कोण्डागांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोण्डागांव, 7 जनवरी। कोण्डागांव स्थित भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय अटल सदन में 7 जनवरी को प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से केशकाल विधायक नीलकंठ टीकाम, भाजपा जिला अध्यक्ष सेवक राम नेताम, प्रदेश प्रवक्ता, नगरपालिका अध्यक्ष नरपति राम पटेल, कोण्डागांव मंडल अध्यक्ष कुलवंत सिंह चहल, युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष नागेश देवांगन, मनोज जैन, जितेंद्र सुराना सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
प्रेस वार्ता के दौरान केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित विकसित भारत - रोजगार व आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) (ङ्कक्च–त्र क्र्ररू त्र) को लेकर विस्तार से जानकारी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि इस मिशन का उद्देश्य हर गरीब को सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराना है, विशेषकर गरीब, जनजाति और पिछड़े वर्ग के लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। यह योजना विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप ग्रामीण विकास का नया ढांचा तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है ।
भाजपा नेताओं ने बताया कि नई योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को हर वर्ष 125 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलेगी, वहीं वन क्षेत्रों में कार्य करने वाले एसटी श्रमिकों को 25 दिन अतिरिक्त रोजगार का प्रावधान किया गया है। प्रेस वार्ता में यह भी कहा गया कि मनरेगा पर अब तक कुल 11.74 लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जिसमें से 8.53 लाख करोड़ रुपये का व्यय मोदी सरकार के कार्यकाल में हुआ है। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासनकाल में योजनाओं के नामकरण में पारदर्शिता नहीं थी और अधिकांश योजनाओं के नाम एक ही परिवार के नाम पर रखे गए, जबकि वर्तमान सरकार में नाम नहीं, काम बोलता है की नीति पर कार्य किया जा रहा है ।
इस अवसर पर यह भी बताया गया कि नए कानून में जल संरक्षण, ग्रामीण बुनियादी ढांचे का निर्माण, आजीविका से जुड़े संसाधनों का विकास और खराब मौसम के कारण कार्य में आने वाली बाधाओं को कम करने पर विशेष फोकस किया गया है। साथ ही बुआई और कटाई के मौसम में 60 दिन कार्य रोकने का प्रावधान कर किसानों और मजदूरों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है ।
प्रेस वार्ता के अंत में भाजपा नेताओं ने कहा कि यह मिशन ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है और इसके माध्यम से गांव, गरीब और किसान को सीधे लाभ मिलेगा।


