरपोर्ट पर लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं का अभाव रहा है। नाइट लैंडिंग की सुविधा नहीं होने के कारण खराब दृश्यता में उड़ानें अक्सर विलंबित हो जाती हैं। ऐसे में यात्रियों को घंटों एयरपोर्ट परिसर में रुकना पड़ता है।
स्थिति यह थी कि टर्मिनल के बाहर न शौचालय थे, न पीने के पानी की व्यवस्था और न ही चाय-नाश्ते की कोई सुविधा। कुछ समय पहले एयर कनेक्टिविटी जन संघर्ष समिति द्वारा यात्रियों के पेड़ के नीचे बैठकर भोजन करने की तस्वीरें सार्वजनिक की गई थीं, जिसके बाद छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने इस मामले को संज्ञान में लेते हुए राज्य के मुख्य सचिव से हलफनामा भी तलब किया था।
एयर कनेक्टिविटी जन संघर्ष समिति ने सरकार से मांग की है कि उपलब्ध बजट होने के बावजूद लंबित भूमि हस्तांतरण, रनवे विस्तार और बाउंड्री वॉल निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा किया जाए। समिति का कहना है कि बिलासपुर एयरपोर्ट को कैटेगरी 4सी में विकसित करने के लिए समयबद्ध कार्ययोजना जरूरी है।
एयरपोर्ट सुविधाओं को लेकर जन संघर्ष समिति का आंदोलन शनिवार-रविवार को जारी रहा। धरना-प्रदर्शन में रवि बनर्जी, नारद श्रीवास, केशव गोरख, मनोज श्रीवास, बद्री यादव, देवेंद्र सिंह ठाकुर, राघवेंद्र सिंह ठाकुर, रामशरण यादव, साबिर अहमद, प्रतीक तिवारी, दीपक कश्यप, मझर खान, अभय नारायण राय, मनोज तिवारी, राशिद बख्श, अशुतोष शर्मा, अमर बजाज, शेख अल्फाज, परसराम कैवर्त, शिरीष कश्यप, रंजीत सिंह खनूजा, शिवा मुदालियार, अकील अली और सुदीप श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।


