ताजा खबर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रामानुजगंज, 1 फरवरी। डिजिटल और मोबाइल आधारित गणना के इस दौर में रामानुजगंज नगर के 72 वर्षीय व्यापारी कन्हैयालाल अग्रवाल आज भी बिना कैलकुलेटर या मोबाइल की सहायता के हिसाब-किताब करते हैं। वे लंबे समय से व्यापार से जुड़े हैं और मानसिक रूप से जोड़-घटाव, गुणा-भाग करने की क्षमता रखते हैं।
कन्हैयालाल अग्रवाल के अनुसार, उन्होंने अपने व्यापारिक जीवन की शुरुआत उस समय की थी जब कैलकुलेटर या डिजिटल उपकरण आम नहीं थे। उस दौर में लेन-देन का पूरा हिसाब मानसिक रूप से किया जाता था। लगातार अभ्यास के कारण यह क्षमता विकसित होती चली गई।
उन्होंने बताया कि वे शुरू से ही हिसाब-किताब दिमाग से करने के अभ्यस्त रहे हैं और आज भी बड़ी रकम की गणना बिना किसी उपकरण के कर लेते हैं। कई लोग उनकी इस क्षमता को देखकर उन्हें ‘चलता-फिरता कैलकुलेटर’ कहकर संबोधित करते हैं।
कन्हैयालाल अग्रवाल का कहना है कि मानसिक गणना से स्मरण शक्ति और एकाग्रता पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। वे युवाओं को सलाह देते हैं कि तकनीक का उपयोग आवश्यक है, लेकिन उस पर पूरी तरह निर्भर रहना उचित नहीं है। उनके अनुसार, नियमित मानसिक अभ्यास से मस्तिष्क सक्रिय रहता है।
नगरवासियों के अनुसार, कन्हैयालाल अग्रवाल लंबे समय से व्यापार कर रहे हैं और अनुशासन तथा आत्मनिर्भरता को महत्व देते हैं। उनका मानना है कि उनकी कार्यशैली नई पीढ़ी के लिए सीख का विषय है।




