कोण्डागांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
केशकाल, 13 जुलाई। राज्य में इस बार किसानों को खाद की अनुपलब्धता के कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एक ओर जहां किसानों को समय से खाद नहीं मिलने के चलते धान बुवाई में देरी हो रही है, वहीं किसानों को दो तरफा महंगाई की मार भी झेलनी पड़ रही है।
राज्य में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं होने के कारण प्रदेश के सभी लेम्प्स में शासकीय योजनाओं के तहत किसानों को जो यूरिया, डीएपी सहित अन्य रासायनिक खाद मिलता था, वह भी नहीं मिल पा रहा है। वहीं संबंधित विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के चलते बड़ेराजपुर ब्लॉक के ग्राम कोरगांव और बॉसकोट लैम्प्स में एमपीके 12-32-16 खाद जिसका उत्पादन दिनांक मार्च 2014 का भंडारण किया गया है। हालांकि क्षेत्र के किसान यह खाद खरीदने के लिए साफ इंकार कर रहे हंै। किसानों का कहना है कि वर्ष 2014 में उत्पादित यह खाद लगभग 7 साल पुराना होने के चलते फसलों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है।
इस विषय पर जनपद पंचायत सदस्य व किसान विनोद नाग ने कहा कि अधिकारियों की लापरवाही के चलते 2014 का एमपीके खाद सप्लाई किया गया है, 7 साल पुराना होने के कारण हमारे किसान भाई यह खाद लेने से मना कर रहे हैं। मैं शासन-प्रशासन को बताना चाहता हूं कि बारिश के मौसम के साथ खेती-किसानी का काम चल रहा है। इसके लिए खाद बहुत महत्वपूर्ण है अत: सभी किसानों के लिए सरकार जल्द से जल्द डीएपी व यूरिया खाद मुहैय्या करवाये।
इसी तरह कोरगांव लैंप्स प्रभारी रामभरोस जैन ने बताया कि हमने यूरिया के लिए आरओ काटकर दिया था, लेकिन गोदाम से हमें 2014 का एमपीके 12-32-16 खाद की सप्लाई भेजी गई है। हमारे लेम्प्स अंतर्गत आने वाले सभी किसान यह खाद लेने से इंकार कर रहे हैं। जिसके चलते उच्चधिकारियों को पुन: पत्राचार किया गया है।
कृषि विभाग के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी चंद्र कश्यप ने बताया कि केशकाल के गोदाम में भंडारण किये गए एमपीके 12-32-16 खाद की सप्लाई कोरगांव लैम्पस में 263 बैग व बॉसकोट में 350 बैग दिये गए हैं। किसानों की मनाही पर हमने लेम्प्स प्रभारियों को खाद बेचने से मना कर दिया है, जल्द ही यूरिया व डीएपी खाद उपलब्ध होगा।
इस तरह जिला विपणन अधिकारी जयदेव सोनी ने बताया कि क्षेत्र में डीएफई यूरिया की कमी है, चूंकि एनपीके खाद कुछ हद तक यूरिया की कमी पूरी करता है, इसलिए किसान इसे उपयोग सकते हैं। हमारे द्वारा इस खाद का कृषि विभाग से विश्लेषण भी कराया गया है जो कि पूर्णत: सही पाया गया है।
यदि किसान चाहे तो एनपीके खाद ले सकते हैं और यदि नहीं लेना चाहते तो कुछ दिन इंतजार करने पर डीएपी व यूरिया भी उपलब्ध हो जाएगा। नया स्टॉक आते ही कृषि विभाग के अधिकारियों व लेम्प्स प्रबंधन को जानकारी दे दी जाएगी।


